महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्व-सहायता समूहों से किया सीधा संवाद
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्व-सहायता समूहों से किया सीधा संवाद
रेडी टू ईट संचालन में आ रही समस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
रायपुर, 02 जून 2026/ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में रेडी टू ईट संचालन करने वाले स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। बैठक में प्रदेश के 6 जिलों में रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण कार्य से जुड़ी समूह की दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विभिन्न संचालन संबंधी समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया।
संवाद के दौरान महिलाओं ने भुगतान प्रक्रिया, कच्ची सामग्री की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था तथा अन्य प्रशासनिक विषयों से संबंधित समस्याएं रखीं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि रेडी टू ईट व्यवस्था प्रदेश के बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस कार्य में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समूहों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए तथा नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय के माध्यम से उनकी समस्याओं का समय पर निराकरण किया जाए।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाकर न केवल आजीविका के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं, बल्कि पोषण सुरक्षा के लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने समूहों की महिलाओं को बेहतर कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए विभागीय सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक डॉ रेणुका श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को गति देने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने की समीक्षा बैठक
दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में चल रहे विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा
पोषण वाटिका, अतिरिक्त पोषण आहार और नियमित मॉनिटरिंग पर दिया विशेष जोर
रायपुर, 02 जून 2026/ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए 8 जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ) के साथ विस्तृत बैठक ली। बैठक में गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की स्थिति, पोषण पुनर्वास तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान संचालित किया जा रहा है। इन जिलों में कुपोषण की चुनौती को दूर करने के लिए विशेष रणनीति के तहत पोषण सेवाओं, सामुदायिक सहभागिता और सतत निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां केला, पपीता, मुनगा सहित अन्य पोषणयुक्त पौधों का रोपण किया जाए तथा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य सामग्री बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
उन्होंने अतिरिक्त पोषण आहार की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी संचालन, नियमित निरीक्षण और सुपोषण पाठशालाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए तथा SAM एवं MAM बच्चों के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल विभागीय कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी, सामुदायिक सहयोग और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोषण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रभावी निगरानी, नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकेगा। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक डॉ रेणुका श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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