धरमलाल कौशिक के साथ लूट, सरकार के मुंह पर करारा तमाचा - शुक्ला

धरमलाल कौशिक के साथ लूट, सरकार के मुंह पर करारा तमाचा - शुक्ला

धरमलाल कौशिक के साथ लूट, सरकार के मुंह पर करारा तमाचा - शुक्ला

अमित शाह छत्तीसगढ़ आये हैं, बताये डीजल-पेट्रोल का संकट क्यों? - गेदू

रायपुर/18 मई 2026। राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज सुबह 8 बजे राजधानी रायपुर में बेहद चिंताजनक घटना घटी, यह घटना डरावनी है, झकझोर कर रख देने वाली है। प्रदेश के वरिष्ठ राजनेता विधायक धरमलाल कौशिक के साथ सरेआम लूट की घटना हो गयी, जब वे अपने निवास के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, लुटेरे उनका मोबाईल छीनकर भाग गये। यह घटना जब हुई है उस समय देश के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अमित शाह राजधानी में थे और राजधानी हाई अलर्ट पर है ऐसे समय पर घटना छत्तीसगढ़ पुलिस के गाल पर रायपुर पुलिस कमिश्नरी के गाल पर और प्रदेश के गृहमंत्री के गाल पर करारा तमाचा है। धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके है, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके है, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके है, राज्य के मंत्री रह चुके है, उनके साथ लूट होना सामान्य घटना नहीं है। राजधानी की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था को सुधारने के नाम पर सरकार ने राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू किया था, राजधानी की कानून व्यवस्था में कोई सुधार तो नहीं हुआ। कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के कारण नागरिकों की परेशानी जरूर बढ़ गई। अपराध और अपराधी तो बेलगाम है ही अब सड़क पर पुलिस का चालान नागरिकों में एक नया खौफ पैदा कर रहा है। रायपुर पुलिस कमिश्नरी में चार आईपीएस तैनात है, एक आईजी स्तर के अधिकारी, एक आईपीएस एसपी स्तर के अधिकारी, तीन आईपीएस एडिशनल एसपी की तैनाती की गयी, उप पुलिस अधीक्षक तो पहले से थे लेकिन थानों का अमला वही है। थानों में मैदानी अमला जो है उसे अपराध नियंत्रण के बजाय केवल ट्रैफिक में वसूली की जवाबदेही दी गयी है। यदि कमिश्नरी प्रणाली लागू किया है तो थानों में भी पर्याप्त स्टाफ दिया जाए। साथ ही रायपुर कमिश्नरी के जिम्मेदार अधिकारियों को यह अहसास कराया जाना चाहिए कि उनका काम केवल जनता को परेशान करना नहीं, अपराधों पर अंकुश लगाना भी है। रायपुर में लूट, हत्या, चाकूबाजी, बलात्कार की घटना आम हो गयी। प्रतिदिन राजधानी में दो से तीन हत्यायें हो रही, खरोरा रोड में 1 करोड़ की लूट हो गयी, अपराधी आज भी गिरफ्त से बाहर है। गांजा, सूखा नशा, अवैध शराब गली कूचे में बिक रही, कमिश्नरेट बनाने के कोई फायदा दिखा नहीं केवल पुलिस ने शो-ऑफ शुरू किया है, अपराध और अपराधाी दोनों बेलगाम है। स्थितियां इतनी भयावह हो गयी है कि अब घटनाओं के बाद एफआईआर तक नहीं लिखा जाता, सादा आवेदन लेकर फरियादी को वापस भेज दिया जाता है। यदि आप अपराध के बाद एफआईआर नहीं लिखेंगे तो रिकार्ड में आंकड़े भले कम हो जाये लेकिन अपराधी तो बेखौफ होकर और घटना को अंजाम देंगे। दर्जनों ऐसे उदाहरण है जहां पर पुलिस ने घटना के बाद एफआईआर नहीं लिखा। चाकूबाजी की छात्र को धारदार नुकीले वस्तु से हमला बताकर कमतर बताने की कोशिश की जाती है। बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था की जवाबदेही मुख्यमंत्री तय करे और अपने नाकाबिल गृह मंत्री को बर्खास्त करे।

अमित शाह छत्तीसगढ़ आये हैं, बताये डीजल-पेट्रोल का संकट क्यों? - गेदू

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेदू ने कहा कि बस्तर दौरे पर गये है, वे जब आये है उस समय पूरे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का संकट है महंगाई बेतहाशा बढ़ी हुई है। प्रदेश के आधे पेट्रोल पंप सूखे हुए है। पैसा जमा करने के बाद भी डिपो से पंपों को डीजल नहीं मिल रहा है। प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर जनता अराजक होकर मारपीट कर रही है। क्या सरकार को यह नहीं दिख रहा है? लोग लाइन में लगे है, भाजपा के लोग कह रहे स्थितियां सामान्य है। अमित शाह के आगमन के लिए बस्तर के सभी पंपों में 5000 लीटर डीजल रिजर्व रखने का आदेश दिया गया है। एक तरफ जनता को डीजल-पेट्रोल मिल नहीं रहा, दूसरी तरफ 5000 लीटर रिजर्व रखना जनता पर अत्याचार है। जबसे प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से अपील किया है कि पेट्रोल-डीजल बचाये, खाद्य तेल का उपयोग कम करे, वर्कफ्राम होम करे, इसके कारण पूरे देश में भय का माहौल बना, लोग पेट्रोल-डीजल की कभी के आशंका से पंपों के सामने कतारों पर खड़े हो गये। देश के आधे पेट्रोल पंप सूखे पड़े है। बस्तर में भी पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत है। मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रू. से अधिक की बढ़ोतरी

कर दिया। मोदी के आह्वान के बाद खाद्य सामाग्री की राशन सामाग्री के, सब्ज्यिों के दाम बढ़ गये। मोदी यदि अपील नहीं करते तो यह अफरा-तफरी नहीं होती। अमित शाह बताये मोदी निर्मित इस आपदा पर आप क्या कहना चाहेंगे? अमित शाह जी मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक लेने आये है, 4 राज्यों के मुख्यमंत्री उनके प्रतिनिधि भी आयेंगे, एक तरफ मोदी कहते है कि वर्कफ्राम होम करिये, दूसरी तरफ आप एक बैठक में करोड़ों खर्चा कर रहे। इस बैठक को वर्चुअल क्यों नहीं कर सकते? बस्तर के लिए विशेष पैकेज की मांग तथा बस्तर की खनिज संपदा की बंदरबांट नहीं होने से रोकने के लिए कांग्रेस ने कल अमित शाह से मिलने का समय मांगा है। पीसीसी अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मिलेगा।

पत्रकार वार्ता में संयुक्त महामंत्री अशोक राज आहूजा, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, अजय गंगवानी, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।