सेवा सेतु शिविर में हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ

सेवा सेतु शिविर में हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ
सेवा सेतु शिविर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, तीन हितग्राहियों को मिले सोनाली नस्ल के चूजे
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना से ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर

उत्तर बस्तर कांकेर, 12 अक्टूबर 2026/ ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पशुधन विकास विभाग द्वारा बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के अंतर्गत शासकीय अनुदान पर देशी मुर्गी के चूजे वितरित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर के दौरान तीन हितग्राहियों को सोनाली नस्ल के 28 दिवसीय 45-45 चूजे वितरित किए गए।
कुक्कुट पालन से बढ़ेगी आय, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना ग्रामीण परिवारों को घर के आसपास ही मुर्गी पालन के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करती है। इस योजना के तहत वितरित सोनाली नस्ल के चूजों का पालन कर हितग्राही अंडे एवं मुर्गियों के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इससे परिवारों को आजीविका का एक अतिरिक्त साधन मिलेगा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। पशुधन विकास विभाग द्वारा योजना के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि इच्छुक परिवार पशुपालन गतिविधियों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
सेवा सेतु शिविर में हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ
ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर के अवसर पर सांसद भोजराज नाग, विधायक  विक्रम उसेंडी तथा कलेक्टर कुन्दन कुमार की उपस्थिति में हितग्राहियों को चूजे वितरित किए गए। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ उन्हें आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे हितग्राहियों को अपनी मेहनत के बल पर अतिरिक्त आय अर्जित करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।