भाजपा बताये झीरम मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री, पुलिस के आला अधिकारियों और जेल में बंद नक्सलियों से पूछताछ कब होगी?
भूपेश बघेल के खुलासे के बाद सबूत मांगने वाले भाजपा नेताओं की बोलती क्यों बंद है?
रायपुर/09 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि झीरम घाटी राजनीतिक षड्यंत्र और हत्याकांड के असली षड्यंत्रकारी आज भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। एनआईए की जांच अधूरी है और झीरम के पीड़ित परिवारों को आज तक पूरा न्याय नहीं मिला है। अब जब कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री, पुलिस के जिम्मेदार आला अधिकारियों और जेल में बंद नक्सलियों से पूछताछ की मांग की है, तो भाजपा नेताओं की आवाज क्यों बंद हो गई है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जो भाजपा नेता कल तक झीरम मामले में सबूत मांग रहे थे, वे अब भूपेश बघेल द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों पर चुप क्यों हैं? भाजपा सरकार स्पष्ट करे कि जिन लोगों से पूछताछ की मांग उठी है, उनसे पूछताछ कब होगी? या फिर भाजपा सरकार एक बार फिर झीरम के असली षड्यंत्रकारियों को बचाने के लिए मौन साधे बैठी रहेगी? नवंबर 2023 में न्यायालय द्वारा एसआईटी जांच की अनुमति दिए जाने के बावजूद अब तक एसआईटी जांच शुरू क्यों नहीं हुई? आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी है कि भाजपा सरकार झीरम जैसे जघन्य राजनीतिक हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाने से बच रही है? सरकार को प्रदेश की जनता को जवाब देना होगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि झीरम घाटी कांड के बाद तत्कालीन कांग्रेस की केंद्र सरकार ने दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से एनआईए जांच का रास्ता खोला था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद जांच की दिशा और उसकी गंभीरता पर लगातार सवाल उठते रहे। एनआईए कोर्ट में फैसला आने के बाद भी अगर षड्यंत्र की पूरी परतें नहीं खुलीं तो यह जांच की दिशा और नीयत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जिन लोगों को आरोपी बनाया गया, वे यदि केवल सहयोगी या निचले स्तर के लोग हैं तो असली षड्यंत्रकारियों तक जांच क्यों नहीं पहुंची? एनआईए ने जिन कुख्यात नक्सलियों की तस्वीरें अखबारों में प्रकाशित कर गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया था, उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? एनआईए की चार्जशीट में दर्ज कुख्यात नक्सली नेताओं के नाम बाद में किसके दबाव में हटे?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का कार्यकाल बढ़ाकर षड्यंत्र के एंगल सहित महत्वपूर्ण बिंदुओं को जांच के दायरे में शामिल किया था। झीरम की सच्चाई सामने आने से भाजपा को डर क्यो लगता है?किसे बचाने भाजपा नेता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर उस जांच को रोकने का प्रयास किया? झीरम की षड्यंत्र जांच से भाजपा को आखिर क्या आपत्ति थी? प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि झीरम के षड्यंत्रकारियों को बचाने के पीछे किसका संरक्षण है और किसके दबाव में जांच की दिशा रोकी गई?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खुलासे के बाद जांच एजेंसियां तत्काल तत्कालीन मुख्यमंत्री, जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और जेल में बंद नक्सलियों से पूछताछ करें, झीरम के वास्तविक षड्यंत्रकारियों को बेनकाब करें, उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा करें और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाएं।


