CG – मवेशियों के खून से सनी सड़क, मवेशियों के झुंड को ट्रक ने रौंदा, 14 की दर्दनाक मौत, मौके पर मची अफरा-तफरी…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई। बसंतपुर थाना क्षेत्र के रेवाडीह स्थित राज इंपीरियल होटल के पास सड़क पर बैठे मवेशियों के झुंड में तेज रफ्तार ट्रक घुस गया। हादसे में करीब 14 मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में मवेशी सड़क पर बैठे हुए थे। इसी दौरान तेज गति से गुजर रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद सड़क पर मवेशियों के शव बिखर गए, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला गया।
हादसे के बाद नेशनल हाईवे की काऊ कैचर टीम और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर इन दिनों बड़ी संख्या में गौवंश सड़कों पर नजर आ रहा है।
लोगों के मुताबिक, सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशी आने से गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। शहर की कई सड़कों पर मवेशियों के सड़क किनारे या बीच मार्ग में बैठे रहने की समस्या लगातार सामने आती रही है। भारी वाहनों और तेज रफ्तार यातायात वाले मार्गों पर यह स्थिति वाहन चालकों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हादसे के बाद बेसहारा और आवारा मवेशियों की पहचान, उनकी देखरेख और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।
मवेशियों के लिए सुरक्षित शेल्टर, नियमित निगरानी और सड़कों से मवेशियों को हटाने की व्यवस्था लगातार प्रभावी तरीके से चलाने की जरूरत बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम, नेशनल हाईवे से जुड़े अमले और संबंधित विभागों से सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कुछ दिनों के लिए अभियान चलाकर मवेशियों को हटाना पर्याप्त नहीं है।
राजनांदगांव की यह घटना सड़क सुरक्षा और पशु संरक्षण दोनों से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा करती है। करीब 14 मवेशियों की मौत के बाद अब जरूरत है कि प्रशासन सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी रोकने और उनके लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।


