वोट बचाओ, देश बचाओ रैली में छत्तीसगढ़ से बब्बर शेरों का दिल्ली कूच
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, विजय जांगिड़, मलकीत गैदू ने झंडी दिखाकर बसो को रवाना किया
प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 25 बसे दिल्ली के लिये रवाना
रायपुर/30 अक्टूबर 2026। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ऐतिहासिक वोट बचाओ देश बचाओ रैली में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से कांग्रेस के जाबाज़ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, नेता रवाना होना शुरू हो गये है। प्रदेश भर से 25 बसो तथा ट्रेनों और हवाई जहाज से रवान हुए। राजधानी रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, प्रभारी सचिव विजय जांगिड़, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने बीटीआई मैदान में झंडी दिखाकर 15 बसो में कार्यकर्ताओं को रवाना किया। इसके अलावा कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बालोद, राजनांदगांव में भी अलग-अलग बसो से कार्यकर्ता रवाना हुए। प्रदेश से कुल 25 बसे दिल्ली रैली में शामिल होने गई है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हजारों कांग्रेस कार्यकर्त्ता ने यह साबित कर दिया है कि जब देश पर संकट आएगा, तो छत्तीसगढ़ का कांग्रेसी कार्यकर्ता सबसे आगे खड़ा मिलेगा। दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदेश के कांग्रेस के वार्ड मेंबरों से लेकर पूर्व सांसदों, पीसीसी, एआईसीसी डेलीगेट्स, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और सभी मोर्चा प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की मौजूदगी अपने कार्यकर्ताओं के साथ होगी।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि आज देश में निष्पक्ष चुनाव और मतदान के अधिकार को सुनियोजित तरीके से कुचला जा रहा है। त्योहारों का समय है, जनता के अपने निजी काम और समस्याएं हैं, लेकिन जब देश और लोकतंत्र ही नहीं बचेगा, तो आपकी आजीविका और भविष्य किस काम का? जब लोकतंत्र की रीढ़ यानी वोट की ताकत ही सुरक्षित नहीं रहेगी, तो त्योहार, व्यापार और विकास के सारे दावे बेमानी हो जाते हैं।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि यह भीड़ नहीं, छत्तीसगढ़ और देश के करोड़ों नागरिकों के सब्र का सैलाब है। जब-जब देश पर संकट का साया मंडराया है, कांग्रेस ने ही देश को बचाया है। सत्ता और प्रशासन की धमकियों से न हमारे नेता डरेंगे, न हमारा बूथ कार्यकर्ता। आज देश एक अभूतपूर्व दौर से गुजर रहा है। एक तरफ सत्ता के नशे में चूर चंद लोग संवैधानिक संस्थाओं का गला घोंटकर हमारे मतदान के अधिकार को छीनने की साजिश रच रहे हैं, तो दूसरी तरफ देश की जनता कमर कसकर सड़क पर उतर चुकी है। यह लड़ाई सिर्फ एक तानाशाह को हटाने की नहीं, बल्कि भारत के भविष्य को बचाने की है।