भाजपा मानसिक रूप से पिछड़ा वर्ग और आरक्षित वर्ग की विरोधी - मोहन मरकाम
रायपुर/03 अक्टूबर 2026। भाजपा पिछड़ा वर्ग के नाम पर केवल राजनीति करती है। हकीकत में वह पिछड़ा वर्ग सहित सभी आरक्षित वर्गो के हितो के खिलाफ काम करती है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बहुसंख्यक आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ भाजपा की सरकार अन्याय कर रही है। ओबीसी के लिए सर्वसम्मति से पारित 27 प्रतिशत आरक्षण के अधिकार को राजभवन में बाधित करके उनके शिक्षा और रोजगार के अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। भाजपा की डबल इंजन सरकार में आज छत्तीसगढ़ का हर पिछड़ा वर्ग का युवा, किसान और मजदूर अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। भाजपा ने चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आते ही 50 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी समाज के पेट पर लात मारने का काम किया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने विधानसभा से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का बिल 2022 में विशेष सत्र बुलाकर सर्व सम्मति से पास कराया था, उसे भाजपा ने राजभवन में अटका कर रखा। आज जब डबल इंजन की सरकार है, तब भी ओबीसी समाज को उनका हक क्यों नहीं दिया जा रहा? यह सरकार पूरी तरह से ओबीसी विरोधी है।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा ने चुनाव में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने और सामाजिक न्याय का बड़ा दावा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही क्वांटिफायबल डेटा आयोग (Quantifiable Data Commission) की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। प्रशासनिक पदों और शासकीय भर्तियों में ओबीसी वर्ग को उनका संवैधानिक हक नहीं मिल रहा है। राज्य में ओबीसी कल्याण बोर्ड और संबंधित योजनाओं के बजट में दुर्भावनापूर्वक अघोषित कटौती की गई है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों के बंद होने और व्यापमध्पीएससी की भर्तियों में पारदर्शी आरक्षण नीति न होने से सबसे ज्यादा नुकसान ओबीसी वर्ग के युवाओं को हो रहा है।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और छोटे व्यवसाय जो मुख्यतः ओबीसी समाज से जुड़े हैं इस पर भी पर सरकारी नीतियों की मार पड़ रही है। क्रीमी लेयर की सीमा और प्रमाण पत्र बनाने में प्रशासनिक जटिलता के कारण युवाओं को छात्रवृत्ति और नौकरियों से वंचित किया जा रहा है।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि व्यापम और राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) की नई भर्तियों में ओबीसी वर्ग के रोस्टर और बैकलॉग पदों को क्यों छिपाया जा रहा है? ओबीसी वर्ग के छात्रों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के बजट में कटौती किसके इशारे पर की गई है? क्या साय सरकार यह स्वीकार करती है कि आरक्षण विरोधी हिडन एजेंडे को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ के 50 प्रतिशत ओबीसी आबादी के संवैधानिक अधिकारों की बलि दी जा रही है? वोट लेंगे ओबीसी का, और हक देंगे अपने खास पूंजीपतियों को? 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का बिल पास है, लागू करने में हिल हवाला क्यों? कब तक राज भवन में कैद रखा जायेगा?
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था। उस समय यह विधेयक को राजभवन में रोक लगा दिया गया। भाजपा की सरकार बनने के बाद कमेटी बनाकर लटका दिया गया है। यदि भाजपा पिछड़ा वर्ग के हितैषी है तो अभी तक आरक्षण विधेयक क्यो लागू नही किया? इस विधेयक में सभी वर्गो के लिये आरक्षण है, अनुसूची जाति को प्रदेश में उनकी आबादी के हिसाब से 20 से बढ़ाकर 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 12 से बढ़ा कर 13 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत, इसके अलावा सामान्य वर्ग के गरीब अर्थात ईडब्लूएस के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है लेकिन भाजपा नही चाहती है कि वंचित वर्गों को उनके हक के अनुरूप आरक्षण मिले। राहुल गांधी पिछड़ा वर्ग के लोगों से मिलकर उनकी समस्या को आगे कर रहे है इस देश में जातिजनगणना हो रही है राहुल गांधी के आवाज उठाने के कारण हो रही है।


