फिल्म सेंसर बोर्ड द्वारा बैन की गई फिल्म सतलज प्रदर्शन के सभी रिकॉर्ड तोड़ रही
सेंसर बोर्ड द्वारा रोकी गई फिल्म 'सतलज' का गुरुद्वारों में लगातार हो रहा निःशुल्क प्रदर्शन, अभियान आगे भी रहेगा जारी, बन रहा वर्ल्ड रिकॉर्ड : सुखबीर सिंह सिंघोत्रा
रायपुर। केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड द्वारा लंबे समय तक प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद फिल्म "सतलज" का देशभर में निःशुल्क प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया के साथ-साथ विभिन्न गुरुद्वारों में प्रोजेक्टर एवं बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को यह फिल्म दिखाई जा रही है। सिक्ख समाज द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान निरंतर विस्तार ले रहा है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने बताया कि पिछले सप्ताह गुरुद्वारा गुरु नानक नगर एवं गुरुद्वारा टाटीबंध में बड़ी स्क्रीन पर फिल्म "सतलज" का निःशुल्क प्रदर्शन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत एवं समाज के लोगों ने फिल्म देखी। इसी क्रम में शनिवार, 18 जुलाई को सायं 6:00 बजे गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहिब में तथा 19 जुलाई को गुरुद्वारा महावीर नगर में भी फिल्म का निःशुल्क प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह केवल दो कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि गुरुद्वारों में सतलज फिल्म के निःशुल्क प्रदर्शन का यह क्रम आगे भी लगातार जारी रहेगा। समाज का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक इस फिल्म को पहुँचाना है, ताकि लोग स्वयं इसे देखकर अपने विचार बना सकें।
सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि देशभर में इस फिल्म के अनेक प्रदर्शन होने के बावजूद कहीं से भी सामाजिक सौहार्द बिगड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उनके अनुसार लोगों ने इस फिल्म को किसी विवाद के रूप में नहीं, बल्कि इतिहास पर आधारित एक प्रस्तुति के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्कूलों और महाविद्यालयों में इतिहास पढ़ाया जाता है, उसी प्रकार यह फिल्म भी ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसमें उस दौर की परिस्थितियों तथा पुलिस कार्रवाई को दर्शाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि उनके अनुसार केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को लगभग तीन वर्षों तक प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। कई संशोधनों के बाद फिल्म का नाम भी बदला गया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। उनका कहना है कि इसके बाद फिल्म के अभिनेता दिलजीत दोसांज ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से फिल्म देखने की अपील की।
सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि इस अपील का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। उनके अनुसार जिस फिल्म के प्रदर्शन पर लंबे समय तक रोक रही, वही फिल्म आज बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँच चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म को सामान्य रूप से सिनेमाघरों में समय पर प्रदर्शित होने की अनुमति मिल जाती, तो संभवतः आज जितने लोगों तक यह फिल्म पहुँची है, उतने दर्शक उसे नहीं देख पाते। उनके अनुसार सेंसर बोर्ड के निर्णय के बाद लोगों में फिल्म को देखने की उत्सुकता और अधिक बढ़ी तथा सिक्ख समाज ने इसे गुरुद्वारों में निःशुल्क प्रदर्शित कर एक अनूठी पहल की है।
उन्होंने कहा कि समाज का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और प्रदेश के विभिन्न गुरुद्वारों सहित अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी समय-समय पर फिल्म का निःशुल्क प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस फिल्म को देख सकें।


