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  • बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म - सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार का फैसला पलटा

    पीटीआई, नई दिल्ली। बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले और 2002 के गुजरात दंगों के दौरान उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के 11 दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने संबंधी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दोषियों को समय से पहले रिहा करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

    सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार का फैसला पलटा

    सोमवार को इस मामले में न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्‍ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की विशेष पीठ ने फैसला सुनाया। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी दोषियों की सजा में मिली छूट को रद्द कर दिया। गुजरात सरकार ने पिछले साल मामले में 11 दोषियों को रिहा किया था। अब कोर्ट के फैसले के बाद सभी 11 दोषियों को वापस जेल जाना होगा। पीठ ने गुजरात सरकार के फैसले को पलटते हुए कहा कि गुजरात राज्य द्वारा शक्ति का प्रयोग सत्ता पर कब्जा और सत्ता के दुरुपयोग का एक उदाहरण है। 

    दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों को रिपोर्ट करने का निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने सभी 11 दोषियों को दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। साथ ही पीठ ने कहा कि यह इस अदालत का कर्तव्य है कि वह मनमाने आदेशों को जल्द से जल्द सही करे और जनता के विश्वास की नींव को बरकरार रखे।

    गुजरात सरकार को लेकर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

    न्यायमूर्ति नागरत्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्लेटो ने कहा था कि सजा प्रतिशोध के लिए नहीं, बल्कि सुधार के लिए है। क्यूरेटिव थ्योरी के में सजा की तुलना दवा से की जाती है, अगर किसी अपराधी का इलाज संभव है, तो उसे मुक्त कर दिया जाना चाहिए। यह सुधारात्मक सिद्धांत का आधार है। लेकिन पीड़ित के अधिकार भी महत्वपूर्ण हैं। नारी सम्मान की पात्र है। क्या महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में छूट दी जा सकती है? ये वो मुद्दे हैं जो उठते हैं।

    जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "हम योग्यता और स्थिरता दोनों के आधार पर रिट याचिकाओं पर विचार करने के लिए आगे बढ़ते हैं। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद ये बातें सामने आती हैं: 1. क्या पीड़िता द्वारा धारा 32 के तहत दायर याचिका सुनवाई योग्य है? 2. क्या छूट के आदेश पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिकाएं मानने योग्य हैं।? 3. क्या गुजरात सरकार छूट आदेश पारित करने में सक्षम थी? 4. क्या दोषियों को छूट का आदेश कानून के अनुसार दिया गया?

    शीर्ष अदालत ने माना कि 13 मई, 2022 का फैसला (जिसने गुजरात सरकार को दोषियों को माफ करने पर विचार करने का निर्देश दिया था) अदालत के साथ "धोखाधड़ी करके" और भौतिक तथ्यों को छिपाकर प्राप्त किया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोषियों ने साफ हाथों से अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया था। यह देखते हुए कि राज्य (जहां अपराधी पर मुकदमा चलाया जाता है और सजा सुनाई जाती है) दोषियों की माफी याचिका पर फैसला करने में सक्षम है। शीर्ष अदालत ने कहा कि गुजरात ऐसा करने में सक्षम नहीं है।

    न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने 11 दिन की सुनवाई के बाद दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने संबंधी याचिकाओं पर पिछले साल 12 अक्टूबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए केंद्र और गुजरात सरकार को 16 अक्टूबर तक 11 दोषियों की सजा में छूट संबंधी मूल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने पिछले साल सितंबर में मामले की सुनवाई करते हुए पूछा था कि क्या दोषियों को माफी मांगने का मौलिक अधिकार है।

    बानो केस में गुजरात सरकार को लेकर SC की टिप्पणी

    शीर्ष अदालत ने पहले की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार से कहा था कि राज्य सरकारों को दोषियों को सजा में छूट देने में ‘‘चयनात्मक रवैया’’ नहीं अपनाना चाहिए और प्रत्येक कैदी को सुधार तथा समाज के साथ फिर से जुड़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।

    इस मामले में बिलकिस की याचिका के साथ ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता सुभाषिनी अली, स्वतंत्र पत्रकार रेवती लाल और लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा समेत अन्य ने जनहित याचिकाएं दायर कर सजा में छूट को चुनौती दी है। तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने भी दोषियों की सजा में छूट और समय से पहले रिहाई के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है।

  •  ईडी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कूटरचना कर लोगों को गिरफ़्तार कर रही है - Bhupesh baghel

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिस तरह से मेरा नाम लिखा है, वह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। ईडी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कूटरचना कर लोगों को गिरफ़्तार कर रही है और उनसे दबावपूर्वक मेरे और मेरे सहयोगियों के ख़िलाफ़ बयान दिलवा रही है। इन बयानों में जो पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं उनका कोई आधार नहीं है। जिस असीम दास के पास से रुपए बरामद हुए थे उसने जेल से अपने हस्तलिखित बयान में कह दिया है कि उन्हें भी धोखे में रखकर फंसाया गया है और उन्होंने कभी किसी राजनेता व उनसे जुड़े लोगों को पैसा नहीं पहुंचाया। अब ईडी दावा कर रही है कि उसने यह बयान भी वापस ले लिया है। यह किस दबाव में हो रहा है, उसे सब जानते हैं। अब सवाल यह है कि ईडी ने जिस दिन कथित रूप से असीम दास से रुपए बरामद किए थे उस घटना की पूरी रिकॉर्डिंग ईडी के पास है। इसका मतलब है कि पूरी घटना पूर्व नियोजित थी और इसका मतलब यही है कि इसकी कूटरचना ईडी ने ही की थी। ईडी ने दावा किया है कि चंद्रभूषण वर्मा ने भी अपना पहले का बयान वापस ले लिया है। हम तो शुरुआत से कह रहे हैं कि ईडी मारपीट से लेकर धमकी देने तक हर हथकंडे अपनाकर मेरा व मेरे सहयोगियों का नाम लेने का दबाव बना रही है। ईडी के नए दस्तावेज से यह और स्पष्ट हो गया है। महादेव ऐप के घोटाले की जाँच मैंने ही मुख्यमंत्री रहते हुए खुद शुरू की थी। मैं चाहता था कि इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो और युवाओं को जुआखोरी की ओर धकेल रहे इस अपराध पर रोक लगे। छत्तीसगढ़ सरकार की इस जाँच के आधार पर ही ईडी धन-शोधन का मामला बनाकर जाँच कर रही है लेकिन दुर्भाग्य है कि ईडी ने जाँच को अपराध की बजाय राजनीतिक दबाव व बदनामी का हथियार बना लिया है। महादेव ऐप के पूरे मामले को जिस तरह से राजनीतिक रंग दिया गया है उससे साफ है कि इसका उद्देश्य अब असली अपराधियों को बचाने और राजनीतिक दुष्प्रचार कर भाजपा को फायदा पहुँचाने का ही रह गया है।

  • ईडी की चार्जशीट राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा : भूपेश बघेल
    *ईडी की चार्जशीट राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा* रायपुर/06 जनवरी 2024। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिस तरह से उनका नाम लिखा है, वह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा है कि ईडी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कूटरचना कर लोगों को गिरफ़्तार कर रही है और उनसे दबावपूर्वक मेरे और मेरे सहयोगियों के खिलाफ बयान दिलवा रही है। उन्होंने कहा है कि इन बयानों में जो पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं उनका कोई आधार नहीं है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जिस असीम दास के पास से रुपए बरामद हुए थे उसने जेल से अपने हस्तलिखित बयान में कह दिया है कि उन्हें भी धोखे में रखकर फंसाया गया है और उन्होंने कभी किसी राजनेता व उनसे जुड़े लोगों को पैसा नहीं पहुंचाया। अब ईडी दावा कर रही है कि उसने यह बयान भी वापस ले लिया है। यह किस दबाव में हो रहा है, उसे सब जानते हैं। उन्होंने सवाल पूछा है कि ईडी ने जिस दिन कथित रूप से असीम दास से रुपए बरामद किए थे उस घटना की पूरी रिकॉर्डिंग ईडी के पास है। इसका मतलब है कि पूरी घटना पूर्व नियोजित थी और इसका मतलब यही है कि इसकी कूटरचना ईडी ने ही की थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि ईडी ने दावा किया है कि चंद्रभूषण वर्मा ने भी अपना पहले का बयान वापस ले लिया है। श्री बघेल ने कहा है कि हम शुरुआत से कह रहे हैं कि ईडी मारपीट से लेकर धमकी देने तक हर हथकंडे अपनाकर मेरा व मेरे सहयोगियों का नाम लेने का दबाव बना रही है। ईडी के नए दस्तावेज से यह और स्पष्ट हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महादेव ऐप के घोटाले की जाँच उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए खुद शुरू की थी। वे चाहते थे कि इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो और युवाओं को जुआखोरी की ओर धकेल रहे इस अपराध पर रोक लगे। छत्तीसगढ़ सरकार की इस जाँच के आधार पर ही ईडी धन-शोधन का मामला बनाकर जाँच कर रही है लेकिन दुर्भाग्य है कि ईडी ने जाँच को अपराध की बजाय राजनीतिक दबाव व बदनामी का हथियार बना लिया है। उन्होंने कहा है कि महादेव ऐप के पूरे मामले को जिस तरह से राजनीतिक रंग दिया गया है उससे साफ है कि इसका उद्देश्य अब असली अपराधियों को बचाने और राजनीतिक दुष्प्रचार कर भाजपा को फायदा पहुँचाने का ही रह गया है।
  • हाई कोर्ट बिलासपुर में मास्क, सेनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेसिंग  का उपयोग करने आदेश जारी
    छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर परिपत्र क्रमांक 03 (मिस.)/2024 II-14-1/2024 बिलासपुर, दिनांक 03 जनवरी 2024 छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायपालिका के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, वादकारियों आदि को सलाह दी जाती है कि वे मास्क, सेनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेसिंग आदि का उपयोग करें। एहतियाती उपाय के रूप में. माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार (अरविंद कुमार वर्मा) रजिस्ट्रार जनरल 03.01.2024 समाप्त. नहीं। 122/2024 बिलासपुर, दिनांक 03/01/2024
  • ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल समाप्त :हिट एंड रन केस पर नया नियम अभी लागू नहीं
    बिग ब्रेकिंग - *देशभर में ट्रांसपोटर की हड़ताल समाप्त,* केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक, सरकार और ट्रांसपोटर में सुलह, सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म, हिट एंड रन केस पर नया नियम अभी लागू नहीं, देशभर के ट्रांसपोरटर कि हड़ताल पर हुई बैठक, केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक, सरकार और ट्रांसपोटर के बीच सुलह, जल्द मामले में हल निकालने की उम्मीद, सरकार से आगे बातचीत रहेगी जारी, फिलहाल विवादित कानून नही है लागू, ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर की गृह सचिव से हुई मुलाकात - AITC
  • हिट एंड रन कानून सभी चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों पर है लागू
    *हिट एंड रन नामक नए कानून का मतलब सड़क पर किसी वहां या मनुष्य को टक्कर मारकर भाग जाना* इस नए कानून को संसद से मंजूरी मिलने के बाद पूरे देश भर के ट्रक एवं बस ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं क्योंकि भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के अंतर्गत सड़क चलते किसी वाहन या व्यक्ति को ठोकर मार कर भाग जाने अर्थात हिट एंड रन के मामलों में ड्राइवर को 10 साल तक की सजा हो सकती है और गाड़ी के मालिक को जुर्माना भी देना पड़ेगा | इस नए कानून को लेकर पूरे देश में ट्रक एवं बस ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं और इस नए नियम को लेकर बस एवं ट्रक मालिक भी चिंतित है | आम नागरिक यही सोच कर चल रहा है कि यह कानून ट्रक एवं बस ड्राइवर के लिए है परंतु इस नए संशोधित भारतीय न्याय संहिता 106 की धारा के अंतर्गत सभी चार पहिया एवं दो पहिया वाहन भी सम्मिलित हैं अर्थात कार एवं बाइक, स्कूटी, एक्टिवा के चालकों पर भी यही नियम लागू होगा | परंतु देश भर में सिर्फ भारी वाहन चालक ही इस मामले को लेकर हड़ताल पर हैं क्योंकि इस नए नियम के अनुसार यदि किसी भी वाहन से कोई टकराता है अर्थात कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होता है या गंभीर दुर्घटना के कारण किसी की जान जाने का खतरा है तो ऐसे में एक्सीडेंट करने वाला वाहन चालक यदि दुर्घटना के बाद भाग जाता है तो ऐसे वाहन चालकों पर हिट एंड रन का मामला दर्ज होगा और ऐसे वाहन चालकों को 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माना देने का प्रावधान किया गया है | राजधानी रायपुर के यातायात dsp गुरजीत सिंह कहना है कि यह कानून लोगों की जान बचाने के लिए सही है क्योंकि अधिकांश मामलों में दुर्घटना के बाद दुर्घटना करने वाला वाहन चालक दुर्घटना स्थल से भाग जाता है परंतु सूचना के अभाव में दुर्घटनाग्रस्त वाहन या व्यक्ति तत्काल इलाज न मिलने के कारण मौत के शिकार हो जाते हैं जबकि समय रहते यदि उसे उपचार मिल जाए तो मौत के आंकड़ों में बहुत कमी आएगी | यातायात डीएसपी गुरजीत सिंह ने बताया कि वाहन चालक दुर्घटना के बाद यदि मारपीट आगजनी या तोड़फोड़ के डर से दुर्घटना स्थल से भाग जाते हैं परंतु यदि वे कुछ दूर जाकर डायल 112 को सूचना दे दे तो दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बच सकती है और यह एक प्रकार से पुलिस को सूचना मानी जाती है और व्यक्ति या वाहन चालक हिट एंड रन भारतीय न्याय संहिता 106 की धारा की परिधि में नहीं आएगा | अब सवाल यहां यह उठता है कि इस नए कानून को लेकर देशभर में भारी वाहनों अर्थात ट्रैकों एवं बसों के पहिए रुक गए हैं, पेट्रोल डीजल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन रुक गया है जिसके कारण पेट्रोल डीजल की कमी के कारण पेट्रोल पंप सुन हो गए हैं और जिन पेट्रोल पंपों में पेट्रोल डीजल उपलब्ध है वहां वाहनों की लंबी-लंबी करें लगी हुई है , हड़ताल के कारण सब्जियां एवं अन्य सामग्रियां महंगे दामों पर बिक रही हैं | अनेक शहरों एवं मुख्य मार्गों पर चक्का जाम के कारण आवागमन बाधित हो रहा है | चार चालक एवं टू व्हीलर चलाने वाले इस बात से अनभिज्ञ है कि यह कानून उनके ऊपर भी लागू है | अब देखने वाली बात यह है कि देशभर के वाहन चालकों की हड़ताल से उपजी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारी क्या कदम उठाती हैं महंगाई पर किस तरह नियंत्रित करती हैं साथ ही जीवन रक्षक दवाएं साग सब्जी एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन कैसे करवाती हैं ? और देखने वाली बात यह है कि दूसरी तरफ कार चालक एवं दो पहिया चालक इस नए नियम को लेकर कितने चिंतित होते हैं ? और किस तरह इस नए यातायात नियम पर गंभीर होकर इसका पालन करते हैं ?
  • छत्तीसगढ़ के मंत्रियों में विभागों का हुआ बटवारा : किसे क्या मिला ?
    लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो ही गया | छत्तीसगढ़ शासन कार्य अपन नियम के नियम 4 के अनुसरण में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा प्रत्येक मंत्रियों के प्रभार में उनके नाम के सामने दिए गए विभाग की कार्य सूची जारी कर दी गई है| प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने पास सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्य कर अर्थात आबकारी, परिवहन एवं अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आमंत्रित ना हो रखे हैं | उप मुख्यमंत्री अरुण साहू को लोक निर्माण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विधि और विधाई कार्य एवं नगरी प्रशासन मंत्री के विभाग मिले हैं | दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को गिरि एवं जय पंचायत एवं ग्रामीण विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग दिए गए हैं | वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को स्कूली शिक्षा उच्च शिक्षा संसदीय कार्य धार्मिक न्यास एवं धर्मस्य पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बनाया गया है | रामविचार नेताम को आदिम जाति विकास अनुसूचित जाति विकास पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया है | मंत्री दयाल दास बघेल को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है | मंत्री केदार कश्यप को वन एवं जलवायु परिवर्तन जल संसाधन कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री की जवाबदारी मिली है | मंत्री लखन लाल देवांगन को वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग की जिम्मेदारी वाले विभाग मिले हैं | श्याम बिहारी जायसवाल को लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा 20 सूत्री कार्यक्रम वाले विभाग मिले हैं | पूर्व कलेक्टर मंत्री ओपी चौधरी को वित्त वाणिज्य कर आवास एवं पर्यावरण योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग दिए गए हैं | एकमात्र महिला मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़ों को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग आवंटित किया गया है | और मंत्री टैंक राम वर्मा को खेलकूद एवं युवा कल्याण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का मंत्री बनाया गया है | इस सूची को देखने से यह साफ जाहिर होता है कि मंत्रियों को विभागों का बंटवारा करने में समय क्यों लगा एक-एक विभाग के लिए लंबी खींचतान का अंदाजा लगाया जा सकता है बड़ी कशमकश चल रही थी कि किस मंत्री को कौन सा विभाग दिया जाए!
  • कैंसर पीड़ितों को UK के डॉक्टर कुलवंत सिंह धारीवाल देंगे राजधानी में निशुल्क परामर्श

    *विश्व कैंसर दिवस पर 1 जनवरी 2024 को वर्ल्ड कैंसर केयर के चेयरमैन डॉक्टर कुलवंत सिंह धारीवाल देंगे निशुल्क परामर्श* *गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहेब एवं शहीद भाई तारु सिंह फाऊंडेशन का संयुक्त आयोजन* कैंसर पीड़ित हर धर्म, हर वर्ग के लोग निशुल्क परामर्श शिविर का उठा सकते हैं लाभ* 1-जनवरी-24 को यूनाइटेड किंगडम के कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर रायपुर में* Would Cancer Care के चेयरमैन डा.कुलवंत सिंह धारीवाल कैंसर विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देने भारत पहुँच गए हैं , डा.कुलवंत सिंह धारीवाल माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से से विशेष भेंट के पश्चात नागपुर में कैंसर पीड़ितों से मिलेंगे तथा कैंसर से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे,

    नागपुर के बाद डॉक्टर कुलवंत सिंह धारीवाल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धन धन बाबा बुड्ढा जी साहेब गुरुद्वारा तेलीबांधा तालाब के सामने 1 जनवरी 2024 को शाम 07 से रात 09 बजे तक उपस्थित रहेंगे | इस दौरान वे कैंसर के मरीजों को उनकी देखभाल, खानपान तथा उनकी जांच संबंधित सलाह देंगे, कैंसर को पहचानने एवम बचाव की जानकारी देंगे तथा कैंसर मरीजों के सवालों के जवाब भी देंगे | कैंसर पीड़ितों से अनुरोध है कि वह यूके से आए कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर कुलवंत सिंह धारीवाल से कैंसर के इलाज से संबंधित समस्याओं के उचित इलाज की जानकारियों का लाभ लेने समय पर पहुंचे | विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आयोजित इस जन जागरूकता एवं सलाह का निशुल्क लाभ हर वर्ग के लोग उठा सकते हैं | गुरुद्वारा परिसर में गुरुद्वारा की मर्यादाओं का पालन करते हुए आने का अनुरोध आयोजकों द्वारा किया गया है |

    वर्ल्ड कैंसर केयर टीम के अध्यक्ष डॉक्टर कुलवंत सिंह धारीवाल (UK) रायपुर के समस्त गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रधानों एवं अन्य पदाधिकारीयों से कैंसर पीड़ितों के इलाज एवं अन्य विषयों पर विचार विमर्श करेंगे | CG 24 News - Sukhbir Singhotra
  • प्रेरणादायक है सिख समाज का गौरवशाली इतिहासः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*
    *प्रेरणादायक है सिख समाज का गौरवशाली इतिहासः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय* *माता सुंदरी स्कूल में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री* *मुख्यमंत्री ने साहिबजादों की याद में आयोजित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ* *वीर बाल दिवस पर गुरू गोविंद सिंह के बलिदान और उनके सुपुत्रों की शहादत को किया गया याद* रायपुर, 26 दिसंबर 2023/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वीर बाल दिवस के मौके पर रायपुर के कचहरी चौक पर स्थित माता सुंदरी पब्लिक स्कूल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्कूल में गुरू गोविंद सिंह के साहबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की याद में लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए वीर साहबजादों की तस्वीर पर दीप जलाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि वीर बाल दिवस पर गुरू गोविंद सिंह जी के परिवार के बलिदान और उनके सुपुत्रों की शहादत को याद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीर बाल दिवस के अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि आज हमारा सौभाग्य है कि हम सभी यहां वीर बाल दिवस मनाने एकत्र हुए हैं। आज का दिन गुरु गोविंद सिंह जी के दोनों साहिबजादों की शहादत का दिन है, जिन्होंने मुगलों के दबाव और यातनाओं बावजूद भी हार नहीं मानी और मात्र छह और नौ वर्ष की आयु में शहादत को स्वीकार किया जिसके लिए उन्हें दीवार में चुनवा दिया गया । मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज का इतिहास ऐसी ही कुर्बानियों से गौरवशाली बना हुआ है। श्री साय ने कहा कि भारत के ऐसे गौरवशाली इतिहास को लोगों के सामने लाने का काम हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। हम सभी को इस बात पर गर्व है कि देश दुनिया में साहिबजादों को याद रखने के लिए आज के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में दिन मनाने का ऐलान किया गया है। माता सुंदरी पब्लिक स्कूल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस स्कूल का नामकरण वीर साहिबजादों की मां माता सुंदरी के नाम पर हुआ है , इस संस्था को मेरी बहुत शुभकामनाएं हैं। यह स्कूल लगातार तरक्की करता रहे यही मेरी सुभेच्छा है। इस मौके पर श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में हमने जो भी वादा किया है, उसे हमारी सरकार जरूर पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि इस गारंटी के अंतर्गत ही हमारी सरकार बनते ही राज्य में हमने 18 लाख पात्र परिवारों को मकान देने का निर्णय लिया और सुशासन दिवस पर 12 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में 3700 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ट्रांसफर कर दिया है। वीर बाल दिवस के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि वो आज के दिन को वीर बालकों की शहादत की याद में वीर बाल दिवस के रूप में घोषित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस के आयोजनों में शामिल होने के लिए अन्य कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और सिर्फ वीर बाल दिवस में शामिल होने की सहमति दी। उन्होने कहा कि स्कूल के बच्चों को किस बात से प्रेरणा लेनी है, इस बात का निर्णय समाज को लेना होगा और बच्चों को बताना होगा कि दो छोटे बालकों ने कैसे निडर रहते हुए शहादत दे दी और दुश्मनों के आगे नहीं झुके। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने वीर बाल दिवस के अवसर पर सभी को बधाई देते हुए इसे पूरे देश में राष्ट्रीय आयोजन के रूप में मनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री अग्रवाल ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने अपने बच्चों को निडर रहने और दुश्मनों के सामने न झुकने की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि सिख समाज अपने सेवा, समर्पण और बलिदान और बहादुरी के लिए जाना जाता है। वीर बाल दिवस कार्यक्रम के अवसर पर सिख समाज की तरफ से मुख्यमंत्री को कृपाण और शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। स्कूल के बच्चों ने इस मौके पर शब्द कीर्तन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री श्री ओपी चौधरी के साथ ही विधायक गण, सिख समाज के प्रतिनिधी तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
  • वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जायेंगे गुरुद्वारा : अरदास में होंगे शामिल
    26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती के अवसर पर की थी | राष्ट्रीय दिवस के रूप में वीर बाल दिवस पर हर वर्ष एक बड़ा आयोजन करने के निर्देशों के तहत इस वर्ष भी 26 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहेबजादों की वीरता एवं बलिदान को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को इस बाबत पूरे प्रदेश में आयोजन की तैयारी के निर्देश दिए थे वह स्वयं भी 26 दिसंबर को गुरुद्वारों में जाकर माथा देखेंगे और साहबजादे की वीरता और बलिदान पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर बहादुर बच्चों को सम्मानित करेंगे और उन्हें चार साहबजादे की जीवनी को आत्मसात करने की प्रेरणा भी देंगे | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 26 दिसंबर को सुबह 11 बजे से 12 बजे तक रायपुर के तेलीबांधा स्थित बाबा बुड्ढा जी गुरुद्वारा में मत्था टेककर कीर्तन श्रवण करेंगे और अरदास में शामिल होंगे | इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी संगत को पढ़ कर सुनाएंगे| वीर बाल दिवस के विशेष आयोजन के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे तक खालसा स्कूल में माता सुंदरी इंग्लिश पब्लिक स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होंगे और बच्चों को पुरस्कृत करेंगे |
  •  गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की वीरता को किया जाएगा याद - वीर बाल दिवस

    26 दिसंबर: स्कूलों-कॉलेजों में मनाया जाएगा वीर बाल दिवस

    वीर बाल दिवस 2023’ पर क्विज़ आयोजित 

    https://www.youtube.com/watch?v=MZSjb5kmf5s

    गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की वीरता को किया जाएगा याद |

    शिक्षा मंत्रालय जनसहभागिता को बढ़ावा देने के तहत मकसद से माईजीओवी के सहयोग से ‘वीर बाल दिवस 2023’ पर क्विज़ आयोजित करने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले छात्रों और उम्मीदवारों को ई-सर्टिफिकेट भी मिलेगा 

     शिक्षण संस्थानों में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। बाल दिवस के माध्यम से छात्रों को गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की वीरता और बलिदान की जानकारी दी जाएगी।  

    शिक्षा मंत्रालय जनसहभागिता को बढ़ावा देने के तहत मकसद से माईजीओवी के सहयोग से ‘वीर बाल दिवस 2023’ पर क्विज़ आयोजित करने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले छात्रों और उम्मीदवारों को ई-सर्टिफिकेट भी मिलेगा।   

    बहुविकल्पीय पूछे जाएंगे प्रश्न
    वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस क्विज में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें से छात्र को एक ही उत्तर पर क्लिक करना होगा।

    क्विज में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और सभी प्रश्नों का उत्तर देना आवश्यक होगा। क्विज समयबद्ध तरीके से चलेगी। इसका मतलब है कि प्रतिभागियों को 300 सेकंड के भीतर 10 सवालों के जवाब देने होंगे।         
     
     
  • उप राष्ट्रपति जगदीप धनगढ़ से सीएम की मुलाकात
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शनिवार को सुबह नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति निवास पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुणसाव और विजय शर्मा भी थे।