एनसीसी कैडेट्स ने दिखाया साहसिक कौशल, ग्रामीणों को टीबी के प्रति किया जागरूक
एनसीसी कैडेट्स ने दिखाया साहसिक कौशल, ग्रामीणों को टीबी के प्रति किया जागरूक
लखोली (महासमुंद)।1 सीजी नेवल यूनिट एनसीसी, रायपुर द्वारा कोडार जलाशय, महासमुंद में आयोजित 10 दिवसीय नौकायन अभियान (मेन्यू -26) के अंतर्गत आज कैडेट्स के लिए साहसिक गतिविधियों एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का आधार शिविर एनसीसी ट्रेनिंग नोड, लखोली में स्थापित किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एनसीसी निदेशालय की विभिन्न नौसेना एनसीसी इकाइयों के कुल 60 कैडेट्स उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
आज के कार्यक्रम में कैडेट्स के लिए रैपलिंग एवं पैरासेलिंग जैसी रोमांचक साहसिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स ने साहस, आत्मविश्वास, शारीरिक दक्षता एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता का प्रदर्शन किया। रोमांच और उत्साह से भरपूर इन गतिविधियों ने कैडेट्स में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार किया तथा उन्हें अपने डर पर विजय प्राप्त करने और चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, दिन के अंतिम सत्र में सामाजिक सेवा एवं सामुदायिक विकास गतिविधि के अंतर्गत निकटवर्ती ग्राम रेवा में टीबी जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को टीबी रोग के लक्षणों, समय पर जांच, नियमित उपचार एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कैडेट्स ने जागरूकता नारों एवं जनसंपर्क के माध्यम से ग्रामीणों को टीबी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा टीबी मुक्त भारत के संकल्प में सहभागी बनने का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि इस 10 दिवसीय नौकायन अभियान के दौरान प्रतिदिन सुबह के सत्र में कोडार जलाशय में नौकायन प्रशिक्षण एवं अभ्यास कराया जा रहा है, जबकि शाम के सत्र में सामाजिक सेवा एवं सामुदायिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से कैडेट्स को साहसिक प्रशिक्षण के साथ-साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
इन सभी गतिविधियों के दौरान यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर पी. अनिरुद्ध, चीफ इंस्ट्रक्टर संदीप साह, जगदीश बिष्ट पेटी ऑफिसर, ऋषिकेश लीडिंग सीमैन, एनसीसी एसोसिएट ऑफिसर्स एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास एवं साहसिक भावना का विकास करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सेवा, सामुदायिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।