Top Story
नारायण साकार हरि ऊर्फ सूरजपाल जैसे सभी बाबाओं की संपत्ति की जांच करे सरकार 06-Jul-2024
सूरज पाल उर्फ नारायण साकार हरि जो अपने आप को भगवान कहता था, जो प्रलय लाने की बात करता था, जो कहता था कि उसके आश्रम के बोरिंग का पानी पीने से असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं, बीमारियां छूमंतर हो जाती है, जो कहता था सिर्फ उसे ही मानो, उसकी फोटो की पूजा करो, उसकी दिव्य चाय पियो और सुख प्राप्त करो, सभी भगवान को मानना छोड़ दो, उसके दरबार में मोबाइल प्रतिबंध, फोटो खींचना मना, वीडियो बनाना मना क्यों ? क्या छिपा रहा था दुनिया से ? बाबा भोले के नाम से अपने आप को भगवान मनवाने वाला यह तथाकथित सूरज पाल हाथरस हादसे के बाद कहां गायब हो गया ? कहां गई उसकी शक्ति ? क्यों नहीं उसे पता चला कि ऐसा हादसा होने वाला है ? क्यों नहीं उसने हादसे को रोका ? और क्यों नहीं हादसे के बाद मृत महिला पुरुष बच्चों को जिंदा किया और क्यों नहीं अपनी शक्ति से अपने घायल भक्तों का इलाज किया ? यह तो हुई बाबा की बात, अब बात करते हैं भक्तों की | भक्तों को भी सोचना चाहिए कि कहासुनी पर विश्वास न करें, क्योंकि इस तरह के ठग बाबा अपने ही लोगों को भीड़ के बीच में, गांव में और सोशल मीडिया में भ्रम फैलाने का ठेका देते हैं कि बाबा का आशीर्वाद मिलने से मुझे धन प्राप्त हुआ, बाबा के आश्रम का पानी पीने से मेरी बीमारी ठीक हुई और बाबा की चरण रज लेने से मेरी असाध्य रोग ठीक हो गए, और बाबा लॉकेट पहनने से मुझे कारोबार में फायदा हुआ और ऐसे ठेके पर काम करने वाले ठेकेदारों द्वारा फैलाए गए ब्रह्म के जाल में लोग जब फस जाते हैं तो फिर शुरू होता है बाबा का व्यापार| गंडा, ताबीज, लॉकेट, फोटो, आरती, पुस्तक बेचने का बड़ा व्यापार VIP मुलाकात के लिए जरूरतमंद की हैसियत देखकर 50 हजार, 1 लाख, 2 लाख, 5 लाख, 10 लाख इसके अलावा फ्रेंचाइजी बांटकर आश्रम खोलने के लिए चंदा इकट्ठा करने का बड़ा व्यापार, फर्जी बाबा के बड़े-बड़े आश्रम कैसे बने पैसा कहां से आता था कौन लोग थे जो बाबा को सहयोग करते थे किन-किन राजनीतिक दलों से बाबा का संपर्क था कौन-कौन राजनेता और अधिकारी बाबा को सहयोग करते थे बाबा के बैंक खातों की पड़ताल अगर यह सब किया जाए तो बाबाओं के गोरख धंधे का बड़ा पर्दाफाश होगा और सूरजपाल ही नहीं देश में जितने भी इस तरह के फर्जी बाबा जो अपने आप को भगवान समझते हैं और लोगों से धन इकट्ठा करते हैं बड़े-बड़े आश्रम बनाकर विलासिता वाला जीवन जीते हैं उन सब के बारे में पता कर उनकी भी चल अचल संपत्ति के साथ बैंक खातों का इतिहास सरकार को निकालना चाहिए | तब कहीं जाकर लोगों को पता चलेगा कि कोई भी बाबा भगवान नहीं होता उनके पास कोई दिव्य शक्ति नहीं होती अगर होती तो वह दान के रूप में राशि ना मांगते और अपनी ही दिव्य शक्तियों से अपना राज स्थापित करते |


RELATED NEWS
Leave a Comment.