बीजेपी नेता से बदसलूकी करने वाले सस्पेंड CEO पहुंचे भूपेश बघेल के पास, बोले- मेरे साथ गलत हुआ

बीजेपी नेता से बदसलूकी करने वाले सस्पेंड CEO पहुंचे भूपेश बघेल के पास, बोले- मेरे साथ गलत हुआ

बीजेपी नेता से बदसलूकी करने वाले सस्पेंड CEO पहुंचे भूपेश बघेल के पास, बोले- मेरे साथ गलत हुआ

 

image.png

Chhattisgarh News: दुर्ग के थनौद गांव में शुरू हुआ बवाल अब सियासी गलियारे तक पहुंच चुका है। जन समस्या निवारण शिविर में बीजेपी कार्यकर्ता से बदसलूकी के आरोप में सस्पेंड हुए दुर्ग जनपद के सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय सोमवार को सीधे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने पहुंच गए।

इस मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति अचानक गरमा गई है। रूपेश पाण्डेय का साफ कहना है कि उनके खिलाफ जो भी एक्शन लिया गया है, वह पूरी तरह गलत है। वे अब इस मामले को लेकर सीधे चीफ सेक्रेटरी के पास जाने की तैयारी में हैं।

वीडियो वायरल हुआ और चली गई कुर्सी

पूरा मामला दुर्ग के ग्राम थनौद का है, जहां सरकारी शिविर लगा था। यहां बातचीत के दौरान अधिकारी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने सामने बैठे लोगों से ऐसी भाषा में बात की, जिसका वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, दुर्ग से लेकर रायपुर तक हड़कंप मच गया।

नोटिस का जवाब पसंद नहीं आया

दुर्ग कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संभाग आयुक्त को रिपोर्ट भेजा। 30 मई को रूपेश पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। सूत्रों के मुताबिक, सीईओ साहब ने जो सफाई दी, उससे कमिश्नर साहब संतुष्ट नहीं हुए। नतीजा यह हुआ कि नोटिस के ठीक दो दिन बाद निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।

सिविल सेवा नियमों का हवाला

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत इसे गंभीर लापरवाही और कदाचार माना गया है।


सस्पेंशन आर्डर मिलते ही अधिकारी सीधे विपक्ष के बड़े नेता भूपेश बघेल के घर जा पहुंचे, जिससे मामला अब प्रशासनिक नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक हो चुका है। दुर्ग के इस हाईप्रोफाइल मामले पर अब सबकी नजरें चीफ सेक्रेटरी के अगले कदम पर टिकी हैं।