नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई इबारत लिख रही सुशासन सरकार, बीजापुर राज्योत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
नक्सलवाद के अंधकार से विकास के उजाले की ओर बढ़ता बीजापुर, राज्योत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा – अब बस्तर में गोलियों की गूंज नहीं, विकास और खुशहाली की गूंज सुनाई दे रही है
नक्सलवाद के अंधकार से विकास के उजाले तक पहुंचा बीजापुर, कर्रेगुट्टा से राज्योत्सव मंच तक मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दिया विकसित बस्तर का संदेश
कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे की शान से लेकर बीजापुर के मिनी स्टेडियम में राज्योत्सव की भव्यता तक, मंत्री का पूरा दिन रहा राष्ट्रसेवा, संगठन, सामाजिक संवाद और विकास को समर्पित
नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ने वाले वीर जवानों को किया नमन, भाजपा संगठन एवं सतनामी समाज के प्रतिनिधियों से की मुलाकात, जिला राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल; प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया सम्मान और छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का लिया आनंद
नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई इबारत लिख रही सुशासन सरकार, बीजापुर राज्योत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
बीजापुर/रायपुर, 02 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम बीजापुर जिले में उत्साह, गौरव और विकास के संकल्प का विशेष वातावरण देखने को मिला। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने सोमवार को बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों से लेकर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम तक विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। उन्होंने जहां कर्रेगुट्टा पहुंचकर देश की सुरक्षा में तैनात वीर जवानों का उत्साहवर्धन किया, वहीं भाजपा संगठन के पदाधिकारियों एवं सतनामी समाज के प्रतिनिधियों से आत्मीय मुलाकात कर चर्चा की। इसके पश्चात बीजापुर के मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर प्रदेश की विकास यात्रा, नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान, बस्तर के बदलते स्वरूप तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर अपने विचार रखे।
कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे की शान, जवानों के साहस को किया नमन
बीजापुर प्रवास के दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी जिला मुख्यालय के राज्योत्सव कार्यक्रम से पूर्व कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित एफओबी ताड़पाला पहुंचे। यह वही क्षेत्र है, जो लंबे समय तक नक्सलवाद और हिंसा की चुनौतियों के कारण सुर्खियों में रहा। यहां पहुंचकर उन्होंने सुरक्षा बलों के वीर जवानों से आत्मीय मुलाकात की और उनके कठिन परिश्रम, अदम्य साहस एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना की। कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे का गौरवपूर्ण ध्वज फहराया जाना आजाद भारत के इतिहास में इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। मंत्री गुरु साहेब जी ने कहा कि यह केवल एक पहाड़ी पर तिरंगा फहराने की घटना नहीं, बल्कि उस विश्वास, साहस और संकल्प का प्रतीक है, जिसके लिए हमारे जवानों ने कठिन परिस्थितियों में लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान अपने परिवारों से दूर रहकर, दुर्गम जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए दिन-रात तैनात रहते हैं। उनके त्याग और समर्पण के कारण ही आज उन क्षेत्रों में शांति एवं विकास की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं, जहां कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था। राष्ट्र उनकी सेवा, शौर्य और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
श्रमेव जयते: कर्रेगुट्टा के विकास कार्यों में योगदान दे रहे श्रमिकों का किया सम्मान
कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे श्रमिक भाई-बहनों को भी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सम्मानित किया। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित बस्तर के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने 'श्रमेव जयते' के ध्येय के साथ श्रमिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार में बस्तर का हर गांव विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ बस्तर में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। बस्तर-बीजापुर के विकास की इस यात्रा में हमारे श्रमिक भाई-बहनों का परिश्रम, समर्पण और योगदान अमूल्य है। श्रम, सहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही विकसित बस्तर एवं विकसित
के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों का परिश्रम ही विकास की वास्तविक नींव है।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को मिली निर्णायक दिशा
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जी के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को नई गति और दिशा मिली है।उन्होंने कहा कि नक्सलवाद केवल सुरक्षा की चुनौती नहीं था, बल्कि इसने दशकों तक बस्तर के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को भी प्रभावित किया। नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपनों को खोया, बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई, युवाओं के अवसर सीमित हुए और कई गांव विकास की मुख्यधारा से दूर रहे।आज सुरक्षा बलों के साहस, सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और क्षेत्र के नागरिकों के सहयोग से परिस्थितियां बदल रही हैं। नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि शांति स्थापित होने के साथ-साथ प्रत्येक प्रभावित गांव तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचें।
उन्होंने कहा कि बस्तर की असली पहचान यहां की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराएं, मेहनतकश नागरिक और प्रतिभाशाली युवा हैं। अब समय है कि बस्तर की पहचान भय और हिंसा से नहीं, बल्कि शिक्षा, पर्यटन, रोजगार, कृषि, संस्कृति और विकास से बने।
भाजपा संगठन एवं सतनामी समाज के प्रतिनिधियों से की आत्मीय मुलाकात
कर्रेगुट्टा दौरे के पश्चात मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने बीजापुर जिला मुख्यालय में भाजपा संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, क्षेत्र की परिस्थितियों और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही उन्होंने सतनामी समाज के प्रतिनिधियों एवं समाजजनों से भी आत्मीय भेंट की। सामाजिक समरसता, समाज के विकास, शिक्षा और युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की प्रगति में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सभी वर्गों की सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जिला राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर प्रदेश की विकास यात्रा को किया रेखांकित
इसके पश्चात मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी बीजापुर के मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों,विद्यार्थियों,कलाकारों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। मंत्री गुरु साहेब जी ने दीप प्रज्वलन कर छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता,भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण कर,विभागों द्वारा लगाए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर कार्यक्रम की गरिमामय शुरुआत के पश्चात उपस्थित जनसमूह को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। इन 26 वर्षों में प्रदेश ने अनेक क्षेत्रों में विकास की यात्रा तय की है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, कौशल विकास, अधोसंरचना और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।उन्होंने…
छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा। उन्होंने श्रमिकों
कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, परंपरा, लोककला, मेहनतकश किसान, श्रमिक, युवा और मातृशक्ति की सामूहिक पहचान है। राज्य स्थापना दिवस हमें अपने पूर्वजों के संघर्ष, राज्य निर्माण के सपनों और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को याद करने का अवसर देता है।
नक्सलमुक्त बीजापुर के साथ अब विकास, शिक्षा और रोजगार की नई इबारत लिखने का समय
अपने संबोधन में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने बीजापुर और बस्तर के बदलते परिदृश्य को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण वर्षों तक जिन क्षेत्रों में विकास की योजनाओं को पहुंचाने में कठिनाइयां आती थीं, वहां अब विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र को केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और भविष्य की संभावनाओं के आधार पर भी देखना आवश्यक है। नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में सफलता का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब बीजापुर का प्रत्येक बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करे, प्रत्येक युवा को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलें, किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें और प्रत्येक परिवार सम्मानजनक जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की। सरकार इसी दिशा में योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग व अनुसूचित जाति विकास के मंत्री के रूप में गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने संबोधन में युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं के पास रोजगार प्राप्त करने योग्य तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल होना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा,रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और स्वरोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास के अवसरों से जुड़ें। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने हुनर को पहचानें और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदार बनें।उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं को भी तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के समान अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में स्थानीय युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासों को और मजबूती दी जाएगी।
प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, बच्चों को आगे बढ़ने के लिए किया प्रोत्साहित
जिला राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों एवं विद्यार्थियों को मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश का वास्तविक भविष्य उसके बच्चे और युवा होते हैं। आज सम्मानित होने वाले ये प्रतिभावान विद्यार्थी आने वाले समय में अपने परिवार, समाज, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले बच्चों को भी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए बेहतर अवसर और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा
केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी साधन है। इसलिए प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
राज्योत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों एवं प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और कला का सुंदर प्रदर्शन किया। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य और जनजातीय परंपराओं से भी है। बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती है। ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत किया पौधरोपण
कर्रेगुट्टा स्थित सुरक्षा बलों के कैंप परिसर में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और हरित प्रदेश का निर्माण करना हम सभी का दायित्व है।
विकसित बस्तर और समृद्ध छत्तीसगढ़ का संकल्प
अपने पूरे बीजापुर प्रवास के दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने सुरक्षा,सामाजिक संवाद, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, संस्कृति और जनकल्याण को विकास के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा तभी सार्थक होगी, जब प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को विकास का समान अवसर मिले। बस्तर का प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े, प्रत्येक युवा के हाथ में हुनर हो, प्रत्येक बच्चे को शिक्षा मिले और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए, यही सरकार का संकल्प है। उन्होंने मां भारती की सेवा में समर्पित वीर जवानों के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके परिश्रम से स्थापित शांति को विकास, विश्वास और जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी मजबूती देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अंत में उन्होंने बीजापुर जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों, कलाकारों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आइए, हम सब मिलकर नक्सलवाद की चुनौतियों से आगे निकलकर शांति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सद्भाव और विकास के नए अध्याय के साथ विकसित छत्तीसगढ़ एवं समृद्ध बस्तर के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।