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बलौदा बाजार अग्निकांड में कांग्रेस का हाथ - मंत्रियों ने किया खुलासा 12-Jun-2024
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के कलेक्टर कार्यालय को आग के हवाले करने के मामले में छत्तीसगढ़ शासन के तीन मंत्रियों ने आज पत्रकार वार्ता लेकर मीडिया के सामने खुलासा किया है कि इस अग्निकांड में कांग्रेस का हाथ है | रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री टंक राम वर्मा, मंत्री दयाल दास बघेल एवं मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि बलोदा बाजार शासकीय कार्यालय में हुए अग्निकांड में कांग्रेस के विधायकों का हाथ है | मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा की विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रमाणों में स्पष्ट नजर आ रहा है कि विधायक देवेंद्र यादव एवं एक महिला विधायक मंच पर विराजमान है, मंत्री दयाल दास बघेल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि एक षड्यंत्र के तहत कांग्रेस ने सतनामी समाज को उकसाने का काम किया है, मंत्री दयाल दास बघेल ने यह भी कहा कि 15 हजार लोगों के लिए खाने की व्यवस्था वहां की गई थी और इसमें अधिकांश लोग बाहरी व्यक्ति थे | इस घटना में लिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी की संख्या के बारे में मंत्री ने स्पष्ट तौर पर तो नहीं बताया परंतु यह जरूर कहा कि किसी को बक्शा नहीं जाएगा न्यायिक जांच के आदेश मुख्यमंत्री द्वारा दे दिए गए हैं और इस आगजनी में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई आरोपियों से की जाएगी | अब देखने वाली बात यह है कि इस बड़े अग्निकांड के लिए कब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और मंत्रियों द्वारा जो आरोप कांग्रेसी विधायकों पर लगाए गए हैं उनकी गिरफ्तारी कब तक हो पाती है ? पत्रकार वार्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के भाजपाई मंत्रियों ने कांग्रेस के विधायकों के नाम के साथ उन पर इस अग्निकांड और तोड़फोड़ के आरोप लगाकर कांग्रेस को घेरे में लिया है| यहां यह बताना भी जरूरी है कि छत्तीसगढ़ शासन के तीन-तीन मंत्रियों ने पत्रकार वार्ता में यह कबूल किया है कि 15000 की संख्या से ज्यादा आंदोलनकारी वहां एकत्रित हो गए थे, वहां एक बहुत बड़ा पंडाल लगाकर 15 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी | अब सवाल यह उठता है कि जब वहां आंदोलन होना था और 15000 लोगों के खाने की व्यवस्था आयोजनों द्वारा की गई थी और यह आयोजक कौन थे यह तो शासन को पहले से पता होना चाहिए था ? साथ ही 15000 की संख्या से ज्यादा आंदोलनकारी वहां क्या करने वाले थे इस मामले में मंत्रियों के पास कोई जवाब नहीं था | जब उनसे पूछा गया कि राज्य सरकार का सूचना तंत्र इस बात को जान क्यों नहीं पाया ? समय रहते राज्य सरकार के सूचना तंत्र ने अधिकारियों और मंत्रियों सहित मुख्यमंत्री को कुछ अनहोनी होने की घटना का अंदेशा क्यों नहीं व्यक्त किया ? तो मंत्री दयाल दास बघेल ने गोलमोल जवाब देकर सवाल को टाल दिया | अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह न्यायिक जांच कब तक पूरी होती है ? और तब तक सतनामी समाज को शासन प्रशासन किस तरह संतुष्ट कर पाएगा ? साथ ही इस घटना में लिप्त गिरफ्तार आरोपियों पर किस प्रकार की धाराएं लगाई जाएगी ? और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी ?


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