महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि; राजधानी में आयोजित विविध कार्यक्रमों में हुए शामिल
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि; राजधानी में आयोजित विविध कार्यक्रमों में हुए शामिल
नशामुक्ति पदयात्रा के समापन में राज्यपाल के साथ हुए सम्मिलित; कहा—"यात्राएं समाज और देश को देती हैं नई दिशा"
खादी ग्रामोद्योग सम्मेलन में आह्वान—"गांवों को स्वावलंबी बनाए बिना आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा; स्थानीय उत्पादों को मिले आधुनिक तकनीक और ब्रांडिंग"
टिकरापारा में स्वास्थ्य जांच व रक्तदान शिविर का शुभारंभ कर दिलाई स्वच्छता की शपथ
रायपुर 2 अक्टूबर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सबसे पहले लोकभवन में दोनों युगपुरुषों को नमन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी रायपुर में आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा समापन, खादी ग्रामोद्योग सम्मेलन, प्रतिमा माल्यार्पण एवं स्वास्थ्य-रक्तदान शिविर सहित विभिन्न जन-सरोकारी कार्यक्रमों में भाग लिया।
नशामुक्ति पदयात्रा का समापन: यात्राएं लाती हैं सामाजिक बदलाव
सेवा संकल्प अभियान के तहत विधायक पुरन्दर मिश्रा द्वारा आयोजित 'नशा मुक्त पदयात्रा' के समापन समारोह में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यपाल रमेन डेका के साथ सम्मिलित हुए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती (25 सितंबर) से प्रारंभ हुई यह पदयात्रा टाउन हॉल, शास्त्री चौक से खजाना चौक पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद श्री अग्रवाल ने कहा, "पूज्य बापू ने आजीवन नशामुक्ति और सामाजिक सुधार के लिए संघर्ष किया। हमारे देश का इतिहास साक्षी है कि जब भी कोई बड़ा सामाजिक परिवर्तन आया है, वह यात्राओं के माध्यम से ही संभव हुआ है। यात्राएं व्यक्ति के विचारों को बदलने के साथ-साथ समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती हैं।"
इसके उपरांत उन्होंने विधायक सुनील सोनी और महापौर श्रीमती मिनल चौबे के साथ आजाद चौक पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर नमन किया।
खादी ग्रामोद्योग सम्मेलन: स्थानीय कारीगरों को मिले बड़ा बाज़ार और ब्रांडिंग
छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल होकर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्थानीय कारीगरों के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद श्री अग्रवाल ने कहा, "छत्तीसगढ़ के कोसा और हस्तशिल्प की ख्याति देश-विदेश में है, हमारे पास हुनर और संसाधनों की कमी नहीं है; आवश्यकता है तो बस हमारे बुनकरों, कुम्हारों और लोहारों को बड़ा बाज़ार उपलब्ध कराने की। यदि आगामी दीपावली में प्रदेश के लिए 10 करोड़ दीयों की आवश्यकता है, तो कम से कम 10,000 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने होंगे।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' विज़न का उल्लेख करते हुए श्री बृजमोहन ने कहा, "गांव को पूरी तरह स्वावलंबी (सेल्फ़-सस्टेंड) बनाना होगा। आज स्थिति यह है कि गांव के मोची बाटा बन गए और लोहार टाटा, जबकि हमारे गांवों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि गांव की ज़रूरतें गांव में ही पूरी हों, तो हर हाथ को रोज़गार मिलेगा। हमारे स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार पापड़, बड़ी, चिप्स और अचार जैसे उत्पादों की क्लस्टर स्तर पर गुणवत्ता और ब्रांडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि वैश्विक बाज़ार में हमारे स्थानीय उत्पाद मजबूती से खड़े हो सकें।"
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष राम प्रताप, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित के अध्यक्ष श्री भोजराज देवांगन, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, दीपेंद्र साहू जी सहित विभागीय अधिकारी, स्वदेशी शिल्पी और बुनकर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
टिकरापारा में स्वास्थ्य शिविर एवं स्वच्छता का संकल्प
सांसद श्री अग्रवाल ने नूतन हायर सेकेंडरी स्कूल, टिकरापारा में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविर का विधिवत शुभारंभ किया।
इस दौरान उन्होंने उपस्थित नागरिकों व कार्यकर्ताओं को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए कहा, "महात्मा गांधी जी ने स्वच्छता को स्वस्थ व सशक्त समाज की नींव माना था, वहीं रक्तदान जैसे कार्य मानवता के प्रति हमारे दायित्व को सुदृढ़ करते हैं। सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का यह भाव ही राष्ट्र निर्माण की वास्तविक पूंजी है।"


