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  • आप भी घर पर बना सकते हैं गुरुद्वारे जैसा कड़ा प्रसाद

    कड़ा प्रसाद बनाने के लिए जरूरी सामग्री
    -एक कप देशी घी
    -एक कप चीनी
    -एक कप मोटा आटा
    -चार कप पानी

    कड़ा प्रसाद बनाने का आसान तरीका-

    -कड़ाह प्रसाद बनाने के लिए सबसे पहले मोटे तल वाला बर्तन लें। जब यह गर्म हो जाए तो इसमें घी डालकर पिघलाएं। 
    -दूसरी तरफ एक बर्तन में चार कप पानी मध्यम आंच पर उबलने के लिए रखें।
    -घी में गर्म होने पर उसमें आटा डालकर अच्छी तरह मिक्स करते हुए उसे सुनहरा होने तक भूनें। ध्यान रखें हलवा बनाने के लिए गेहूं का मोटा पिसा आटा ही अच्छा होता है।
    -जब आचा सुनहरा हो जाए उसमें चीनी और उबला हुआ पानी डालकर अच्छी तरह चलाते हुए पकाएं।
    -पानी डालते वक्त हलवे में बिल्कुल गांठ न पड़ने दें।
    -पानी को सूखने तक चलाते हुए पकाएं।
    -आपका हलवा बनकर तैयार है। ठंडा होने के बाद सर्व करें।

  • बंगाली नववर्ष पोइला बोइशाख 2024 में कब ?

    पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, झारखंड और असम में बंगाली लोग इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन लोग एक दूसरे को नए साल की बधाई देने का साथ तरह-तरह के पकवान बनाते हैं. आइए जानते हैं इस साल पोइला बोइशाख यानी बंगाली नववर्ष 2024 कब मनाया जाएगा.

    पोइला बोइशाख 2024 में कब ? (Poila Baisakh 2024 date)

    पोइला बोइशाख 14 या 15 अप्रैल को मनाया जाता है. इस साल पोइल बोइशाख 14 अप्रैल 2024 को है. ‘शुभो नोबो बोरसो’ (नया साल मुबारक) कहकर एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं. 1431 को इसी दिन बंगाली कैलेंडर की शुरुआत हुई थी. असर में इसी दिन बोहाग बिहू त्योहार भी मनाया जाएगा.

  • ईद पर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को मिली बंपर ओपनिंग पहले ही दिन तोड़ा रिकॉर्ड

    अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ स्टारर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ईद के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इस फिल्म का अजय देवगन की मैदान से ‘क्लैश हुआ है. हालांकि एडवांस बुकिंग से लेकर पहले दिन के कलेक्शन तक ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने ‘मैदान’  को मात दे दी दी है. चलिए यहां जानते हैं अक्षय कुमार की फिल्म ने रिलीज के पहले दिन कितने करोड़ से ओपनिंग की है?

    बड़े मियां छोटे मियां’ ने रिलीज के पहले दिन कितने करोड़ कमाए?
    ‘बड़े मियां छोटे मियां’ के ट्रेलर के बाद से फैंस को इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार था. फिल्म के होश उड़ा देने वाले एक्शन सीक्वेंस ने ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को लेकर एक्साइटमेंट लेवल और बढ़ा दी थी. वहीं सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद अक्षय कुमार की फिल्म ने भी धमाल मचा दिया और इसे बंपर ओपनिंग मिली है. यहां तक कि ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने अजय देवगन की स्पोर्ट्स ड्रामा ‘मैदान’ को भी पहले दिन धो डाला है. 

    बडे मियां छोटे मियां ने तोड़ा क्रू’ और शैतान का रिकॉर्ड
    ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने दमदार ओपनिंग की है. एक्शन पैक्ड फिल्म को रिलीज के पहले दिन दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और इसी के साथ ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शैतान' का पहले दिन की कमाई का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. बता दें कि ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने जहां रिलीज के पहले दिन 15.50 करोड़ का कलेक्शन किया है तो वहीं ‘शैतान’ की पहले दिन की कमाई 15.21 करोड़ रुपये रही थी. वहीं ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ने करीना कपूर की ‘क्रू’ का भी रिकॉर्ड ब्रेक कर दिया है. ‘क्रू’ ने पहले दिन 10.28 करोड़ का कलेक्शन किया है.  वीकेंड पर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ की कमाई में और उछाल आने की उम्मीद है.

  •  बैसाखी का ये त्योहार पंजाबी व्यंजनों के बिना अधुरा है पंजाब वैसे भी अपने खान-पान के लिए प्रसिद्ध है

    पिंडी छोले

    बैसाखी के त्योहार पर खासतौर पर पिंडी के छोले बनाए जाने की परंपरा है. इसे खूब सारे मसालों के साथ तैयार किया जाता है. पिंडी छोले के साथ मक्खन वाली रोटी या फिर चावल खाए जाते हैं. इस बार बैसाखी पर आप भी ये रेसिपी ट्राई करें.

    कढ़ी-चावल

    बैसाखी पर पीले व्यंजन भी बनाए जाते हैं. कढ़ी चावल तो वैसे भी सबकी फेवरेट होती है. बात करें पंजाबी कढ़ी की तो इसका फ्लेवर अलग होता है. पंजाब में पकौड़े वाली कढ़ी खाने का प्रचलन ज्यादा है. कढ़ी को खट्टा करने के लिए दही या इमली का इस्तेमाल किया जाता है. कढ़ी को भी आप बैसाखी पर बना सकते हैं.

    पीले चावल

    मीठे के बिना तो हर त्योहार अधूरा है. ऐसे में बैसाखी वाले दिन मीठे पीले चावल बनाने की भी परंपरा है. इन्हें केसर चावल के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन हर पंजाबी के घर में मीठे चावल बनाए जाते हैं. इन चावलों का स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची, लौंग और काजू जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है.

    दही भल्ले

    उड़द दाल के वड़े बनाकर इसे अच्छी तरह से फेंटी हुई दही में डुबोया जाता है. इसे खट्टी-मीठी इमली और धनिया की चटनी के साथ परोसा जाता है. दही भल्ले की रेसिपी भी आसान है. इसे आप बैसाखी पर बना सकते हैं.

  • इस तरीके से बनाएं सूजी का हलवा, हर कोई चाट लेगा उंगलियां, आसान है बनाने की विधि
    सूजी का हलवा बनाने के लिए सामग्री
    सूजी (रवा) – 1 कटोरी
    इलायची कुटी – 3/4 टी स्पून
    बादाम कटी – 7-8
    किशमिश – 10-12
    देसी घी – 1 टेबलस्पून
    चीनी – 1 कप
    नमक – 1 चुटकी
    सूजी का हलवा बनाने की विधि
    स्वाद से भरपूर सूजी का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही को मीडियम आंच पर गर्म करें और उसमें सूजी डालकर चलाते हुए सेकें. सूजी को तब तक सेकना है जब तक कि उसका रंग गोल्डन ब्राउन न हो जाए. इसके बाद सूजी को एक बाउल में निकाल लें. अब कड़ाही में देसी घी डालें और गर्म करें. जब घी पिघल जाए तो पहले कुटी हुई इलायची डालें और फिर कुछ सेकंड बाद भुनी हुई सूजी डालकर घी के साथ अच्छी तरह से मिक्स कर दें.
    अब करछी से चलाते हुए सूजी को एक से दो मिनट तक पकाएं, इसके बाद कड़ाही में लगभग 2 गिलास पानी डालें और चलाते हुए सूजी को पकने दें. कुछ देर बाद सूजी में चीनी डालकर ठीक ढंग से मिला लें. अब हलवे को चलाते हुए तब तक पकाना है जब कि गाढ़ा न हो जाए. इसके बाद हलवे में बारीक कटी बादाम और किशमिश मिला लें. इसके ऊपर एक चुटकी नमक भी भुरक दें.
    सूजी के हलवे में चुटकीभर नमक डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. अब सूजी का हलवा कम से कम 8-10 मिनट तक पकाएं. जब हलवे का रंग सुनहरा भूरा हो जाए और उसमें से भीनी खुशबू आनी शुरू हो जाए तो गैस बंद कर दें. इस बात का ध्यान रखना है कि सूजी हलवा बनाते वक्त उसे चलाते रहना है वरना हलवा कड़ाही से चिपक सकता है. इसके बाद हलवा सर्विंग बाउल में निकालें और ड्राई फ्रूट्स से गार्निश कर सर्व करें.
  • इस ईद मेहमानों के लिए बनाना चाहती हैं कुछ स्पेशल

    आज देशभर में लोग ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद मना रहे हैं, ये मुसलमानों के लिए बड़े फेस्टिवलों में से एक है. ईद का विशेष महत्व होता है क्योंकि यह रमजान के समापन का प्रतीक है, जो एक महीने तक चलने वाला रोजा होता है. ईद के मौके पर लोग घरों में तरह तरह के पकवान बनाते हैं जैसे शीर, मटन और गोश्त आदि, लेकिन कई बार हम कुछ नया बनाने की सोचते हैं, ऐसे अग आप भी इस बार कुछ नया बनाना चाहते हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, कुछ नई और आसान रेसिपीज, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में

     

    खीर-

    सामग्री:

     

    ¾ कप बासमती चावल या गोविंदभोग चावल, इनमें से आप किसी एक का इस्तेमाल कर सकते हैं
    ½ कप चीनी
    ½ लीटर फुल क्रीम दूध, साथ ही साथ 1-2 कप अतिरिक्त दूध भी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर इसे मिलाजा जा सके
    -100 ग्राम काजू
    -100 ग्राम किशमिश
    -1 चम्मच घी
    -1 चम्मच इलायची पाउडर

    -तरीका:

    – सबसे पहले चावल को पानी साफ होने तक धो लें और फिर भिगोकर सारा पानी निकाल दें, फिर चावल को उंगलियों से रगड़कर अच्छे से तोड़ लें

     एक कुकर में दूध उबालें और जब यह उबलने लगे तो आंच बिल्कुल धीमी कर दें और दूध में टूटे हुए चावल डाल दें

    -फिर इसे अच्छे से मिलाएं. और फिर कुकर का ढक्कन बंद करें, आंच धीमी कर दें और आधे घंटे तक पकने दें

    – इसके बाद गैस बंद कर दें, ध्यान रहे ढक्कन तभी खोले जब इसकी सीटी पूरी तरह खुद से निकल जाए

    – अब ढक्कन खोलें और चीनी मिलाएं और अच्छी तरह मिलाएं

    -धीमी आंच पर 5 से 10 मिनट तक और पकाएं. आंच बंद कर दें और इसे एक तरफ रख दें

    – अब आप घी गर्म कर सकते हैं और इसमें किशमिश और काजू डालें

    -काजू को घी में हल्का सुनहरा होने तक और किशमिश पकने तक भून लीजिए. आप चाहें तो काजू को तोड़ भी सकते हैं

    फिर खीर में काजू किशमिश और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिला दीजिए

    -इसे कमरे के तापमान तक ठंडा करें

    – खीर ठंडी होने पर गाढ़ी हो जाएगी, अगर आपको खीर ज्यादा गाढ़ी लग रही है तो आप इसमें दूध मिला सकते हैं.

    -आप इसे गर्मागर्म भी खा सकते हैं या फिर ठंडा परोसना चाहें तो वो भी कर सकते हैं

  • गुड़ी पड़वा 2024 त्यौहार पर बनाकर खाएं ये  पारंपरिक व्यंजन

    सामग्री-

    • 1.5 कप दही
    • ¼ चम्मच इलायची पाउडर
    • 2 से 3 चुटकी कसा हुआ जायफल
    • ½ कप चीनी
    • 1 बड़ा चम्मच गर्म दूध
    • 12 से 15 केसर के धागे या 1 चुटकी
    • 2 बड़े चम्मच नट्स

    बनाने का तरीका-

    • एक छोटी कटोरी में गर्म दूध लें और 2 चुटकी केसर के धागे डालें। इसे एक तरफ रख दें।
    • दही को एक कटोरे में निकाल लें और उसमें चीनी डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
    • इसके बाद इसमें केसर वाला दूध डालकर अच्छी तरह से फेंट लें।
    • इसमें नट्स और ड्राई फ्रूट डालकर सजाएं और फिर फ्रिज में ठंडा करने के लिए रख दें।
    • आपका श्रीखंड तैयार है और इसे अपने मेहमानों को सर्व करें।
     

    श्रीखंड

    श्रीखंड को छाने हुए दही से बनाया जाता है और इसे आमतौर पर पूरियों के साथ या फिर खाने के साथ परोसा जाता है।इसे बनाने के लिए सबसे पहले केसर के धागों को दूध में घोल लें।अब एक कटोरे में गाढ़ा दही, आइसिंग शुगर, रोज एसेंस और इलाइची पाउडर डालकर सामग्रियों को अच्छी तरह फेंट लें। अब इसे कुछ देर के लिए ढककर रख दें।इसके बाद श्रीखंड को सूखे मेवों से सजाकर ठंडा-ठंडा परोसें।

     

    पूरन पोली

    इसे बनाने के लिए सबसे पहले मैदा और घी को एकसाथ मिलाएं। अब पानी डालकर इसका नरम आटा गूंद लें।इसके बाद चना दाल को 20 मिनट तक पानी में पकाएं और इसे छानकर एक बर्तन में डालें। अब दाल, जायफल, इलायची और गुड़ को पांच मिनट तक पकाएं।आटे की लोई बनाकर बेलें और फिर उसमें दाल वाला मिश्रण भरकर इसे फिर से बेल लें। इसके बाद इसे घी में सुनहरा भूरा होने तक पकाएं और इसका आनंद लें।

  • बैसाखी कब मनाई जाएगी,13 या 14 अप्रैल को? जानें सही तारीख

    बैसाखी पर्व की शुरुआत पंजाब (भारत) से हुई थी, और इसे रबी की फसल की कटाई शुरू होने के उपलक्ष्य के प्रतीक स्वरूप मनाया जाता है. इस पर्व का यूं तो पंजाब और हरियाणा में विशेष महत्व है, लेकिन आज यह पंजाब, हरियाणा या भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में उसी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. लेकिन इस वर्ष 2024 में बैसाखी कब मनाई जाएगी, 13 या 14 अप्रैल को, मूल तिथि को लेकर कुछ संशय है. पंजाब में इस दिन को नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है. नये साल के उपलक्ष्य में स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं, और शाम के समय सभी लोग एक जगह एकत्र होकर भांगड़ा नृत्य कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं. आइये जानते हैं, पंजाब के इस वैभवशाली नववर्ष के बारे में कुछ रोचक जानकारियां...

     

    इस दिन होगी बैसाखी!

    भारत विविधताओं का देश है. यहां तमाम धर्म और जाति के लोग रहते हैं. त्यौहार हो या व्रत-पूजा, अथवा कोई अन्य उत्सव, सभी की सेलिब्रेशन की अपनी-अपनी मान्यताएं एवं रीति-रिवाज होते हैं. उदाहरण के लिए सिख समुदाय का नया साल शुरू हो रहा है. इस नये साल को वे प्रतीकात्मक रूप से वे बैसाखी रूप में मनाते हैं. खालसा संवत के अनुसार खालसा कैलेंडर का निर्माण खालसा 1 वैशाख 1756 विक्रमी (30 मार्च 1699) को शुरू होता है. इस हिसाब से इस साल 2024 में 13 अप्रैल शनिवार को बैसाखी मनाई जाएगी.

  • नवरात्रि व्रत के दौरान खाने में इन स्वास्थ्यवर्धक चीजों का करें उपयोग, नहीं टूटेगा आपका उपवास
    व्रत के दिन खाएं ये हेल्दी रेसिपी:

     

    1. साबूदाना: शरीर को होंगे ये खास फायदे :-
    नवरात्र व्रत में खाए जाने वाली चीजों में साबूदाना वह है जो आपको दिनभर एनर्जी देती है और शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। साबूदाना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है और आप इसे व्रत में भी खा सकते हैं।
    साबूदाना की खीर, साबूदाना की खिचड़ी, साबूदाना के पकौड़े आदि व्रत में चाव से खाए जाते हैं। साबूदाने में आयरन, कैल्शियम, कॉपर, सेलेनियम, विटामिन बी-6, बी-कॉम्प्लेक्स, सोडियम आदि पाया जाता है। यही कारण है कि अगर आप व्रत में साबूदाना खाते हैं, तो आपके शरीर में दिनभर एनर्जी बनी रहती है और शरीर के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व आपको मिल जाते हैं।
    देर तक रखता है पेट भरा- इसके साथ ही साबूदाने में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, इसलिए ये आपका पेट लंबे समय तक भरा रखता है। फाइबर वाले आहार खाने से व्रत के दौरान कब्ज, गैस आदि की समस्या भी नहीं होती है और पेट अच्छी तरह साफ होता है। साबूदाने में 45% कार्ब्स होता है, जिससे आपको देर तक भूख का एहसास नहीं होता है।
     

     

    दिनभर शरीर में बनी रहती है एनर्जी – साबूदाना खाने से आपके शरीर में दिनभर एनर्जी बनी रहती है। इसका कारण यह है कि इसमें ढेर सारे विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जिनकी आपके शरीर को रोजाना जरूरत होती है। कार्ब्स और कार्बोहाइड्रेट्स होने के कारण ये शरीर में जाते ही इंस्टैंट एनर्जी देता है।
    पाचन में आसानी- व्रत के दौरान भारी चीजें खाने से आपको नींद आती है और गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए व्रत में हमेशा ऐसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है, जो आसानी से पच जाए। साबूदाने में फाइबर होने के कारण ये अच्छी तरह और आसानी से पच जाता है। जिससे आपको पेट फूलने, गैस, अपच और कब्ज की समस्या नहीं होती है।
    बढ़ाता है खून- साबूदाने में आयरन भी भरपूर होता है इसलिए ये आपके शरीर में खून की कमी दूर करता है। साबूदाना में मौजूद आयरन शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाने में मदद करता है।
    हड्डियों और मांसपेशियों को करे मजबूत – कैल्शियम की अच्छी मात्रा होने के कारण साबूदाना हड्डियों और मांसपेशियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसमें आयरन, विटामिन और प्रोटीन की मात्रा भी अच्छी होती है। ये तत्वहड्डियों की कमजोरी को दूर करते हैं और उन्हें मजबूत बनाते हैं।
    2. फ्राई आलू : बनाने में आसान और फायदेमंद भी :-
    व्रत के दौरान फ्राई आलू सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला व्यंजन है। इसे बनाना भी आसान है साथ ही ये ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।
    ऐसे करें तैयार- इसके लिए सबसे पहले 4-5 आलू उबाल लीजिए और उसके छिलके उतारने के बाद उन्हें 4-6 टुकड़ों में काट लीजिए। एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म कर जीरा डालिए। जीरा तड़कने के बाद आलू, नमक और आधा छोटी चम्मच काली मिर्च डालकर आलू 2-3 मिनट तक भूनिये, गैस बन्द कर दीजिये, हरा धनिया और एक नींबू का रस डाल कर मिलाइये। व्रत के आलू तैयार हैं। माता को भोग लगाकर परिवारजनों के साथ खाइए।
    3. फलों का रायता : पौष्टिकता से भरपूर –
    अगर व्रत के दौरान आप फलों का रायता खाते हैं तो आपको और कोई पौष्टिक खाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि न तो इसे बनाने में तेल का इस्तेमाल किया जाता है और न ही गैस खर्च होती है। इसे बनाना भी बहुत आसान है। यह आपको पूरे दिन तरोताजा रखता है और आपके पाचन शक्ति को कमजोर भी नहीं होने देगा।
     

     

    बनाने की विधि- 1 केले के मोटे-मोटे गोल टुकड़े काट लीजिये। 1 सेब को छोटे-छोटे टुकड़े काट लीजिए। 40-50 अंगूर लें और खरबूज के छोटे-छोटे टुकड़े लें। 400 ग्राम (2 कप) दही को 100 ग्राम मलाई और 2 -3 टेबल स्पून चीनी मिला कर फेंट लीजिये।
    सारे तैयार फल दही में मिलाइये। 2 इलायची छील कर बारीक कूट लीजिये और रायते में मिला दीजिये। रायते को ठंडा होने के लिये फ्रिज में रख दीजिये। फलों का रायता तैयार है, ठंडा खुशबू दार रायता परोसिये और खाइये। फलों का रायता बनाने के लिये आप अपने मन पसन्द कोई भी फल ले सकते हैं और कोई भी हटा सकते हैं।

    4. कुट्टू के आटा: नहीं टूटेगा आपका व्रत :-
    नवरात्र व्रत के दौरान कुट्टू के आटे की बनी चीजें खाने का चलन है। नवरात्रि में कुट्टु के आटे की रोटी या पकौड़ी बनाकर चाय या फिर और टमाटर की चटनी के साथ स्वाद लेकर खाया जाता है। कुट्टू के आटे से कई ऐसी चीजें बनती हैं,जिनका व्रत के दौरान इस्तेमाल किया जा सकता है,ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान अनाज का सेवन नहीं किया जाता है।
     

     

    कुट्टू का आटा अपने अंदर बहुत से गुण छिपाए हुआ है। कुट्टू सिंघाड़ा से भी बनता है और बक्वीट के पौधों के बीज से भी। कुट्टू कहे जाने वाले आटे को अंग्रेजी में ‘बक्वीट’ तो पंजाब में ‘ओखला’ के नाम से जाना जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘फैगोपाइरम एसक्युल्युटम’ कहते है। ये बक्वीट का पौधा होता है।
    ( कुट्टू के आटे को लेेकर इस बात का रखें खास ध्यान:- नवरात्रि के दौरान कई बार बाजार में लोगों को ठगने की मंशा से कई नकली आटा भी आ जाते है। जिससे बाजार में जहरीला कुट्टू का आटा आने लगता है। 2011 में इस जहरीले कुट्टू के आटे को खाकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 200 लोगों के बीमार होने की खबर भी आई थी।
    कुट्टू का आटा जहर तब बन जाता है जब ये पुराना होता है। विशेषज्ञों की मानें तो कुट्टू का आटा बनने के एक माह तक ही खाने लायक रहता है और उसके बाद ये खराब हो जाता है। पुराना होने पर ये जहरीला हो जाता है और खाने लायक नहीं रहता।)
    अ. कुट्टू की खिचड़ी-
    नवरात्र की पूजा शुरू होने के साथ ही लोगों के व्रत भी शुरू हो गए हैं। इस व्रत में कई लोग कुट्टु के आटे की पूरी या परांठे भी खाते हैं। लेकिन इसमें तेल होने के कारण कैलोरी बहुत अधिक होती है। ऐसे में कुट्टु के आटे से बनी खिचड़ी खाएं।
    कुट्टु बहुत ही ज्यादा पौष्टिक और ऊर्जापूर्ण वाला आहार है। ऐसे में व्रत में इसकी खिचड़ी व्रतधारियों को पूरे दिन एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करती है। कुट्टु शरीर को गर्म करता है इसलिए ठंडे मौसम में ही खाएं।
    जरूरी सामग्रीः
    1 कप कुट्टू का आटा, 2 मध्यम आलू चैकोर कटे, 2 कप पानी, 1 हरी मिर्च, 1/2 इंच अदरक, 1/2 चम्मच जीरा, 1 चम्मच चीनी, 2 चम्मच मूंगफली, 1 चम्मच घी, 1 चम्मच धनिया, नींबू रस, सेंधा नमक
    बनाने की विधि:
    सबसे पहले तवे को गर्म कर उसमें बिना नमक और तेल के मूंगफली को अच्छी तरह से रोस्ट कर लें। अब इन रोस्ट की हुई मूंगफली का पावडर बनाएं।

     

    : अब कुट्टु को अच्छी तरह से धोएं।
    : फिर एक पैन में घी गर्म करें। उसमें जीरा डालें।
    : फिर इस पैन में बारीक कटी हुई मिर्च और अदरक डालकर चलाएं।
    : अब इसमें आलू डालकर फ्राई करें।
    : जब आलू अच्छी तरह से फ्राई हो जाए तो उसमें पिसी हुई मूंगफली और कुट्टु डालकर दो मिनट तक चलाएं।
    : अब इसमें पानी, चीनी और नमक डालें। अब पैन को ढंक कर उसे धीमी आंच में पकने दें।
    : जब इसमें से पानी पूरी तरह से सूख जाएं तो गैस बंद कर उसमें कटी हुई हरी धनिया ऊपर से डालें।
    : अब आपकी कुट्टु की खिचड़ी तैयार है।

    ब. कट्टू के आटे का चीला –
    व्रत के दरान कई घरों में कट्टू के आटे का इस्तेमाल भोजन के लिए किया जाता है। कूटू के आटे से व्रत के लिये तरह-तरह के व्यंजन बनाये जाते हैं। इन व्यंजनों में कूट्टू के आटे का चीला बहुत से लोगों द्वारा पसंद किया जाता है।
    ऐसे बनाएं: इसे घर में बनाने के लिए 100 ग्राम (आधा कप) कूट्टू का आटा छान कर किसी बर्तन में निकाल लीजिए। 200 – ग्राम अरबी धोकर उबाल लीजिये। अरबी को छील कर, कद्दूकस करके, मैस कर लीजिये।
    कूट्टू के आटे में मिलाइये, थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर, आटे को घोलते जाइये, गुठलियां नहीं पड़नी चाहिए। घोल को अधिक गाढ़ा और अधिक पतला मत कीजिये। घोल को 15 मिनट के लिये ढककर रख दीजिये।
    घोल में 1 छोटा चम्मच नमक, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च और एक टेबल स्पून कतरा हुआ हरा धनिया मिला लीजिये। तवा गैस पर रखिये, गरम कीजिये, एक बड़ा चमचा घोल तवे पर डालिये और चमचे से गोल गोल चलाते हुये पतला चीला फैलाइये।
    चीले की निचली सतह ब्राउन होने तक सेक कर पलट दीजिये। दूसरी तरफ भी ब्राउन होने तक सेकिये। चीला तवे से उतारकर प्लेट में रखी कटोरी के ऊपर रखिये। सारे चीले इसी तरह बनाकर तैयार कर लीजिये। कूट्टू के चीले तैयार हैं इन्हैं आप गरम गरम फ्राई आलू या दही के साथ खाइये।
     
  • नवरात्रि में करें इन चमत्कारी मंत्रों का जाप

    मां दुर्गा के इन मंत्रों का करें जाप 

    1. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
    दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।


    2. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

    या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

    या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

    या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

    या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

    या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

    या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

    3. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
    शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

    4. नवार्ण मंत्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ का जाप अधिक से अधिक अवश्‍य करें.

    5. पिण्डज प्रवरा चण्डकोपास्त्रुता।
    प्रसीदम तनुते महिं चंद्रघण्टातिरुता।।
    पिंडज प्रवररुधा चन्दकपास्कर्युत । प्रसिदं तनुते महयम चंद्रघंतेति विश्रुत।

  • व्रत में क्या खाएं जिससे मोटापा कम हो जाए

    1- ड्राई फ्रूटस और नट्स- व्रत में शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है. इसके लिए ड्राई फ्रूट्स जरूर खाएं. ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर में गुड फैट बढ़ता है. आप व्रत में दिनभर में अपनी पसंद के 1 मुट्ठी नट्स खा सकते हैं. इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलेगी और काफी देर तक भूख नहीं लगेगी. आप भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स भी खा सकते हैं. 

    2- कद्दू और लौकी- व्रत में आप कुट्टू या फिर सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी खा सकते हैं. आप इन रोटियों को कद्दू या फिर लौकी की सब्जी से खा सकते हैं. इससे आपका पेट भी भर जाएगा और वजन भी कम होगा. आप हरी मिर्च और जीरा में इन सब्जियों को कुक कर सकते हैं. लौकी खाने से तेजी से वजन कम होता है. 

    3- दही- व्रत डाइट में दही जरूर शामिल करें. दही खाने से पेट हेल्दी रहता है. इससे बॉडी डिटॉक्स होती है और दही वजन घटाने में भी मदद करता है. जो लोग रोजाना दही खाते हैं उनका इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है. व्रत में दही से मीठी लस्सी या सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा पाउडकर छाछ बनाकर पी सकते हैं. इससे शरीर को तुरंत एनर्जी मिलेगी और वजन भी कम होगा. 

    फल- सब्जियां- वेट लॉस डाइट में ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां शामिल करें. उपवास में आप अपनी पसंद के खूब सारे फल खाएं. इससे शरीर को विटामिन और मिनरल मिलेंगे. फल खाने से वेट लॉस में भी मदद मिलती है. आप सीजनल फलों को डाइट का हिस्सा बनाएं. इसके अलावा खीरा, टमाटर, गाजर और चुकंदर को सलाद के रूप में खाएं. आपका वजन तेजी से कम होगा. 

  • चैत्र नवरात्रि 2024 इन राशियों को होगा लाभ

    चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल से 17 अप्रैल 2024 तक रहेगी. इस साल चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर पृथ्वी पर आ रही है. माता रानी की नौ दिन अपने भक्तों के बीच रहकर उनकी हर परेशानी दूर करती है. यहीं कारण है कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना से लेकर आखिरी दिन राम नवमी तक हर दिन बहुत खास माना जाता है.

    इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत बेहद दुर्लभ संयोग से हो रही है, जिसका असर राशियों पर भी पड़ेगा. चैत्र नवरात्रि में तीन राशियों के भाग्य खुल जाएंगे. कारोबार के साथ करियर में भी लाभ मिलेगा. जानें कौन सी हैं वो लकी राशियां

    कर्क राशि - चैत्र नवरात्रि कर्क राशि वालों के लिए खुशियां लेकर आ रही है. आर्थिक तौर पर शुभ संयोग का लाभ मिलेगा. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में आपकी जीत होगी. इनकम के नए स्त्रोत खुलेंगे. पुराने निवेश से भी फायदा होगा और नया इनवेस्मेंट करने के लिए भी ये समय सबसे अच्छा है. नौकरी की तलाश वालों को नई जॉब के अच्छे अवसर मिल सकते हैं.  रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा. बिजनेस को लेकर यात्रा सफल होगी. प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं.

    वृषभ राशि - चैत्र नवरात्रि के शुभ योग और उसके एक दिन पहले लग रहा सूर्य ग्रहण वृषभ राशि वालों के लिए लाभदायक साबित होगा. देवी दुर्गा भी आप पर मेहरबान रहेंगी. भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. संपत्ति से जुड़ा लाभ मिल सकता है. नौकरी में तरक्की होगी, बॉस आपके काम की सराहना करेंगे. अचानक धन लाभ होगा. छात्रों का पढ़ाई में मन लगेगा. परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहने वाला है.

    मेष राशि - देवी मां की कृपा से आपको कार्य और व्यापार में बेहतर अवसर मिलेंगे. आपकी सेहत में भी सुधार आएगा. घर में शुभ कार्य बिना विघ्न के संपन्न होंगे. पिता का सहयोग आपको हर क्षेत्र में कामयाबी दिलाएगा. सुख-साधनों में वृद्धि होगी.

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