राज्योत्सव पर विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था
राज्योत्सव पर विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अन्नदाता के सम्मान से बदल रहा छत्तीसगढ़ का कृषि परिदृश्य
तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर से शुरू होगा धान खरीदी का महाअभियान
- लेखक-डॉ. ओम प्रकाश डहरिया
सहा. जनसंपर्क अधिकारी

छत्तीसगढ़ की पहचान देश के धान के कटोरे के रूप में है। यहां की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार कृषि और किसान हैं। किसानों की समृद्धि को प्रदेश के विकास का आधार मानते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते तीन वर्षों में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, खेती को आधुनिक बनाने और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। बीते तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था में धान खरीदी के महत्व को रेखांकित करता है।
तीन वर्षों में धान खरीदी और भुगतान का व्यापक दायरा
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में लगभग 144.92 लाख मीट्रिक टन और वर्ष 2024-25 में लगभग 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वर्ष 2025-26 में भी लगभग 142 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ। इन तीन खरीफ सीजन में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई और किसानों को लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का मूल्य उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का निर्णय
किसानों के हित में मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को पुनः पंजीयन से छूट दी गई है। उन्हें धान विक्रय के लिए समिति में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे से रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और बायोमेट्रिक आधारित खरीदी से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इस वर्ष 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू होने से प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी होगी।
कृषक उन्नति योजना से 35,904 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को 35,904.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। धान के स्थान पर अन्य लाभकारी फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को अब तक 12,267.39 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।
आधुनिक खेती, सिंचाई और फसल विविधीकरण पर जोर
कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए वर्ष 2024-25 से अब तक 8,567 कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 678 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 46,615 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार हुआ है और किसानों को 201.07 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। एग्रीस्टैक के माध्यम से 19,751 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी की जा चुकी है और 43 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन किया गया है।
दलहन एवं तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 29 जिलों के 273 केंद्रों से अरहर, सोयाबीन, चना, मसूर और सरसों की खरीदी कर किसानों को 219.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत 94,615 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार और 10 तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है।
किसानों की सुरक्षा और कृषि की मजबूत आधारशिला
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ एवं रबी 2025-26 में 16.70 लाख से अधिक किसानों ने बीमा कराया तथा 1 लाख 40 हजार 730 किसानों को 292.43 करोड़ रुपये का दावा भुगतान किया गया। उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खरीफ 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 18.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया गया। कालाबाजारी और जमाखोरी के विरुद्ध भी निरीक्षण एवं कार्रवाई की गई है।
लगभग 40 लाख कृषक परिवारों और 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों वाले छत्तीसगढ़ में कृषि का विकास सीधे ग्रामीण समृद्धि से जुड़ा है। राज्योत्सव के अवसर पर किसानों के हित में किए गए ये प्रयास प्रदेश की विकास यात्रा में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी, आर्थिक सहायता, आधुनिक तकनीक, सिंचाई और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अन्नदाता की खुशहाली, खेती की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।