खेल राष्ट्र निर्माण और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम- सांसद श्री बघेल

खेल राष्ट्र निर्माण और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम- सांसद श्री बघेल

- आईआईटी भिलाई में हुआ ’खेलों इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन

- राष्ट्रीय खेल दिवस  29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

- प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रव्यापी ‘खेलो इंडिया संवाद’ को किया सम्बोधित

राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी एवं देश के गौरव मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस अवसर पर इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस आईआईटी भिलाई में ’खेलों इंडिया संवाद’ खेल की बात पीएम मोदी के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रव्यापी ‘खेलो इंडिया संवाद’ को संबोधित करते हुए देशभर के युवाओं को सम्बोधित किया। उन्होंने खेलों के महत्व, खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम दुर्ग सांसद  विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस दौरान एसडीएम  महेश राजपूत, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई डायरेक्टर श्री राजीव प्रकाश, यूथ आइकन सुयश पाण्डे, बास्केटबॉल खिलाड़ी रोहित शर्मा सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में ‘मेरा युवा भारत’ द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और विकसित भारत के निर्माण में उनके विचारों का योगदान सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम है। एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी ने मेजर ध्यानचंद के योगदान, अपने शुरुआती संघर्षों और खिलाड़ियों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर समर्थन का उल्लेख करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद ने अपनी प्रतिभा और देशभक्ति से भारत का गौरव बढ़ाया। सांसद श्री बघेल अपने पूराने दिनों को याद करते हुए बताया कि वे तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेल चुके हैं। उन्होंने बताया कि उस समय खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं बेहद सीमित थीं। प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को ट्रेनों के जनरल डिब्बों में, यहां तक कि टॉयलेट के पास चादर बिछाकर भी यात्रा करनी पड़ती थी। इसके बावजूद खिलाड़ियों में देश के लिए खेलने और बेहतर प्रदर्शन करने का जुनून बना रहता था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री स्वयं फोन पर बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाते हैं। जीत के बाद बधाई देना और हार के बाद संवेदनशीलता के साथ खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना उनकी कार्यशैली की विशेषता है। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे भिलाई के युवा बास्केटबॉल खिलाड़ी रोहित शर्मा सहित अन्य होनहार खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज देश अनेक आंतरिक और बाहरी चुनौतियों के बीच आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की सीख देता है।
कार्यक्रम के पश्चात युवा संवाद का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें खेल इकोसिस्टम में सुधार, 2036 ओलंपिक की तैयारी, युवा नेतृत्व का निर्माण विकसित भारत के लिए सशक्तिकरण, नशा मुक्त युवा अभियान विषयों पर चर्चा की गई। युवाओं से उनके सुझाव एवं विचार क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त किए गए। यह पहल युवाओं को खेल, नेतृत्व, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के साथ-साथ भारत के विकसित एवं सशक्त भविष्य के निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं को माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत करवाया गया एवं विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत क्विज़ मे भाग दिलवाया गया और सभी युवाओं को माय भारत पोर्टल से जुड़ कर राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर आईआईटी के डायरेक्टर  राजीव प्रकाश ने भी अपने संबोधन में खेलों को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने खेलो इंडिया जैसी पहल की सराहना करते हुए युवाओं से अधिक से अधिक खेलों से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।