विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के रथ निर्माण में सांसद महेश कश्यप ने किया श्रमदान
= विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के रथ निर्माण में सांसद महेश कश्यप ने किया श्रमदान
= झारउमरगांव के रथ निर्माताओ के बीच पहुंचकर बढ़ाया उत्साह और किया वस्त्र वितरण
जगदलपुर : विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा, जो अपनी विशिष्ट परंपराओं और लगभग 75 दिनों तक चलने वाले आयोजन के लिए देश दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है,जिसकी तैयारियां इन दिनों जोरों पर हैं। इसी क्रम में बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप जगदलपुर के सिरहासार पहुंचे,जहां झारउमरगांव के कारीगर दशहरा के विशाल पारंपरिक रथ के निर्माण में जुटे हुए हैं। सांसद महेश कश्यप ने कारीगरों को वस्त्र वितरित किया और स्वयं भी रथ निर्माण कार्य में हाथ बंटाकर श्रमदान कर बस्तर की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकारों को सम्मान किया l बस्तर दशहरा की तैयारियों के निरीक्षण के दौरान सांसद महेश कश्यप का यह स्वरूप विशेष रूप से देखने को मिला,जहां वे एक जनप्रतिनिधि और समिति अध्यक्ष की भूमिका से आगे बढ़कर पारंपरिक रथ निर्माण में जुटे कारीगरों के साथ सहभागी बने।
ज्ञात हो कि सांसद महेश कश्यप जनप्रतिनिधि के रूप में केवल निरीक्षण और मार्गदर्शन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि स्वयं तकनीकी एवं निर्माण संबंधी कार्यों का व्यावहारिक अनुभव भी रखते हैं। उन्हें बढ़ईगिरी,मकान निर्माण,मैकेनिक कार्य और मूर्तिकला सहित विभिन्न प्रकार के हस्तकौशल का अनुभव है। उन्होंने अपना घर भी स्वयं बनाया है तथा लकड़ी से खिड़की दरवाजे,पलंग सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया है। ऐसे में रथ निर्माण में उनका प्रत्यक्ष सहयोग कारीगरों के साथ उनके सहज जुड़ाव और पारंपरिक श्रम के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
बस्तर दशहरा की विशिष्ट पहचान यहां की लोकपरंपराओं,सामूहिक सहभागिता और पीढ़ियों से चली आ रही शिल्पकला में निहित हैl झारउमरगांव के कारीगर इसी परंपरा के संवाहक हैं,जो विशाल रथ का निर्माण कर बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं। सांसद महेश कश्यप का कारीगरों के बीच पहुंचकर वस्त्र वितरण करना और स्वयं निर्माण कार्य में हाथ बंटाना इस परंपरा के प्रति उनकी सक्रिय सहभागिता को रेखांकित करता है।


