छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ को दोहरी ऐतिहासिक खुशी *,*पैरा तीरंदाज टोमन कुमार ने एशियन गेम्स में जीता स्वर्ण* ,
छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ को दोहरी ऐतिहासिक खुशी *,
1*पैरा तीरंदाज टोमन कुमार ने एशियन गेम्स में जीता स्वर्ण* ,
2* 46 राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता जयपुर राजस्थान , में आज 8 दिवसीय प्रारंभ हुई है उसमें रिकर्व टीम ने पहली बार दिलाया कांस्य पदक
कैलाश मुरारका ने कहा — 25 वर्षों का इंतजार हुआ पूरा, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की शुरुआत
रायपुर। छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के लिए आज का दिन अत्यंत गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक है। प्रदेश को एक साथ दो बड़ी उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। पहली खुशी यह है कि छत्तीसगढ़ के पैरा तीरंदाज टोमन कुमार ने एशियन गेम्स की मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश एवं देश का मान बढ़ाया है। वहीं दूसरी ओर,
छत्तीसगढ़ की रिकर्व टीम ने पहली बार टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल कर प्रदेश की तीरंदाजी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
जयपुर की धरती पर आयोजित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली तीरंदाज गीतेश यादव, श्रेयांश वर्मा, युवराज एवं अविनाश ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का तिरंगा गौरव के साथ लहराया। रिकर्व टीम की इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के तीरंदाजी जगत में उत्साह एवं खुशी की लहर है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कैलाश मुरारका ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हम लंबे समय से उस दिन की प्रतीक्षा कर रहे थे, जब छत्तीसगढ़ के हमारे बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आधुनिक तीरंदाजी उपकरणों के साथ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतेंगे। आज वह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। पिछले लगभग 25 वर्षों से संघ बेहतर उपकरणों, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं एवं योग्य प्रशिक्षकों की उपलब्धता के लिए प्रयास करता रहा है। संसाधनों के अभाव के बावजूद हमारे खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। अनेक खिलाड़ियों ने अपने स्वयं के पैसों से आधुनिक उपकरण खरीदे, दिन-रात कठिन परिश्रम किया और अपने दृढ़ संकल्प से आज यह गौरवपूर्ण सफलता हासिल की है।
श्री मुरारका ने कहा कि यह उपलब्धि केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के युवा तीरंदाजों के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है। उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं एवं एशियन गेम्स में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और देश के लिए पदक जीतेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने वरिष्ठ राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता, बिलासपुर में भी खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए घोषणा की थी कि ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी तथा पदक दिलाने वाले कोच को ₹5-₹5 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। आज की उपलब्धियाँ इस विश्वास को और मजबूत करती हैं कि उचित अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिलने पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की उम्मीद
श्री मुरारका ने बताया कि प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के सात खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। आगामी व्यक्तिगत मुकाबलों एवं मेडल मैचों को लेकर संघ और खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद है कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी सफलता का सिलसिला जारी रखेंगे और और भी पदक हासिल करेंगे।
अंत में श्री मुरारका ने छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, पदाधिकारियों एवं खिलाड़ियों के अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके अभिभावकों का भी बड़ा योगदान है। वे अपने बच्चों के प्रशिक्षण, उपकरणों, यात्रा एवं प्रतियोगिताओं के लिए निरंतर मेहनत और सहयोग करते हैं। राज्य से लेकर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक उनका समर्पण सराहनीय है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, अभिभावकों के सहयोग और बेहतर संसाधनों के समन्वय से छत्तीसगढ़ तीरंदाजी आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगी।
छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ की ओर से सभी पदक विजेताओं, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।


