किसान हितों की जीत: तुलसी-पिरदा गांव की जमीन आरडीए प्रोजेक्ट से होगी मुक्त, ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
किसान हितों की जीत: तुलसी-पिरदा गांव की जमीन आरडीए प्रोजेक्ट से होगी मुक्त, ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
* कैबिनेट बैठक के बाद जल्द जारी होगा राजपत्र
* रायपुर विकास प्राधिकरण के कौशल्या विहार विस्तार प्रोजेक्ट से पिरदा की कृषि और आवासीय भूमि होगी मुक्त।
* ग्रामीणों ने विधायक के सजग, निडर और जन-समर्पित नेतृत्व को सराहा; कहा- संकट में सच्चे जनप्रतिनिधि की तरह साथ खड़े रहे।
रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कौशल्या विहार कॉलोनी विस्तार के लिए पिरदा गांव के पूर्व नियोजित चयन के बाद उत्पन्न जन-आक्रोश और ग्रामीणों की आशंकाओं पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। राज्य सरकार ने संवेदनशील और किसान हितैषी दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्रामीणों की मंशा के अनुरूप पिरदा गांव की कृषि और आवासीय भूमि को आरडीए प्रोजेक्ट से मुक्त रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
इस जनपक्षधर निर्णय के पश्चात पिरदा के प्रभावित ग्रामीणों ने धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से मुलाकात की और इस राहत भरे फैसले के लिए उनका सहृदय आभार व्यक्त किया।
क्या था पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपनी पूर्व नियोजित योजना के अंतर्गत कौशल्या विहार कॉलोनी निर्माण व विस्तार हेतु पिरदा गांव का चयन किया था। जैसे ही इस संबंध में भूमि अधिग्रहण की सूचना सार्वजनिक हुई, पिरदा के किसानों और ग्रामीणों में अपनी कीमती कृषि भूमि और आशियानों को लेकर गहरा भय और असंतोष व्याप्त हो गया। पिरदा गांव के लोगों की जीविका मुख्य रूप से खेती-किसानी पर निर्भर है। इसके साथ ही, लगभग 20 प्रतिशत स्थानीय आबादी के मकान भी इसी चिन्हित भूमि क्षेत्र के दायरे में आ रहे थे, जिससे ग्रामीणों के सामने बेघर होने का बड़ा संकट खड़ा हो गया था।
विधायक अनुज शर्मा ने निभाई अग्रणी भूमिका
भूमि अधिग्रहण की आहट मिलते ही सजग ग्रामीणों ने तत्काल ग्राम सभा का आयोजन कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और क्षेत्रीय विधायक श्री अनुज शर्मा को अपनी चिंताओं व मंशा से अवगत कराया। ग्रामीणों की पीड़ा और आजीविका पर आए इस संकट को गंभीरता से लेते हुए विधायक अनुज शर्मा ने अविलंब माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से मुलाकात की और उन्हें जमीनी वास्तविकता से रूबरू कराया।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और वित्त मंत्री का भरोसा
ग्रामीणों और किसानों की भावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने बैठक के दौरान ही वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी से फोन पर वार्ता की और ग्रामीणों का पक्ष सुनकर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्रामीणों को पूर्ण आश्वस्त करते हुए घोषणा की कि "यदि ग्रामीण अपने गांव में आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते, तो राज्य सरकार पूरी मजबूती से अपने किसानों के साथ खड़ी है। पिरदा गांव की जमीन का अधिग्रहण आरडीए द्वारा नहीं किया जाएगा।" इसके साथ ही उन्होंने आरडीए को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही।
विधायक अनुज शर्मा की सजगता की सराहना
मुख्यमंत्री निवास में आभार जताने पहुंचे पिरदा गांव के ग्रामीणों और किसानों ने अपनी भूमि और आशियाने सुरक्षित होने पर विधायक अनुज शर्मा के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने एकसुर में कहा कि संकट की इस घड़ी में विधायक अनुज शर्मा एक सच्चे जनप्रतिनिधि की तरह उनके साथ खड़े रहे। ग्राम सभा के आयोजन के समय से ही विधायक शर्मा ने ग्रामीणों की आवाज को दबने नहीं दिया और बिना समय गंवाए इसे शासन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने विधायक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सजग, निडर और जन-समर्पित नेतृत्व के कारण ही आज सैकड़ों परिवारों का भविष्य और उनकी जीवनभर की कमाई सुरक्षित हो सकी है।
मुख्यमंत्री निवास में आभार व्यक्त करने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण
वित्त मंत्री की इस त्वरित घोषणा और मुख्यमंत्री जी के किसान हितैषी रुख के बाद, विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्राम पिरदा के सैकड़ों ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर और पारंपरिक आत्मीयता के साथ मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है।


