गंगा के उफान से कई जिलों में लाखों लोग प्रभावित , बिहार में बाढ़ का कहर जारी
पटना । बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के शनिवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, भागलपुर, भोजपुर, पटना, सारण और वैशाली में ही करीब 7.8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी निचले इलाकों में पानी फैलने से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर के खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण काजीकौरैय-राघोपुर मार्जिनल बांध 23 अगस्त की रात करीब 30 मीटर लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पंचायत के पांच वार्डों में पानी फैल गया, जिससे करीब 5,000 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए छह सामुदायिक रसोई केंद्र चलाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 70,600 थालियों में भोजन कराया जा चुका है। भोजपुर में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिले के चार प्रखंडों की करीब 2.84 लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से 13 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक करीब 8,300 थालियों में भोजन कराया गया है। पटना जिले में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के नौ प्रखंडों में करीब 2.32 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
फिलहाल आठ सामुदायिक रसोई केंद्र चल रहे हैं, जिनसे करीब 5,900 थालियों में भोजन उपलब्ध कराया गया है। शनिवार से सात और स्थानों पर सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। सारण जिले के पांच प्रखंडों में करीब 20 हजार आबादी प्रभावित हुई है। यहां एक सामुदायिक रसोई केंद्र के माध्यम से अब तक करीब 500 थालियों में भोजन कराया गया है। वैशाली में तीन प्रखंडों की करीब 85 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। यहां एक सामुदायिक रसोई केंद्र के साथ एक राहत शिविर भी संचालित किया जा रहा है, जिसमें 326 लोग शरण लिए हुए हैं।


