श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा पर रायपुर से 125 सिक्ख श्रद्धालुओं का जत्था रवाना

श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा पर रायपुर से 125 सिक्ख श्रद्धालुओं का जत्था रवाना

रायपुर : 

“वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों और गुरबाणी की पवित्र धुनों के बीच रायपुर से 125 सिक्ख श्रद्धालुओं का जत्था आज श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुआ।

छत्तीसगढ़ सिक्ख संगठन द्वारा श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख सिक्ख तीर्थस्थलों की यात्रा कराने का सेवा कार्य पिछले कई वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी बड़ी संख्या में सिक्ख श्रद्धालु श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए रवाना हुए।

छत्तीसगढ़ सिक्ख संगठन के संयोजक हरपाल सिंह भामरा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का यह जत्था छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से रवाना हुआ। रायपुर रेलवे स्टेशन पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा एवं परविंदर सिंह भाटिया ने श्रद्धालुओं को सिरोपाव भेंट कर मंगलमय एवं सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर रेलवे स्टेशन का वातावरण पूरी तरह धार्मिक एवं भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं में श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा दिखाई दी। संगत ने वाहेगुरु जी के जयकारों के साथ एक-दूसरे को यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

श्री हेमकुंड साहिब सिक्ख श्रद्धालुओं की आस्था का अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल है। हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य स्थित इस पवित्र स्थान तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु कठिन पहाड़ी मार्ग पर पैदल यात्रा करते हैं। लगभग 19 किलोमीटर की यह यात्रा शारीरिक कठिनाइयों के साथ-साथ श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक समर्पण की यात्रा भी मानी जाती है।

सिक्ख परंपरा में श्री हेमकुंड साहिब का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इसी पवित्र हिमालयी क्षेत्र में श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने तपस्या की थी। सात पर्वतों से घिरे इस पावन स्थल पर पहुंचकर श्रद्धालु गुरु साहिब की स्मृति और पवित्र वातावरण में नतमस्तक होकर अपनी मनोकामनाओं, परिवार एवं समाज की सुख-शांति तथा चढ़दी कला के लिए अरदास करते हैं।

छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, परविंदर सिंह भाटिया, मंजीत सिंह भाटिया, बंटी चावला, मोनू सलूजा, गुरमीत सिंह टोनी, यशवंत सिंह बंटी, सहित छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज एवं छत्तीसगढ़ सिक्ख संगठन के अनेक सदस्य उपस्थित रहे |

छत्तीसगढ़ से श्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ यह जत्था केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, संगत की एकता और सेवा की भावना का प्रतीक है।

श्रद्धालुओं ने अरदास की कि यात्रा निर्विघ्न एवं मंगलमय हो तथा सभी श्रद्धालु श्री हेमकुंड साहिब के पवित्र दर्शन कर अपने जीवन में गुरु की शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए सकुशल अपने घर लौटें।