यूपी के विकास पर केंद्र-राज्य का फोकस, शिवराज सिंह और योगी आदित्यनाथ ने तय किया रोडमैप

यूपी के विकास पर केंद्र-राज्य का फोकस, शिवराज सिंह और योगी आदित्यनाथ ने तय किया रोडमैप

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लखनऊ के योजना भवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कृषि और ग्रामीण विकास की स्थिति पर हाई लेवल समीक्षा बैठक की। बैठक में किसानों और ग्रामीण गरीबों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को दो महत्वपूर्ण पत्र सौंपे। इनमें रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं, चना और मसूर की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद अवधि बढ़ाने की मंजूरी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राज्य के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति शामिल है।

एमएसपी खरीद अवधि बढ़ाने का फैसला

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वह पत्र सौंपा, जिसमें रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं, चना और मसूर की एमएसपी पर खरीद अवधि 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 तक करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और उन्हें राहत मिलेगी।

पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत 6.18 लाख मकानों की स्वीकृति

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति का अनुमोदन पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा। उन्होंने कहा कि योजना के नए चरण में मकानों के आवंटन की शुरुआत उत्तर प्रदेश से की जा रही है, जिससे गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और तेज होगी।

यूपी को बताया कृषि क्षेत्र का सिरमौर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में देश का सिरमौर राज्य है और देश के कुल गेहूं उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 38% है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी कारण राज्य की कृषि के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करना समय की आवश्यकता है।

जलवायु चुनौतियों से निपटने की तैयारी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अल नीनो और कम वर्षा की आशंकाओं को देखते हुए राज्य के लिए वैज्ञानिक कृषि रणनीति तैयार की जा रही है। इसके तहत कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने, फसल विविधीकरण अपनाने और प्रत्येक जिले के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु संकट के बावजूद खेत खाली नहीं रहने दिए जाएंगे और किसानों को परिस्थितियों के अनुरूप विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।

केंद्र और राज्य के संयुक्त विजन पर जोर

बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास को केवल योजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि एक साझा विजन के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बेहतर समन्वय और टीम वर्क सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण गरीब परिवारों तक पहुंच सके।

किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच है कि किसानों का हर स्तर पर कल्याण हो और कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि एमएसपी खरीद अवधि बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में मकानों की स्वीकृति इसी सोच का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा वैज्ञानिक कृषि रोडमैप और आवास कार्यक्रम आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के गांवों, खेतों और गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा और स्थायी बदलाव लाएगा।