वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा 17 सितंबर से, 1 हजार से अधिक BJYM कार्यकर्ता होंगे शामिल

वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा 17 सितंबर से, 1 हजार से अधिक BJYM कार्यकर्ता होंगे शामिल

वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा 17 सितंबर से, 1 हजार से अधिक BJYM कार्यकर्ता होंगे शामिल

25 वर्षों की जनसेवा से प्रेरणा लेकर युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का अभियान, 20 मार्गों से होकर गुजरेगी यात्रा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित ‘वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगी। यात्रा एक साथ दो दिशाओं में शुरू होगी—वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर।

आयोजकों के मुताबिक देशभर से 1,000 से अधिक भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) कार्यकर्ता इस सेवा यात्रा में शामिल होंगे। प्रत्येक यात्रा मार्ग पर 25 मोटरसाइकिल और 50 सेवा यात्री रहेंगे।

सेवा को बनाया गया यात्रा का मुख्य संदेश

आयोजकों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से प्रेरणा लेकर देश के युवाओं को सेवा, समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। उनके अनुसार मोदी के जीवन में सेवा को प्रमुख स्थान मिला है और इसी भावना को युवाओं तक पहुंचाने के लिए यह अभियान आयोजित किया जा रहा है।

यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर युवा स्वयं सेवा गतिविधियों में हिस्सा लेंगे और लोगों के बीच जाकर सेवा एवं जनभागीदारी का संदेश देंगे।

2001 से अब तक के सार्वजनिक जीवन को समर्पित

आयोजन से जुड़े विवरण के अनुसार, वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने से लेकर अब तक नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़कर देखा जा रहा है।

वडनगर को उनके बचपन, संघर्ष और प्रारंभिक जीवन से जोड़ा गया है, जबकि वाराणसी उनके वर्तमान लोकसभा क्षेत्र और सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ऐसे में वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा को उनके जीवन के इन दो महत्वपूर्ण पड़ावों को सेवा के माध्यम से जोड़ने की पहल बताया गया है।

काशी विश्वनाथ और हाटकेश्वर महादेव मंदिर में होगा जलाभिषेक

यात्रा के दौरान दोनों दिशाओं में धार्मिक आस्था से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी।

वडनगर से वाराणसी जाने वाले सेवा यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर काशी विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक करेंगे। वहीं वाराणसी से वडनगर जाने वाले सेवा यात्री उत्तर प्रदेश की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर स्थित श्री हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।

आयोजकों का कहना है कि इस तरह यात्रा दोनों दिशाओं में आस्था, संस्कृति और सेवा भावना को जोड़ने का माध्यम बनेगी।

देश के अलग-अलग राज्यों से युवा होंगे शामिल

यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से BJYM के युवा ‘सेवा यात्री’ के रूप में शामिल होंगे। इनमें तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, बिहार और पूर्वोत्तर सहित अलग-अलग राज्यों के युवा शामिल होंगे।

आयोजकों के मुताबिक अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों, वेशभूषा और संस्कृतियों से आने वाले युवाओं का एक साथ सेवा यात्रा में शामिल होना ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।

यात्रा का संदेश रखा गया है कि भाषाएं और संस्कृतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन सेवा की भावना पूरे भारत को एक सूत्र में बांधती है।

20 मार्गों से होकर गुजरेगी यात्रा

‘वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा’ को 20 अलग-अलग मार्गों में आयोजित किया जाएगा। इन यात्रा टोलियों के नाम भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखे जाएंगे।

आयोजन के अनुसार यात्रा 10 राज्यों, 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों से होकर गुजरेगी। यात्रा के प्रमुख राज्यों में शामिल हैं—

गुजरात

राजस्थान

हरियाणा

दिल्ली

उत्तर प्रदेश

झारखंड

बिहार


युवाओं को सेवा के संकल्प से जोड़ने का प्रयास

आयोजकों के अनुसार यह यात्रा केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि उनके जीवन से प्रेरित सेवा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास है।

‘वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा’ के जरिए युवा शक्ति को सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ाने और समाज के साथ उनकी भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।