पूंजीपति मित्रों के लोन राइट ऑफ हो रहे हैं, आम जनता की ईएमआई बढ़ते जा रही है - कांग्रेस

पूंजीपति मित्रों के लोन राइट ऑफ हो रहे हैं, आम जनता की ईएमआई बढ़ते जा रही है - कांग्रेस

पूंजीपति मित्रों के लोन राइट ऑफ हो रहे हैं, आम जनता की ईएमआई बढ़ते जा रही है - कांग्रेस

आम जनता पहले से ही खाद्य पदार्थों और ईंधन की महंगाई से पस्त थी, अब बैंक किश्तों के बोझ तले दब गई

रायपुर/08 अक्टूबर 2026। 
आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने के फैसले को आसमान छूती महंगाई, घटती आमदनी और न्यूनतम बचत की त्रासदी से जूझ रही मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों पर चौतरफा वार बताते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि मोदी सरकार के अव्यावहारिक निर्णयों से आम जनता की कमर टूट गई है। रेपो रेट बढ़ने से होम लोन, कार लोन, एजुकेशन और पर्सनल लोन की किश्तें बढ़ गई हैं। ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और केसीसी लोन पर ब्याज का बोझ बढ़ा है। युवाओं के लिए अपना घर बनाने या छोटा व्यवसाय शुरू करने का सपना महंगा हो गया है। मोदी सरकार ने रेपो रेट बढ़ाकर राज्य के लाखों लोन धारकों पर ईएमआई का नया बोझ डाल दिया है। साय सरकार राज्य में विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि छत्तीसगढ़ का किसान, युवा और मध्यम वर्ग बैंक की किश्तें चुकाने में नीलाम हो रहा है। यह सरकार केवल चंद उद्योगपतियों का कर्ज माफ करती है और आम जनता पर ब्याज का बोझ थोपती है।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भाजपा केंद्र में ‘मजबूत अर्थव्यवस्था’ और राज्य में ‘विष्णु के सुशासन’ का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन नीतिगत कमियाँ लगातार उजागर हो रही है। एक तरफ जीएसटी का कलेक्शन सरकार के तय लक्ष्य से ज्यादा आ रहा है फिर भी अधिक वसूली की भूख मिट ही नहीं रही है।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि आरबीआई का फैसला वैश्विक महंगाई के कारण है और यह वैश्विक महंगाई मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों और पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स का नतीजा है। भाजपा सरकार की नीतियां केवल जनता की जेब से पैसा निकालने का काम कर रही हैं।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भाजपा का आर्थिक मॉडल सीधा है, बड़े पूंजीपति मित्रों की उधारी ‘वेव-ऑफ’ और छत्तीसगढ़ के आम आदमी की ईएमआई ऑफ। मोदी जी की गांरटी का असली मतलब अब समझ आ रहा  है, महंगाई की गारंटी, महंगे लोन की गारंटी और आम जनता की जेब खाली होने की गारंटी। एक हाथ से महतारी वंदन का 1 हजार दो और दूसरे हांथ बिजली बिल दुगुना ऊपर से लोन के ईएमआई बढ़ा दो, यह सुशासन नहीं जनता से छल है।