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  • प्रदेश के उद्योगों द्वारा CSR मद की राशि का खर्च कहां और कैसे किया जाता ?
    विधानसभा में सीएसआर मद की राशि को लेकर सवाल जवाब के बीच यह स्पष्ट हुआ कि प्रदेश सरकार का नियंत्रण CSR मद की राशि पर नहीं है, मंत्री लखन लाल देवांगन ने सवालों के जवाब में कहा कि उद्योगों द्वारा सीएसआर राशि का खर्च राज्य शासन के देखरेख में नहीं किया जाता और ना ही राज्य शासन को इसकी कोई जानकारी होती है |
  • शिकायत लेकर आई महिला से कार्यवाही करने के बदले थानेदार ने साथ सोने की रखी शर्त
    शिकायत लेकर आई महिला से कार्यवाही करने के बदले थानेदार ने साथ सोने की रखी शर्त इनकार पड़ा महंगा - नहीं हुई fir और होना पड़ा प्रताड़ित जी हां यह सत्य घटना है छत्तीसगढ़ के एक थाने की जहां एक जवान विधवा महिला अपने साथ हुई धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की शिकायत करने गई थी | अकेली विधवा महिला को थानेदार ने कई चक्कर लगवाने के बाद आखिरकार कार्यवाही के बदले अपने साथ सोने हम बिस्तर होने की शर्त रखी | महिला सम्मान - नारियों की रक्षा कि जिन पर जिम्मेदारी है और अगर वही नारियों के साथ अपमान करने लगे तो आखिर न्याय मांगने मजबूर पीड़ित महिला कहां जाए | छत्तीसगढ़ पुलिस के कुछ अधिकारियों के कारण पूरे पुलिस महकने पर उंगलियां उठ सकती हैं | कहते हैं ना कि पुलिस के हाथ बहुत लंबे होते हैं अपराध करने के बाद अपराधी कितना भी बचने का प्रयास करें एक न एक दिन पुलिस उसे ढूंढ ही लेती है इसमें हम अपनी तरफ से एक लाइन और जोड़ देते हैं कि यदि पुलिस चाहेगी तो अपराधी बच नहीं सकता और पुलिस नहीं चाहेगी तो अपराधी कभी पकड़ा ही नहीं जा सकता | यह कहानी है एक ऐसी पीड़ित महिला की जिसके पति की मृत्यु हो चुकी है और पति की मृत्यु के बाद गम में डूबी उक्त महिला को ढाढस बंधाने, सांत्वना देने के बहाने कुछ नजदीकी जान पहचान के लोगों ने उसे तथा बच्चों को सहारा देने का आश्वासन दिया घर खर्च और बच्चों की पढ़ाई की फीस और अन्य खर्चो के लिए परेशानी से मुक्ति दिलाने का भरोसा दिलाया | पति की मृत्यु के बाद आय का कोई साधन न होने के कारण घर खर्चे में हो रही परेशानी का फायदा उठाकर इन परिचित नजदीकी लोगों ने इस पीड़ित विधवा महिला को गहने गिरवी रखकर ब्याज के रुपयों से प्रतिमाह आय का साधन बनाकर देने का झांसा देकर, भरोसे में लेकर उसके तमाम गहनों को हड़प लिया , पूर्व परिचित होने के कारण उन पर भरोसा कर अपने कीमती गहने बिना कोई लिखा पढ़ी कर, उनकी बातों में आकर उन्हें गिरवी रखने के लिए दे दिए | बस यही भरोसा इस पीड़ित महिला के लिए दुखदाई साबित हुआ क्योंकि भरोसे में दिए गए गहनों की कोई लिखा पढ़ी पीड़ित महिला ने अपने परिचितों से नहीं कराई थी जिसका फायदा इन परिचितों ने उठाया और पूरे गहने हड़प लिए और ना तो प्रतिमाह घर खर्च दिया और ना ही गहने वापस किये | अपने ही गहने अपने परिचितों से मांगने महीना सालों चक्कर लगाने के बाद थक हारकर थाने की शरण में गई इस विधवा पीड़ित महिला को थाने में भी पुलिस अधिकारियों के दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ा इसकी शिकायत पर कार्यवाही करने के बदले पुलिस अधिकारियों की नजर उसकी जवानी और उसके शरीर पर थी, थानेदार ने इस पीड़ित - परेशान महिला के अकेली होने का फायदा उठाकर उसे अपने साथ हम बिस्तर होने पर पूरे गहने दिलवाने की शर्त रखी जिसे पीड़ित विधवा महिला ने अस्वीकार कर दिया | महिला द्वारा थानेदार के साथ सोने से इनकार के बाद महिला थाने के चक्कर लगाती रही परंतु उसकी ना तो रिपोर्ट लिखी गई और ना ही उसे गहने दिलवाए गए , महिला जब भी थाने जाती पुलिस अधिकारी थाने में उसे दुर्व्यवहार करते एक अधिकारी उसे कार्यवाही होने पर हिंदू मुसलमान का दंगा हो जाएगा का के डरता था तो दूसरा अधिकारी थाने में ही सिगरेट पीते हुए उक्त पीड़ित महिला के मुंह पर सिगरेट का धुआं छोड़कर उससे छेड़छाड़ करता था सभी अधिकारी उसकी तरफ भूखी नजरों से देखते थे | उक्त पीड़ित, विधवा महिला SCP, SP आईजी सहित गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री तक से लिखित फरियाद कर चुकी है परंतु कहीं से भी उसे कोई न्याय नहीं मिला | क्योंकि थानेदार ने स्पष्ट कह दिया था कि तुम कहीं भी चले जाओ कुछ नहीं होगा जब तक मैं नहीं चाहूंगा जुर्म दर्ज नहीं होगा और वही हुआ जो थानेदार ने कहा था ना तो महिला की शिकायत पर जुर्म दर्ज किया गया और ना ही उसकी कोई सुनवाई हुई क्योंकि थानेदार की शर्त थी कि तुम्हें मेरे साथ हम बिस्तर होने पर ही उसके कीमती गहने वापस मिलेंगे | पुलिस अधिकारियों के दुर्व्यवहार और शरीर की मांग के आवाज में कार्यवाही करने की बात से तंग आकर आखिरकार जब उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तब न्यायालय ने उसके आवेदन, उसकी शिकायत एवं उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर संबंधित थाने को जुर्म दर्ज करने का आदेश दिया | माननीय न्यायालय के निर्देश पर संबंधित थाने में इस पीड़ित विधवा महिला के साथ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत करने वालों के खिलाफ जुर्म दर्ज तो हो गया परंतु फिर भी थाने के अधिकारियों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोई पहल नहीं की और उन्हें न्यायालय से जमानत लेने का पूरा अवसर प्रदान किया | संबंधित पुलिस थाने के थानेदार एवं अन्य अधिकारियों ने दस्तावेजों में हेरा फेरी कर न्यायालय में जो डायरी प्रस्तुत की इसका लाभ आरोपियों को जमानत लेने में मिला | देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सम्मान, महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को आगे बढ़ाने बेटियों को पढ़ना के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं छत्तीसगढ़ में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है डबल इंजन की सरकार है और ऐसे में महिलाओं से उन्हें न्याय देने के नाम पर उनकी शिकायत पर कार्यवाही करने के नाम पर यदि पुलिस अधिकारी शरीर की मांग करते हैं अपने साथ सोने की मांग करते हैं अपने साथ हम बिस्तर होने की शर्त रखते हैं तो महिलाएं कैसे आगे बढ़ेगी ? कैसे महिलाओं का सम्मान होगा ? कैसे महिलाओं का सशक्तिकरण होगा ? कैसे बेटियां पढ़ेंगी ? प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को संज्ञान लेकर ऐसे अधिकारियों को निलंबित कर उन पर जुर्म दर्ज कर सख्त कार्रवाई करना चाहिए तभी प्रदेश में महिलाएं निर्भीक हो सकेंगे बेटियां सुरक्षित हो सकेंगे महिलाओं को किसी मामले पर शिकायत करने न्याय मांगने थाने जाने में हिचक नहीं होगी कोई डर नहीं होगा अन्यथा इसी तरह महिलाएं थानों में प्रताड़ित होती रहेगी और किसी को पता भी नहीं चलेगा | *पीड़ित महिला, थानेदार, थाने के अन्य अधिकारियों एवं आरोपियों सहित थाने के नाम का खुलासा क्रमशः*
  •  मोदी की गारंटी - छत्तीसगढ़ में बागडोर संभालते ही प्रदेश में सुशासन का सूर्याेदय होने लगा
    *मोदी की गारंटी-छत्तीसगढ़ में सुशासन का सूर्याेदय* *21 फरवरी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्म दिवस पर विशेष* रायपुर, 19 फरवरी 2024/01 नवम्बर 2000 को भारतीय गणराज्य के 26वें राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य का उदय हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 13 दिसम्बर 2023 को प्रदेश की बागडोर संभाली। उनके बागडोर संभालते ही प्रदेश में सुशासन का सूर्याेदय होने लगा है। प्रदेश सरकार सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास ध्येय वाक्य को लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 02 माह की अल्पावधि में कई जनहितकारी फैसलों से समाज के हर वर्ग की तरक्की और खुशहाली के लिए अनेक कदम उठाए गए। सरकार की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण स्वच्छ प्रशासन और सरकारी काम-काज में पारदर्शिता लाना है। प्रदेश का हर नागरिक चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण प्रदेश सरकार की कल्याणकारी सोच से वाकिफ है। लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। अल्प अवधि में राज्य सरकार ने जनता से किए गए वादे पूर्ण करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिसके कारण प्रदेश में न्याय, राहत और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। सेवा, सुशासन, सुरक्षा एवं विकास के संकल्प को लेकर प्रदेश सरकार जनता की सेवा में दिन-रात लगी हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार ने शपथ ग्रहण करते ही पहली कैबिनेट में 18 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पक्के आवास बनाने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में कृषक उन्नति योजना के तहत सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का वादा भी निभाएगा और धान खरीदी की पारदर्शी और सुगम व्यवस्था भी की गई। इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अब तक का सर्वाधिक धान खरीदी का कीर्तिमान स्थापित हुआ है। प्रदेश सरकार द्वारा धान उपार्जन के समय-सीमा 31 जनवरी से बढ़ाकर 04 फरवरी तक करने का एक बड़ा निर्णय लिया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को इसका फायदा मिला। समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। राज्य सरकार ने युवाओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए पीएससी भर्ती परीक्षा वर्ष 2022 प्रकरण की सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को शासकीय सेवाओं में भर्ती हेतु अधिकतम आयु सीमा की छूट अवधि पांच वर्षों के लिए बढ़ा दी गई है। सरकार के इस फैसले से अनेक युवाओं को इसका लाभ मिलेगा और वे नए सिरे से हर क्षेत्र में प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस सुशासन दिवस 25 दिसम्बर को 12 लाख से अधिक किसानों के बैंक खाते में 2 साल के धान के बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रूपए की अंतर राशि अंतरित कर दी गई है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के द्वारा पीवीटीजी अर्थात् विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूहों (बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं अबुझमाड़िया) को मूलभूत सुविधाओं जैसे पक्के आवास गृह, संपर्क सड़के, छात्रावास का निर्माण, शुद्ध पेयजल, विद्युतीकरण, बहुद्देशीय केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा वनधन केन्द्रों का निर्माण, मोबाइल टॉवर की स्थापना, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल से परिपूर्ण करने की दिशा में प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 5500 रूपए प्रति मानक बोरा प्रदाय किए जाने राज्य सरकार ने निर्णय लिया है। तेन्दूपत्ता, महुआ, इमली सहित सभी लघुवनोपजों से आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार सर्वाेच्च प्राथमिकता देगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश के 50 लाख ग्रामीण परिवारों को निःशुल्क शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए नल कनेक्शन हेतु 4,500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रूपए वार्षिक सहायता राशि प्रदान करने का बजट में प्रावधान किया गया है। मातृ शक्ति का सम्मान करते हुए माताओं और बहनों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। उनकी सेहत शिक्षा और पोषण के लिए राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना लागू की है। इसके अंतर्गत 12 हजार रूपए वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ कर दिया गया है। अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, इसके तहत प्रतिवर्ष हजारों लोगों को अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयाग राज की तीर्थयात्रा कराई जाएगी। सामान्य परिवारों के लिए प्रतिमाह 400 यूनिट तक आधे दाम पर बिजली प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशन कार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा। महिलाओं का जीवन आसान बनाने में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की बड़ी भूमिका रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। छत्तीसगढ़ के प्रमुख 5 शक्तिपीठों कुदरगढ़, चन्द्रपुर, रतनपुर, दंतेवाड़ा तथा डोंगरगढ़ को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। तीन नदियों की संगम राजिम मेले की राष्ट्रीय स्तर पर पुनः पहचान दिलाने के लिए राजिम कुंभ (कल्प) का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए कटघोरा से डोगढ़गढ़ तक रेललाईन निर्माण के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए 01 लाख 47 हजार 446 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। यह बजट सभी वर्गों के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने वाले और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने वाला बजट है। अमृत काल का छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
  • लेंटाना उन्मूलन योजना पर विधानसभा में गर्मा - गर्मी - नगद भुगतान क्यों?
    *लेंटाना उन्मूलन योजना पर विधानसभा में गर्मा - गर्मी* *विधायक प्रमोद मिंज ने उठाया मामला* लेंटाना एक प्रकार की खरपतवार है जो बड़ी तेजी से जंगलों में फैल कर जंगलों को बर्बाद करती है | लेंटाना घरों को सजाने वाली एक बेल का नाम है जिसे अंग्रेज अपने बंगलो को सजाने के लिए इंग्लैंड से लाए थे और यह बिल उनके बंगलो से निकलकर जंगलों में फैल गई और हिंदुस्तान के जंगलों को इस बिल से भारी क्षति हो रही है | लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने आज विधानसभा में लेंटना उन्मूलन योजना की राशि के नगद भुगतान का मामला उठाकर स्वर किया की 2020 से 2023 के बीच लांटना उन्मूलन योजना में कार्यरत श्रमिकों को नगद भुगतान क्यों किया गया उन्होंने आरोप लगाया की नगद भुगतान के नाम पर भारी भ्रष्टाचार हुआ है और राशि का बंदरबांट हुआ है | विधायक प्रमोद मिंजने विधानसभा में मंत्री केदार कश्यप से पूछा कि क्या इस मामले को पुलिस आर्थिक अपराध इन्वेंशन ब्यूरो के हवाले किया जाएगा या नहीं ताकि पता चल सके की 75036 श्रमिकों को किए गए नगद भुगतान की राशि किन-किन तक पहुंची ? विधायक प्रमोद मिंक के सवालों का जवाब देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि लांटना उन्मूलन योजना के तहत कैंपर मध्य से 157 67 श्रमिकों को बैंक के माध्यम से भुगतान किया गया है तथा 75 हजार 36 श्रमिकों को नगद भुगतान किया गया उन्होंने बताया कि जिन श्रमिकों के निवास के 5 किलोमीटर के अंदर बैंक नहीं होते या जिनके खाते नहीं होते उन्हें कलेक्टर और वनमंडल अधिकारी द्वारा पंच सरपंच और वन समितियां की उपस्थिति में नगद भुगतान करने का प्रावधान है उसी के तहत 75 हजार 36 श्रमिकों को नगद भुगतान किया गया | वन मंत्री केदार कश्यप के जवाब से असंतुष्ट विधायक प्रमोद मिंजने कहा कि सरगुजा जिले के लगभग सभी श्रमिकों के अपने खाते हैं फिर भी नगद राशि का भुगतान समस्या पड़े हैं उन्होंने कहा कि 75 सालों में लांटना का तो उन्मूलन नहीं हुआ परंतु लेकिन लेंटना के माध्यम से बाकी चीजों का उन्मूलन हो रहा है | प्रमोद पीने आरोप लगाया कि सरगुजा जिले को इतना पिछड़ा बताना हमारा दुर्भाग्य है कि यहां बैंक नहीं है खाते नहीं है इसमें आपदा में अवसर ढूंढा गया है और इसीलिए नगद भुगतान हुआ है क्या मंत्री जी इस मामले की जांच करवाएंगे की नगद भुगतान क्यों हुआ ? विधायक प्रबोध मिंज के सवालों का जवाब देते हुए अंत में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आगे से नगद राशि से भुगतान नहीं किया जाएगा और उन्होंने इस मामले की जांच करवाने की बात कही परंतु यहां सवाल या उठना है की विधानसभा में इसकी जांच करवाने की तो बात हुई परंतु कब और कितने दिनों में इसका खुलासा वन मंत्री केदार कश्यप ने नहीं किया अब देखना यह है कि यह जांच होती भी है या नहीं ? लेंटाना उन्मूलन योजना के तहत श्रमिकों को भुगतान बैंक खातों से करने और नगद करने के आरोपी के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि लेंटाना पर सवाल महत्वपूर्ण विषय है और पीएम मोदी की सोच के अनुसार राशि का भुगतान बैंक के माध्यम से ही होना चाहिए मंत्री जी भविष्य में इसका ध्यान रखेंगे |*
  • आंगनवाड़ी केंद्र लापता : विधानसभा में उठा मामला, मंत्री को भी पता नहीं
    मस्तूरी विधानसभा विधायक दिलीप लहरिया ने आंगनबाड़ी केदो की स्थिति को लेकर विधानसभा में मंत्री लक्ष्मी रजवाडे को घेरा विधायक दिलीप लहरिया ने सवाल किया कि उनके विधानसभा के अंतर्गत आंगनबाड़ी केदो की हालत खराब है 53 आंगनबाड़ी और 6 मिनी आंगनवाड़ी किराए के भवनों में संचालित हैं दिलीप लहरिया ने मंत्री से सवाल किया कि इन किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ियों के भावनाओं की क्या स्थिति है कब तक बन जाएंगे उनके अपने भवन ? विधायक दिलीप लहरिया के सवाल पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केदो के लिए भवन बनने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही किराए के भावनाओं से उन्हें स्थानांतरित किया जाएगा | विधायक दिलीप लहरिया ने जब यह पूछा कि कब तक यह होगा या भवन बन जाएंगे तो मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह बताना संभव नहीं है कि आंगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन कब तक बन जाएगा | वहीं दूसरी ओर जब विधायक दिलीप लहरिया ने यह सवाल किया कि बाकी के 26 आंगनबाड़ी केंद्र कहां संचालित है उनके बारे में किसी को पता नहीं है कहीं वह कागजों पर तो नहीं चल रहा है तो मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब दिया कि वह शासकीय भवनों में संचालित है परंतु मंत्री यह बात नहीं पाई कि वह शासकीय भवन में चलने वाले 26 आंगनबाड़ी केंद्र किस-किस गांव के किस-किस जगह पर चल रहे हैं मतलब यह कहा जा सकता है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का भी बड़ा घोटाला चल रहा है | यह माना जा सकता है कि जो आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं वाहन किराए का भी घोटाला हो रहा है साथ ही जो 26 आंगनबाड़ी केंद्र लापता है जिनके बारे में विधायक को भी नहीं मालूम, उन 26 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को वितरित की जाने वाली सामग्रियों सहित शासन की तमाम योजनाओं का घोटाला अधिकारी कर रहे हैं !
  • रायपुर और भिलाई के आसपास के इलाकों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा
    5 सालों में जीडीपी को 5 लाख करोड़ से 10 लाख करोड़ तक पहुंचाने दोगुना करने का लक्ष्य। ० इसके लिए 10 पिलर्स का निर्धारण किया गया है। - आर्थिक विकास का केंद्र बिंदु - ज्ञान, नॉलेज। - गरीब युवा, अन्नदाता, महिलाओं के हित में कार्य। - गरीब, किसान, युवा, महिला हमारे केंद्र में है। - ऑनलाइन रॉयल्टी को हटाकर लाल फीताशाही ऑफलाइन तरीके को अपनाया गया। - हम ऑनलाइन माध्यम से सरकार के राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि करके दिखाएंगे। - विभिन्न विभागों को तकनीकी समृद्ध करने के लिए 266 करोड़ का प्रावधान। पूंजीगत व्यय में गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि। - 20 प्रतिशत कैपेक्स वृद्धि का लक्ष्य। - प्राकृतिक संसाधनों के लाभ का समान वितरण आमजनों के हित में। - ईको टूरिज्म के लिए रोडमैप तैयार करेंगे। - सरकार की सारी क्षमताओं के अतिरिक्त सुनिश्चित होगा निजी निवेश। - पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देंगे। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा। - फोकस ऑन बस्तर, सरगुजा। आर्थिक विकास की दृष्टि से मजबूत करेंगे। - आठवां स्तंभ, जीडीपी। हर क्षेत्र की विशेषताओं के अनुरूप विकाज़ सुनिश्चित करेंगे। - फोकस ऑन बस्तर एंड सरगुजा बस्तर में लघु वन उपज के प्रसंस्करण के लिए उद्योगों की स्थापना की जाएगी। - विकेंद्रीकृत विकास पॉकेट रायपुर और भिलाई के आसपास के इलाकों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा
  •  *महतारी वंदन योजना - अबतक जिले में 1 लाख 87 हजार 209 आवेदन प्राप्त
    *महतारी वंदन योजना* *अबतक जिले में 1 लाख 87 हजार 209 आवेदन प्राप्त हुए* रायपुर 08 फरवरी 2024/महतारी वंदन योजना के फॉर्म वितरण के तीसरे दिन भी महिलाओं में उत्साह दिखा। महिला एवं बाल विकास विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती निशा मिश्रा ने बताया ने बताया कि अब तक जिले मे 1 लाख 87 हजार 209 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आज 08 फरवरी को 85 हजार 748 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें रायपुर शहरी 01 से 4 हजार 409, रायपुर शहरी 02 से 10 हजार 482, धरसींवा 01 से 27 हजार 280, धरसींवा 02 से 7 हजार 760, मंदिर हसौद से 6 हजार 249, आरंग से 9 हजार 077, अभनपुर से 11 हजार 447 और तिल्दा से 9 हजार 044 आवेदन प्राप्त हुए। साथ ही अबतक 15 हजार 851 आवेदन अपलोड किए गए हैं।
  • महतारी वंदन योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु हेल्प डेस्क नं. किया गया जारी
    महतारी वंदन योजना के लिए कार्यशाला का आयोजन रायपुर - कलेक्टर डॉक्टर गौरव सिंह की अध्यक्षता मे रेडक्रास भवन में महतारी वंदन योजना की बैठक सह कार्यशाला आयोजित हुई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) द्वारा योजना एवं इसके क्रियान्वयन के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। योजना के तहत 21 वर्ष से अधिक उम्र की विवाहित/विधवा/तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला को प्रत्येक माह 1000 रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त होगी। योजना संचालन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करेगा। योजना के लिए ग्राम पंचायत/आंगनबाड़ी केन्द्र/नगरीय क्षेत्र में वार्ड स्तर पर के साथ ही परियोजना कार्यालय (मबावि) में फार्म उपलब्ध होगा। फार्म आॅनलाईन एवं आफलाईन दोनों तरह से भरे जा सकेंगे। इसके लिए शासन स्तर Portal-https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा मोबाईल एप्प जारी किया गया है। जिस पर हितग्राही स्वयं आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। योजना हेतु आवेदन दिनांक 05 फरवरी 2024 से प्राप्त किया जाएगा। योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु हेल्प डेस्क नं. 724775312 जारी किया गया है। बैठक में नगर पालिक निगम रायपुर एवं बीरगांव के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, बृजेश सिंह श्रत्रिय, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वदीप सिंह जिले के सभी अनुविभागीय अधिकार (रा.) सभी जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिले के सभी तहसीलदार, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, सभी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिक/नगर पंचायत के साथ ही महिला एवं बाल विकास के मैदानी अमलों के लोग उपस्थित थे।
  • *महतारी वंदन योजना की तिथि हुई घोषित - फटाफट भरें फार्म
    *महतारी वंदन योजना के लिए 01 मार्च 2024 से होगी लागू* *पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम होगा भुगतान* *कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिले में योजना क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक निर्देश* *आवेदन पत्र भरने की संपूर्ण प्रक्रिया होगी निःशुल्क* *योजना के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दी गई जिम्मेंदारी* रायपुर 03 फरवरी 2024/राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना को बढ़ावा देने के पूरे प्रदेश के साथ जिले में क्रियान्वित की जाएगी। यह योजना महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव द्वारा लिए गए आज वीडियो कॉफ्रेसिंग के परिपालन में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में कहा कि यह महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लागू की जा रही है। इसके लिए कार्य योजना बनाकर कार्य करें। योजना के क्रियान्वयन के लिए 03 फरवरी से सुबह 10 बजे रेडक्रॉस भवन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन की ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदारी के लिए श्री विश्वद्वीप, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायपुर एवं जिले के समस्त नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, रायपुर नोडल अधिकारी होंगे एवं जिला प्रशासन से श्री आशुतोष देवांगन, डिप्टी कलेक्टर समन्वयकर्ता अधिकारी होंगे। प्रथम चरण अंतर्गत आवेदन पत्रों के पंजीयन 05 फरवरी से लेकर 08 मार्च 2024 तक की अवधि में संपादित होने वाले विभिन्न कार्य एवं गतिविधियों की निगरानी, पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन हेतु अधिकारियों को रायपुर सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किये गये है। रायपुर शहरी 1 एवं 2 धरसीवां के लिए 1 एवं 2 एडीएम श्री देवेन्द्र पटेल, मंदिर हसौद के लिए एडीएम श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, आरंग के लिए एडीएम श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, अभनपुर के लिए एडीएम श्री नवीन ठाकुर, तिल्दा के लिए एडीएम श्री प्रकाश टण्डन को जिम्मेदारी दी गई है। योजना का क्रियान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्थानीय निकायों के सहयोग से किया जाएगा। हितग्राहियों के चिन्हांकन, सत्यापन एवं भुगतान की स्वीकृति हेतु ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एवं परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा नगर निगम क्षेत्र में आयुक्त नगर निगम तथा नगर पालिका एवं नगर परिषद क्षेत्र हेतु संबंधित सीएमओ नगरीय निकाय एवं परियोजना अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी संयुक्त रूप से सक्षम अधिकारी होंगे। योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी एवं विवाहित महिला पात्र होगें। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है, उस वर्ष की 1 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होंगी। योजनांतर्गत पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को 1000 रूपए से कम पेंशन राशि प्राप्त होने से शेष अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। महतारी वंदन योजना अंतर्गत 5 फरवरी 2024 को ऑनलाईन व ऑफ लाईन आवेदन का पंजीयन प्रारंभ होगा। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 हैं। अनन्तिम सूची 21 फरवरी 2024 को जारी की जाएगी। अनन्तिम सूची पर आपत्ति 21 से 25 फरवरी 2024 तक की जा सकती है। आपत्ति का निराकरण 26 से 29 फरवरी 2024 तक किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 1 मार्च 2024 को होगा एवं स्वीकृति पत्र 5 मार्च 2024 को जारी होगा तथा पात्र महिला हितग्राही को राशि का अंतरण 8 मार्च 2024 को किया जाएगा। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए स्व सत्यापित स्वयं की पासपोर्ट साईज फोटो, स्थानीय निवासी के संबंध में निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दस्तावेज, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड, यदि हो तो स्वयं का एवं पति का पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा जारी, वार्ड, ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। जन्म प्रमाण पत्र कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकसूची या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा स्व-घोषणा पत्र, शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाईन पोर्टल https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा मोबाईल एप के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। महतारी वंदन योजनांतर्गत जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो अपात्र होंगी। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग, उपक्रम, मण्डल, स्थानीय निकाय में स्थायी, अस्थायी, संविदा पदों पर कार्यरत प्रथम वर्ग, द्वितीय वर्ग एवं तृतीय वर्ग के अधिकारी व कर्मचारी योजनांतर्गत अपात्र होंगी। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद व विधायक तथा जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, मण्डल के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष व उपाध्यक्ष हो वही भी योजनांतर्गत अपात्र होंगी। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाईन पोर्टल तथा मोबाईल एप के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत सचिव (ग्राम प्रभारी), बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड प्रभारी के लॉगिन आईडी से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन पत्र भरने की सम्पूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क होगी। आवेदन प्रपत्र ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, परियोजना कार्यालय तथा जिले द्वारा आयोजित विशेष कैम्प में उपलब्ध होंगे। निर्धारित तिथि तक आवेदन प्राप्त होने के पश्चात अनंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। आपत्तियों को प्राप्त एवं आपत्ति निराकरण समितियों द्वारा आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार एवं परियोजना अधिकारी की समिति होगी। नगरीय क्षेत्रों हेतु तहसीलदार, सीएमओ एवं परियोजना अधिकारी की समिति होगी। नगर निगम क्षेत्र हेतु आयुक्त नगर निगम अथवा उनके प्रतिनिधि व परियोजना अधिकारी, शहरी विकास प्राधिकरण एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी की समिति होगी। आपत्तियों का निराकरण पश्चात अंतिम सूची जारी किया जाएगा। अपात्र हितग्राहियों की पृथक सूची भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। पात्र हितग्राही को स्वीकृति पत्र ग्राम सचिव व वार्ड प्रभारी द्वारा जारी किया जाएगा। यह सूची पोर्टल पर प्रदर्शित भी होगी। हितग्राही को राशि का भुगतान पात्र हितग्राही को राशि का भुगतान उनके आधार लिंक्ड डीबीटी आधारित बैंक खाते में किया जाएगा। आपत्ति निराकरण समिति द्वारा भविष्य में हितग्राही के संबंध में कोई आपत्ति प्राप्त होती है, तो उसकी जांच की जाएगी। जांच में अपात्र होने की दशा में संबंधित हितग्राही का नाम सूची से विलोपन की कार्रवाई की जाएगी। भुगतान की गयी राशि की वसूली की कार्रवाई किया जाएगा। मृतक हितग्राहियों के नाम भी समय-समय पर जानकारी प्राप्त होने पर सत्यापन पश्चात अंतिम सूची से विलोपित किया जाएगा। नाम विलोपन की कार्रवाई ग्राम पंचायत सचिव व वार्ड प्रभारी द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तर पर समीक्षा एवं निगरानी हेतु संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग में राज्य निगरानी एवं क्रियान्वयन प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। जिला स्तर पर समीक्षा एवं निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि तथा जिला ई-गवर्नेंस मैनेजर सदस्य होंगे तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सदस्य सचिव रहेंगे, योजना के सघन क्रियान्वयन हेतु सतत समीक्षा करेगी। राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल विभाग रहेगी।
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    भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज देश की दोनों संसद को संबोधित करते हुए कहा कि देश के चार मुख्य स्तंभ है, युवा शक्ति नारी शक्ति किसान और गरीब
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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बार-बार कहते रहे कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनाओ हम नक्सलवाद समाप्त कर देंगे - इससे पहले भी 2018 के चुनाव के समय भी अमित शाह ने ऐसे दावे किए थे परंतु सरकार बदलने के बाद शायद कांग्रेस की सरकार के कारण केंद्र सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सहयोग नहीं किया होगा, होगा का मतलब आप समझ लीजिए हम सिर्फ अंदेशा व्यक्त कर सकते हैं | छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल समस्या को लेकर बयान जारी किया था कि हम नक्सल समस्या समाप्त कर देंगे अब 2 महीने की सरकार को लेकर अमित शाह का सकते हैं कि हम अभी सत्ता में आए हैं डबल इंजन की सरकार बनी है धीरे-धीरे सब ठीक होगा परंतु क्या अमित शाह यह बता सकते हैं कि पिछले 15 साल के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान 5 साल डबल इंजन की सरकार रही थी तब छत्तीसगढ़ से नक्सल समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ ? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद कब-कब कैसे छत्तीसगढ़ से चरणबद्ध नक्सल समस्या समाप्त होगी या समस्या को समाप्त करने के लिए हर साल हर महीने क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे ? नक्सलियों ने टेकुलगुडम कैम्प पर किया हमला,11 जवान घायल, एक गंभीर* *घायल जवानों को चॉपर से किया गया जगदलपुर रेफर* *कोबरा बटालियन और DRG के जवानों के साथ अब भी जारी है मुठभेड़* टेकलगुड़ेम मुठभेड़ Update दिनांक 30 जनवरी, 2024 जिला सुकमा/बीजापुर* 03 जवान शाहिद हुये तथा 14 जवान घायल हुये। जिला सुकमा/बीजापुर की सीमावर्ती क्षेत्र टेकलगुड़ेम गांव में (थाना जगरगुण्डा, जिला सुकमा) नक्सल गतिविधि के ऊपर अंकुल लगाते हुये क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधा से लाभान्वित करने हेतु आज दिनांक 30 जनवरी, 2024 को नवीव सुरक्षा कैम्प स्थापित की गई।* • *कैम्प स्थापना के पश्चात् जोनागुड़ा-अलीगुड़ा क्षेत्र में गस्त सर्चिंग कर रही कोबरा/एसटीएफ/डीआरजी बल के ऊपर माओवादी द्वारा फायरिंग की गई। सुरक्षा बल द्वारा भी माओवादी फायरिंग का मूंहतोड़ जवाब देते हुये जवाबी कार्यवाही किया गया। सुरक्षा बल के बढ़ते दबाव को देखकर माओवादी जंगल का आड़ लेकर भाग गये। उक्त मुठभेड़ में 03 जवान शाहिद हुये & गोली लगी तथा 14 जवान घायल हुये। घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर है तथा ईलाज हेतु रायपुर भेजा जा रहा है।* • वर्ष 2021 में टेकलगुड़ेम के जंगल में हुये पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 23 जवानों की शहादत हुई थी l
  • कोयला और शराब के बाद अब चावल और डीएमएफ की बारी, एसीबी ने दोनों मामलों में दर्ज की FIR

    रायपुर. कोयला और शराब घोटाले के बाद एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने चावल और डीएमएफ घोटाले में FIR दर्ज की है. एजेंसी ने 16 और 17 जनवरी को अपराध दर्ज किया है. जिसमें अधिकारी नेताओं और कारोबारियों को आरोपी बनाया गया है.

    डीएमएफ फंड घोटाले में एफआईआर नंबर 01/2024 में धारा- 120-B-IPC, 409-IPC, 13(2)-PRE, 13(1)(a)-PRE और चावल घोटाले में 02/2024 में धारा 120-B-IPC, 420-IPC, 12-PRE के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

    बता दें कि कुछ महीने पहले ईडी ने दावा किया था कि छत्तीसगढ़ ‘मार्कफेड’ के पूर्व प्रबंध निदेशक और एक स्थानीय चावल मिल मालिक एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने ‘ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के फायदे’ के लिए 175 करोड़ रुपये की रिश्वत जुटाई थी.

    क्या था चावल घोटाला ?

    आरोप था कि छत्तीसगढ़ राज्य राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ लिमिटेड (मार्कफेड) के अधिकारियों के साथ मिलीभगत की और विशेष प्रोत्साहन का दुरुपयोग करने और रिश्वत में करोड़ों कमाने की साजिश रची. ईडी की जांच में यह भी पता चला कि विशेष भत्ता 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल करने के बाद 500 करोड़ रुपये के भुगतान जारी किए गए. जिससे 175 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली, जिसे रोशन चंद्राकर ने एमडी मार्कफेड की सक्रिय सहायता से एकत्र किया था.

    डीएमएफ घोटाला

    साल 2020 में प्रस्ताव तैयार कर 5050 हेक्टेयर भूमि में मक्के की फसल को प्रोत्साहित करने के नाम पर 26 अक्टूबर को एक करोड़ 99 लाख 97 हजार रुपये का हाइब्रिड मक्का बीज क्रय किया गया था. इसी तरह 2021 में फिर से उतने ही रकबे के लिए मक्का बीज खरीदे गए थे. कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इतने रकबे में मक्का लगाया ही नहीं गया था. वहीं नागरिक आपूर्ति निगम और मंडी के भी आंकड़े बताते हैं कि मक्का खरीदी पिछले दो सालों में नहीं हुई थी.

    2018 में मक्के की खरीदी नागरकि आपूर्ति निगम के माध्यम से जिले में शुरू की गई थी. दो से तीन साल मक्का खरीदा गया. इसमें अधिकतम 800 हैक्टेयर में उत्पादित मक्का खरीदा गया था. इसकी धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र से खरीदी की गई थी. लेकिन हाईब्रिड मक्का बीज क्रय कर उसे पूरे नौ तहसील में बांटने की बात कही जा रही थी.

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