आइए जानते हैं जन्माष्टमी का महत्व, पूजन विधि और कुछ खास उपाय।

आइए जानते हैं जन्माष्टमी का महत्व, पूजन विधि और कुछ खास उपाय।

आज रात कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रात को बड़े ही धूम-धाम के साथ कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से लेकर  12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा के लिए कुल मुहूर्त 45 मिनट तक रहेगा। आइए जानते हैं जन्माष्टमी का महत्व, पूजन विधि और कुछ खास उपाय।

Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पूजा विधि 

  • - कान्हा को पंचामृत से स्नान कराएं फिर बाद में गंगाजल, शुद्ध जल से स्नान करवाएं।
  • - कान्हा का अभिषेक करते समय लगातार ऊं नमो भगवते वासुदेवाय या फिर हरे कृष्णा मंत्र का जाप करें।
  • - कान्हा का अभिषेक पूरा होने के बाद प्रतिमा को साफ और मुलायम कपड़े से पोंछे।
  • - इसके बाद कान्हा को नया वस्त्र पहनाएं और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं।
  • Krishna janmashtami 2026: जन्माष्टमी पूजा विधि 

    • - आज रात 12 बजे के ठीक पहले एक खीरे के बीच से काटकर कान्हा का प्रतीक रूप रखें।
    • - फिर ठीक 12 बजे घंटी और शंख बजाकर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की,... बोलकर कान्हा का स्वागत करें।
    • - इसके बाद कान्हा को एक तांबे या पीतल के परात में उन्हें विराजित करें और भोग, पूजा और आरती करें।
    • Krishna janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर कान्हा को अर्पित करें ये भोग

      • - लड्डू गोपाल को माखन और मिश्री सबसे प्रिय होती है। ऐसे में आज के दिन कान्हा को ताजा माखन और मिश्री अप्रित करें।
      • - कृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा को धनिया पंचीरी का भोग जरूर लगाएं।
      • -दूध और मखाने की खीर
      • - पंचामृत 
      • - फल और मेवे का भोग