वॉश एंड वॉश ब्लैक करेंसी स्कैम का पर्दाफाश : 4 करोड़ से ज्यादा कैश के साथ अंतरराज्यीय गिरोह के 7 आरोपी गिरफ्तार

वॉश एंड वॉश ब्लैक करेंसी स्कैम का पर्दाफाश : 4 करोड़ से ज्यादा कैश के साथ अंतरराज्यीय गिरोह के 7 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर।  राजधानी पुलिस ने ‘वॉश एंड वॉश’ ब्लैक करेंसी स्कैम के एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 7 आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले पेपर, कांच की प्लेट्स समेत अन्य सामग्री और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने रायपुर में एक व्यक्ति को 1.13 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया था। मामले में पहले ही दो महिला आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह प्रकरण में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुणे के रिसॉर्ट में रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी

पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट, संपर्क नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने पुणे पहुंचकर करीब एक सप्ताह तक आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।

पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर बुला रहे हैं। टीम ने मौके पर रेड की, जहां 7 आरोपी पीड़ित से करोड़ों रुपये की रकम लेकर ठगी करते हुए पकड़े गए।

2005 से ठगी करने का दावा

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य वर्ष 2005 से सक्रिय हैं और देश के अलग-अलग राज्यों में 100 से अधिक लोगों से ठगी करने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने छत्तीसगढ़ के अलावा नोएडा, पुणे, बड़ौदा, उदयपुर, दिल्ली समेत कई शहरों में वारदातों को अंजाम दिया।

गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर** के नाम सामने आए हैं।

रकम दोगुनी करने का झांसा

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद बड़े निवेश, फंड रिलीज, विदेशी तकनीक और केमिकल के नाम पर पीड़ितों से बड़ी रकम ली जाती थी।

गिरोह द्वारा ‘वॉश-वॉश’ ब्लैक करेंसी स्कैम के जरिए काले कागज या नकली नोटों को विशेष केमिकल से असली भारतीय मुद्रा में बदलने का झूठा प्रदर्शन किया जाता था। इसके लिए पहले से तैयार असली नोटों का इस्तेमाल कर पीड़ितों का भरोसा जीता जाता था। बाद में अलग-अलग बहानों से पीड़ितों से लगातार रकम वसूली जाती थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पीड़ितों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, राजस्थान, गुजरात और अन्य शहरों के महंगे होटलों में बुलाकर खुद को प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर पेश करते थे। कई मामलों में गिरोह के सदस्य निजी गनमैन के साथ भी रहते थे, ताकि पीड़ितों पर प्रभाव बनाया जा सके।

दो आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल

पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन पहले भी ठगी के मामले में मुंबई में जेल जा चुका है। वहीं मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर भी मुंबई और वाराणसी में ठगी के मामलों में जेल निरुद्ध रह चुका है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 330/26, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

गिरफ्तार आरोपी

01. ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी पिता रामआश्रय श्रीवास्तव उम्र 46 साल निवासी सेक्टर 51 समस्तपुर गुड़गांव हरियाणा। हाल पता – फ्लैट नंबर बी/205 सीडी हाईट्स नालासोपारा थाना नालासोपारा मुम्बई।

02. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव उम्र 52 वर्ष निवासी पाण्डेयपुर लालपुर थाना वाराणसी उत्तरप्रदेश।

03. मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर पिता स्व. एस एस लाल श्रीवास्तव उम्र 55 वर्ष निवासी एस एच 8/54 बी 9 शिवपुर थाना शिवपुर जिला वाराणसी उत्तरप्रदेश।

04. विवेक सिंह पिता स्व. शिवरतन सिंह उम्र 48 साल निवासी लहौरा वीर जगत गंज थाना चेतगंज जिला वाराणसी उत्तरप्रदेश।

05. शुभम पांडेय पिता महेंद्र पांडेय उम्र 37 साल निवासी चंदवत थाना चंदवत जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश। हाल पता – ए विंग फ्लैट नंबर 411 रॉयल पॉम अपार्टमेंट थाना गोरेगांव गोरेगांव ईस्ट मुम्बई।

06. योगेन्द्र चौहान पिता स्व. रामानंद चौहान उम्र 48 साल निवासी ग्राम सेनापुर पोस्ट बडनपुर थाना केराकत जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश।

07. बालमुकुंद दीक्षित पिता वेदप्रकाश दीक्षित उम्र 40 साल निवासी ग्राम खटारा पोस्ट भौंरा थाना केराकत जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और देशभर में की गई ठगी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।