‘जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति

‘जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति

‘जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति

 ‘जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति

छत्तीसगढ़ में पहली बार 04 विकासखण्ड टीबी मुक्त घोषित

रायपुर, 09 अक्टूबर 2026

 ‘जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति

 ‘जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति

छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन की दिशा में जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए गुरुवार को राज्य में ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ खड़गंवा से किया गया साथ ही पूरे राज्य के सभी  जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय शुभारंभ जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ की जा रही इस पहल के अंतर्गत माय भारत के युवा स्वयंसेवकों एवं एनसीसी के कैडेटों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पहली बार 04 विकासखण्डों खड़गंवा, सोनहत, बतौली व घरघोड़़ा को टीबी मुक्त विकासखण्ड घोषित किया गया। जिन्होंने न सिफ छत्तीसगढ़ में बल्कि पूरे भारत में प्रथम टीबी मुक्त विकासखण्ड होने का गौरव अपने नाम किया। 
कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की ऊर्जा और जनभागीदारी को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़कर इस अभियान को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार और उपचार की पूर्णता के साथ टीबी के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ‘जोश टीम’ के माध्यम से माय भारत और एनसीसी से जुड़े युवा अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के संबंध में जागरूक करेंगे। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी उन्मूलन का संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर राज्य के वर्ष 2025 हेतु  4676 टीबी मुक्त पंचायतों को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। 

संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने कहा चार विकासखण्डों की उपलब्धि बनी प्रेरणा
छत्तीसगढ़ में पहली बार चार विकासखण्डों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना राज्य के टीबी उन्मूलन अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवी संगठनों तथा समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि इन विकासखण्डों में प्राप्त उपलब्धि को बनाए रखने के साथ-साथ अन्य विकासखण्डों को भी टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए हर संभावित मरीज की समय पर पहचान एवं जांच, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना और उपचार पूरा करवाना प्राथमिकता है। साथ ही टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा जनअभियान
कार्यक्रम में माय भारत एवं एनसीसी के जिला अधिकारियों और युवा स्वयंसेवकों से आह्वान किया गया कि वे टीबी उन्मूलन के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। युवाओं के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच तथा नियमित एवं पूर्ण उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं युवाओं ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
इसी संकल्प के साथ ‘जोश टीम’ के माध्यम से युवाओं की सहभागिता और जनभागीदारी को बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों को निरंतर गति देने की बात कही गई।

क्रमांक-  9522/मनोज/