टीईटी की परीक्षा ऑनलाइन नहीं, ऑफलाइन कराए सरकार - कांग्रेस
रायपुर/23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को ऑनलाइन कराने के बजाय ऑफलाइन माध्यम से आयोजित किया जाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार को प्रदेश के लगभग 50 हजार शिक्षकों की उम्र, अनुभव और व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली निर्धारित करनी चाहिए। विशेष रूप से सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे शिक्षकों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा अनावश्यक मानसिक दबाव और परेशानी का कारण बन सकती है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि शिक्षकों ने अपना पूरा जीवन बच्चों का भविष्य संवारने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगाया है। आज जब उनके अनुभव और सेवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, तब उन्हें कंप्यूटर आधारित परीक्षा की प्रक्रिया में उलझाना उचित नहीं है। हर शिक्षक से कंप्यूटर संचालन में समान दक्षता की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है। शिक्षकों के ज्ञान, अनुभव और शिक्षण क्षमता का आकलन होना चाहिए, न कि उनकी कंप्यूटर चलाने की दक्षता का।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि परीक्षा का उद्देश्य शिक्षकों की योग्यता का निष्पक्ष मूल्यांकन करना है, न कि उन्हें तकनीकी असुविधाओं के कारण परेशान करना। ऑनलाइन परीक्षा में कंप्यूटर संचालन, तकनीकी समस्याओं और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं से जुड़ी कठिनाइयां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प उपलब्ध कराना शिक्षकों के हित में एक संवेदनशील और व्यावहारिक निर्णय होगा।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार को शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए। प्रदेश के लगभग 50 हजार शिक्षकों की चिंता को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। शिक्षा व्यवस्था शिक्षकों के सम्मान, विश्वास और सहयोग से मजबूत होती है, न कि उन पर अनावश्यक बोझ डालने से।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार टीईटी की परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से आयोजित करे और शिक्षकों को उनकी उम्र, अनुभव तथा परिस्थितियों के अनुरूप राहत प्रदान करे। सरकार शिक्षकों को परेशान करना बंद करे और उनके सम्मान तथा हितों की रक्षा के लिए तत्काल निर्णय ले।


