त्योहारों में महंगाई की मार से आम आदमी बेहाल - वंदना राजपूत

त्योहारों में महंगाई की मार से आम आदमी बेहाल - वंदना राजपूत
त्योहारों में महंगाई की मार से आम आदमी बेहाल - वंदना राजपूत

भाजपा सरकार में रसोई का बजट बिगड़ा, जनता पूछ रही है - अच्छे दिन कहां हैं?

त्योहारों की खुशियां महंगाई ने छीनीं, सरकार जनता को राहत देने में नाकाम

रायपुर/31 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत 
ने त्योहारों के समय लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज आम आदमी के लिए दीपावली त्योहार मनाना भी आर्थिक चुनौती बन गया हैं। महंगाई ने आम परिवारों की कमर तोड़ दी है और घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल, आटा, चावल, सब्जियां, दूध, फल, मसाले और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों का बोझ आम जनता को परेशान कर रहा है। त्योहारों के समय जब परिवारों को अतिरिक्त खरीदारी करनी पड़ती है, तब महंगाई की मार और भी ज्यादा महसूस होती है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि आज मध्यमवर्गीय परिवार अपनी आमदनी और खर्च के बीच संतुलन बनाने के लिए बहुत अधिक संघर्ष कर रहे हैं। गरीब परिवारों के सामने घर चलाने की चुनौती है। महिलाओं को रसोई का बजट संभालने के लिए जरूरी सामान में कटौती करनी पड़ रही है। आखिर आम जनता अपनी जरूरतों से कब तक समझौता करेगी? भाजपा सरकार चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन महंगाई पर नियंत्रण करने के सवाल पर मौन क्यों है? क्या सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ चुनावी वादे करना है या जनता को महंगाई से राहत देना भी है? आम जनता की आमदनी बढ़ती नहीं लेकिन महंगाई बढ़ती जा रही है। बेलगाम महंगाई को रोकने के लिये सरकार के पास कोई नियत है और ना नीति है।