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  • गुरुनानक देव जी की फोटो का राहुल गांधी द्वारा संसद में प्रदर्शन : सिख समाज की आपत्ति
    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अपने उद्बोधन के दौरान गुरु नानक देव जी की फोटो का प्रदर्शन करने पर छत्तीसगढ़ सिख समाज ने विरोध किया है | आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने उद्बोधन के दौरान भगवान शिव, गुरु नानक देव जी, ईसा मसीह, बौद्ध धर्म और जैन धर्म की फोटो दिखाकर सत्ता पक्ष पर धर्म विरोधी होने के आरोप लगाए | छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी की फोटो को राहुल गांधी द्वारा संसद के अंदर अपने राजनीतिक उपयोग के लिए प्रस्तुत कर प्रदर्शन करने का विरोध किया है | सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि अपने राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी धर्म के गुरु की फोटो का उपयोग करना किसी भी रूप में स्वीकार करने योग्य नहीं है | सांसद हो या बाहर किसी भी चर्चा - परिचर्चा या भाषण में गुरुओं के उपदेशों उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं, उनके बलिदानों के लिए उनके नाम का उपयोग करने पर सिख समाज को कोई आपत्ति नहीं है परंतु उनकी फोटो का धार्मिक कार्यक्रमों के बाहर उपयोग कतई मान्य नहीं है | सत्ता पक्ष और विपक्ष की अपनी आपसी खींचतान, आपसी विवाद और राजनीतिक लड़ाई में श्री गुरु नानक देव जी की फोटो का संसद में प्रदर्शन के लिए राहुल गांधी सिख समाज से माफी मांगे और यह भी घोषणा करें कि भविष्य में सिखों के किसी भी गुरु की फोटो का उपयोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करेंगे |
  •  पंडित प्रदीप मिश्रा ने नाक रगड़कर माफी मांगी : राधा रानी पर दिया था विवादित बयान

    राधारानी पर दिए बयान के विवाद मामले में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने नाक रगड़कर माफी मांगी है।

     

    आपको बता दें कि आज पं. प्रदीप मिश्रा अचानक बरसाना पहुंचे, जहां उन्होंने राधा रानी के सामने नाक रगड़कर माफी मांगी। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि राधा-रानी के दर्शन करने के लिए आज मैं यहां आया हूं। मैं ब्रजवासियों के प्रेम के कारण यहां आया हूं।

    पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ हुई थी महापंचायत

    पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ मथुरा में महापंचायत में बड़ा फैसला हुआ था। राधा रानी पर दिए बयान को लेकर नाराज संत-महंतों ने बरसाना मानमंदिर में महापंचायत लगाई थी। इसमें फैसला लिया गया था कि पंडित प्रदीप मिश्रा को ब्रज के किसी मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी। पंडित प्रदीप मिश्रा अगर माफी मांगने आएंगे तो बिना संत-महंतों की अनुमति के उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा।

    राधा रानी पर दिए बयान पर नाराजगी

    पंडित प्रदीप मिश्रा ने राधा रानी को लेकर बयान दिया था। इसे लेकर ब्रज के संत और राधा रानी के भक्त खफा हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा को दंड देने के लिए महापंचायत बुलाई गई थी। इसमें ब्रज के संत-महंत और दूसरे प्रदेशों से आए धर्माचार्य भी शामिल हुए थे। चर्चा के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा को ब्रज के मंदिरों में प्रवेश नहीं देने का फैसला लिया गया।

    बरसाना आकर माफी मांगने तक जारी रहेगा विरोध

    पंडित प्रदीप मिश्रा के राधा रानी को लेकर दिए बयान के बाद वृंदावन के प्रेमानंद महाराज ने विरोध जताया था। संत रितेश्वर और ज्ञानानंद महाराज ने भी पंडित मिश्रा के बयान का विरोध किया था। बरसाना आकर माफी मांगने तक संत विरोध करते रहेंगे।

    पंडित प्रदीप मिश्रा का राधा रानी पर बयान

    पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि राधा जी बरसाना की नहीं, रावल की रहने वाली थीं। बरसाना में राधा रानी के पिता की कचहरी थी, जहां वे वर्ष में एक बार आती थी। इसलिए उसे बरसाना कहा गया। श्रीकृष्ण की रानियों में कहीं भी राधा का नाम नहीं है। राधा के पति के रूप में कहीं भी श्री कृष्ण के नाम नहीं है। राधा के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था।

    पंडित प्रदीप मिश्रा पर भड़के थे प्रेमानंद महाराज

    पंडित प्रदीप मिश्रा के बयान पर वृंदावन के प्रेमानंद महाराज भड़क गए थे। उन्होंने कहा था कि कभी बरसाना गए हो, कभी देखे हो। तुम क्या जानते हो, तुम कितने ग्रंथ पढ़े हो, सिर्फ चापलूसी संसार वाले को रिझा सकते हो। राधा रानी जी के बारे में ऐसा मत बोलो उनकी शक्ति नहीं जानते हो। तुझे नरक से कोई नहीं बचा सकता। हमें गाली दो तो चलेगा। लेकिन तुम हमारे इष्ट, हमारे गुरु, हमारे धर्म के खिलाफ बोलेगे, उनका अपमान करोगे, तो हम ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम स्वयं को न्योछावर कर देंगे, तुम्हें बोलने लायक नहीं छोड़ेंगे। जैसा वेद कहते हैं, राधा और श्रीकृष्ण अलग नहीं हैं। तुझे तो शर्म आनी चाहिए।

     

    पंडित प्रदीप मिश्रा ने मांगी थी माफी

    पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि उन्होंने जो भी कहा शास्त्रों के मुताबिक कहा था। उनके वीडियो को गलत तरीके से काट-छांटकर वायरल किया गया है। प्रेमानंद महाराज को लेकर प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि वे उनके चरणों के दास हैं। अगर वे बुलाते तो प्रदीप मिश्रा दंडवत करते हुए पहुंच जाते और जवाब देकर आते। इसके साथ ही पंडित मिश्रा ने कहा था कि उनके कथन से किसी ही भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो वे क्षमा मांगते हैं।

  • प्रधानमंत्री ने जवाबदेही नाम के शब्द से अपने आप को परे कर लिया है : TS Singhdev

    *छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री TS Singhdev ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री को जवाब दे ही याद दिलाई* आज दिल्ली हवाई अड्डे पर टर्मिनल 1 की छत गिरने के दर्दनाक हादसे में कई लोगों की मृत्यु हो गई। सभी शोकसंतप्त परिवारों को मेरी संवेदनाएं। जबलपुर से दिल्ली राम मंदिर से प्रगति मैदान टनल हर ओर इंफ्रास्ट्रक्चर या तो leak हो रहा है, या ढह रहा है। हर उद्घाटन को राष्ट्रीय खबर बनाना और दुर्घटना के वक्त छुप जाना - प्रधानमंत्री ने जवाबदेही नाम के शब्द से अपने आप को परे कर लिया है। कब तक भारत की जनता ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार की गलतियों का भुगतान करती रहेगी?

     

  • लोकसभा के पहले निर्वाचित स्पीकर बने ओम बिड़ला

    एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच लोकसभा अध्यक्ष को लेकर आपसी तालमेल न होने के कारण देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा स्पीकर का चयन मतदान द्वारा हुआ अभी तक की परंपरा रही थी कि लोकसभा अध्यक्ष आम सहमति से नियुक्त होता रहा है परंतु उक्त परंपरा आज टूट गई 18वीं लोकसभा के लोकसभा अध्यक्ष पहली बार ओम बिरला निर्वचित अध्यक्ष बने हैं | यह भारत के संसदीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है की लोकसभा के स्पीकर मतदान द्वारा निर्वाचित हुए हैं | उल्लेखनीय है कि पिछले कार्यकाल में भी ओम बिरला स्पीकर थे और यह वह लगातार दोबारा स्पीकर बने हैं परंतु इस बार वह निर्वाचित स्पीकर है पिछली बार नॉमिनेट स्पीकर थे | अब बात करते हैं यहां पर विपक्ष की तो विपक्ष को यह मालूम था कि उनके पास लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है और यह बात भी नहीं थी कि एक दो सदस्यों का हेर फेर हो कि अंतरात्मा की आवाज से दो-चार सांसद इधर से उधर हो जाएं और विपक्ष का लोकसभा स्पीकर बन जाए , 57 सदस्यों का अंतर जो स्पष्ट प्रमाण था कि सत्ता पक्ष अर्थात एनडीए का प्रत्याशी ही लोकसभा स्पीकर बनेगा परंतु न जाने क्या सोच कर इंडिया गठबंधन अर्थात विपक्ष ने के सुरेश को विपक्ष की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष के प्रत्याशी के रूप में खड़ा किया? लोकसभा स्पीकर चुनाव में विपक्ष की हर तो हुई ही साथ ही संसदीय इतिहास में विपक्ष पर बिना वजह चुनाव कराकर संसदीय इतिहास में लोकसभा के स्पीकर का चुनाव सर्वसम्मति से होने के इतिहास को ब्रेक करने का आप भी लग गया |

  • गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल में क्या है खासियत ?
    गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल, नंदनवन रोड, रुंगटा कॉलेज के पास, हाथबंध रायपुर छत्तीसगढ़ गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल जो 8 एकड़ के विशाल क्षेत्र में निर्मित है, स्कूल की भव्य तीन मंजिला इमारत में नर्सरी से दसवीं तक की शिक्षा सीबीएसई पैटर्न पर दी जा रही है | इस स्कूल में 400 के करीब छात्र-छात्राएं इंग्लिश मध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें 28 जरूरतमंद निर्धन छात्र-छात्राओं को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है | पॉल्यूशन फ्री माहौल में आधुनिक तरीके से यहां छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है तथा फीस की बात करें तो बहुत ही कम फीस पर शिक्षा प्रदान कर यह स्कूल देश के विकास में सहभागी बन भागीरथी प्रयास कर रहा है | गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल में अनुभवी शिक्षकों की एक बड़ी टीम है जो यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के भविष्य को उत्कृष्ट तरीके से ज्ञान उपलब्ध कराती है | इस स्कूल में क्लास वन से ही छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाती है, व्यक्तित्व विकास एवं अंग्रेजी भाषा पर विशेष फोकस किया जाता है, पढ़ने के कौशल में सुधार के लिए पुस्तकालय सुविधा के साथ-साथ विज्ञान के लिए विशेष प्रयोगशालाओं की व्यवस्था बच्चों का ज्ञानवर्धन करने में काफी सहयोगी होती हैं | विशाल हवादार क्लासरूम, बड़ा खेल मैदान, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए आउटडोर खेल मैदान और बगीचा की भी व्यवस्था है, स्मार्ट क्लास यहां की खासियत है बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत एवं उत्कृष्ट परिणाम के कारण यह स्कूल पलकों को हर्ष प्रदान करता है| स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमति योगिता दुबे ने बताया कि स्कूल में एडमिशन लेने वाले बच्चों को फिलहाल इस वर्ष एडमिशन फीस में छूट दी जा रही है | साथ ही मंथली ट्यूशन फीस भी काफी कम है स्कूल में सभी क्लासों के लिए एडमिशन चालू है स्कूल केंपस का निरीक्षण कर अपने बच्चों के भविष्य एवं उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता, उनकी योग्यता को सामने लाने एवं मानसिक विकास के लिए एक बार अवश्य करें |
  • बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा मंत्री के पद से भी दिया इस्तीफा

    बृजमोहन अग्रवाल ने आज मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया। कैबिनेट बैठक के बाद सीएम विष्णु देव साय को सौंपा त्यागपत्र।

    उल्लेखनीय की बृजमोहन अग्रवाल ने 17 जून को विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के निवास में जाकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था परंतु उसे समय उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया था शायद वह सोच रहे थे कि वह रायपुर दक्षिण के उपचुनाव तक मंत्री पद पर बने रहेंगे परंतु ऐसा नहीं हुआ और दो दिनों बाद ही आज कैबिनेट की बैठक के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय को मंत्री पद से इस्तीफा देकर संभावनाओं पर विराम लगा दिया |

    विधानसभा सदस्यता और आज मंत्री पद से इस्तीफा के बाद बृजमोहन अग्रवाल पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक कहलाएंगे तथा आज के बाद वह पूरी तरह से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के संसद के रूप में कार्य करेंगे रायपुर लोकसभा की समस्याओं को दिल्ली में रखकर उनके निराकरण के लिए आवाज उठाएंगे |

  • सुपेबेड़ा निवासियों को फ्लोराइड युक्त दूषित पानी से कब मिलेगी मुक्ति ?*
    सुपेबेड़ा निवासियों को फ्लोराइड युक्त दूषित पानी से कब मिलेगी मुक्ति ?* *किडनी की बीमारी के कारण कब तक रहेंगे मरते ?* *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर नल जल योजना की गारंटी हुई फेल* सन 2000 में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना, 3 साल तक कांग्रेस की सरकार रही, रायपुर के पूर्व कलेक्टर अजीत जोगी प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, उसके बाद चुनाव हुए तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में बनी और छत्तीसगढ़ के पहले इलेक्टेड मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बने जो लगातार 15 सालों तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे | आप लोग सोच रहे होंगे यह सब क्यों बताया जा रहा है ? यह तो सबको पता है, परंतु हम आपको बता दें कि 3 साल के कांग्रेस के कार्यकाल और 15 साल भारतीय जनता पार्टी के शासन के बाद फिर 2018 से 2023 तक कांग्रेस का शासन छत्तीसगढ़ में रहा और इस दौरान भूपेश बघेल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे | इन 23 सालों में छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा नामक गांव के निवासी साफ पीने के पानी के अभाव में किडनी की बीमारी से मौत के शिकार होते रहे डॉक्टर रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में उन्होंने सुपरबेड़ा के फ्लोराइड युक्त पानी से ग्रामीणों की मौत पर दुख तो व्यक्त किया मुआवजा भी दिया परंतु साफ पानी पहुंचाने में उनकी योजनाएं और घोषणाएं उनके मुंह की आवाज और कागज कलम तक सीमित रह गई , सुपेबेड़ा गांव के नागरिक मजबूरी में फ्लोराइड युक्त दूषित पानी पी पीकर किडनी की बीमारी से ग्रसित होकर अपनी जान गंवा रहे हैं, ग्राम वासियों को शासन प्रशासन की तरफ से पीने का स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो रहा है, भाजपा शासन के बाद कांग्रेस सरकार के 5 सालों के दौरान भी नेता, मंत्री, डॉक्टर और अनुसंधान टीम के साथ-साथ पूर्व राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उईके ने भी इस दूषित पानी वाले गांव का दौरा कर उनकी पीड़ा को समझा और शीघ्र स्वच्छ साफ पीने के पानी की व्यवस्था करने के निर्देश राज्य शासन को दिए परंतु आज की तारीख तक भी गरियाबंद जिले के इस सुपेबेड़ा गांव में पीने का स्वच्छ साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है | गांव से करीब 2 किमी की दूरी पर तेल नदी है। इसका पानी मुहैया कराने की मांग कई बार ग्रामीण कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा में साल 2008 से लेकर 2019 तक किडनी मरीजों की संख्या 160 का आंकड़ा पार चुकी है। इनमें से 32 मरीजों की जान चली गई। पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में सुपेबेड़ा में मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन सरकार ने 2016 तक कोई ध्यान नहीं दिया। 2017 में जब मौतों की खबरें अखबारों की हेडलाइन बनीं तो सरकार जागी। तत्कालीन मंत्रियों ने दौड़ा लगाई। डॉक्टरों को भी भेजा गया। कैंप लगाए गए, गंभीर मरीजों को रायपुर रेफर किया गया। जबलपुर आइसीएमआर की टीम पहुंची। जांच में सामने आया कि पानी में ही खराबी है। इनमें फ्लोराइड समेत अन्य हानिकारक मिनरल्स पाए गए हैं, जो सीधे किडनी को इफैक्ट कर रहे हैं। तत्कालीन सरकार ने निजी अस्पतालों की मदद भी ली, लेकिन मरीजों की संख्या ने कम होने का नाम नहीं लिया। 2018 के बाद कांग्रेस की सरकार ने सुपेबेड़ा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए योजना बनाई है। करीब दो करोड़ रुपये की इस योजना से पास में बहती तेल नदी से पानी पहुंचाया जाएगा। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने यहां दौरा किया था। गांव के लोगों से बात की, समस्याएं सुनीं और फिर सरकार ने गांव वालों को स्वच्छ साफ पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया परंतु वह आश्वासन आज तक आश्वासन ही बना हुआ है | अब छत्तीसगढ़ में पुनः भारतीय जनता पार्टी का शासन है और 6 माह बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक में सुपेबेड़ा के दूषित पानी के कारण किडनी की बीमारियों की रोकथाम के लिए कार्य योजना तैयार की है, जिसके अनुसार सुपेबेड़ा में एक किडनी यूनिट आरंभ करने की व्यवस्था की जाएगी | सुपेबेड़ा के निवासियों को किडनी संबंधी समस्याओं से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मैराथन बैठक में सुपेबेड़ा गांव के लिए स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था पर कोई निर्णय नहीं लिया है, इसे इस तरह भी कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने गांव तक नदी से पिछली रमन सरकार द्वारा घोषित पाइपलाइन बिछाकर शुद्ध स्वच्छ पीने लायक पेयजल पहुंचाने की योजना की समीक्षा नहीं की और ना ही अभी की समीक्षा बैठक में सुपेबेड़ा के निवासियों को दूषित फ्लोराइड युक्त पानी से मुक्ति दिलाने की कोई नई कार्य योजना भी नहीं बनाई है | *मोदी की गारंटी यहां फेल हो रही है* देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर नल जल योजना का लाभ भी छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के सुपे बेड़ा गांव के किडनी पीड़ित निवासियों को नहीं मिला और ना ही मिलने की उम्मीद है | CG 24 News - Singhotra
  • सिख समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले दो पुलिसकर्मी हुए निलंबित - धारा 295 A के तहत जुर्म दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग

    *पुलिस सिपाहियों ने सिख युवक की पगड़ी को सिर से गिराया - बाल खींचकर डंडों से की थी पिटाई*

    आरोपी पुलिस कर्मियों पर जानबूझकर और दुर्भावना पूर्वक धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा 295 A के तहत जुर्म दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग

    महिंद्रा ट्रेवल्स के पीड़ित ड्राइवर बहादुर सिंह ने सिख समाज को पत्र लिखकर पगड़ी गिराकर जुड़ा पड़कर, बाल खींच कर, धार्मिक - सामाजिक गलियां देने, बिना वजह मारपीट करने के लिए थाना टिकरापारा के सिपाहियों के खिलाफ जानकारी देकर न्याय की मांग की |

    बहादुर सिंह की शिकायत प्राप्त होने के बाद समाज ने एक बैठक बुलाकर बहादुर सिंह के साथ टिकरापारा थाने के सिपाहियों द्वारा सिख समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने अर्थात पगड़ी गिरने और केस अर्थात बाल खींचकर अपमानित करने को गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर दोनों सिपाहियों पर धार्मिक भावनाओं के साथ छेड़छाड़ एवं खिलवाड़ करने की धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी |

    सिख समाज के सभी गुरुद्वारों के प्रधान सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहिब में एकत्रित होकर एसपी कार्यालय ना जाकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के बंगले पहुंचे, जहां गृह मंत्री विजय शर्मा ने सिख समाज के प्रतिनिधि मंडल की शिकायत को गंभीरता से सुना एवं प्रमाणित सीसीटीवी फुटेज को भी देखा | प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन सौंप कर महिंद्रा ट्रेवल्स के सिख ड्राइवर बहादुर सिंह की पगड़ी गिराकर बाल खींचकर धार्मिक विश्वासों का अपमान एवं धार्मिक भावनाओं का अपराधिक कृत्य किए जाने की धारा के तहत टिकरापारा थाने के सिपाहियों पर कार्यवाही करने की मांग की |

    उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सिख समाज के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए जाएंगे और नियमानुसार जुर्म दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी | यहां यह बताना जरूरी है कि सिख समाज द्वारा 13 जून की बैठक का समाचार सीजी 24 न्यूज़ में प्रसारित होने के बाद शासन - प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था, सिख समाज के आक्रोश को मद्दे नजर रखते हुए शासन - प्रशासन ने जांच में पाया कि सिपाहियों द्वारा पीड़ित युवक बहादुर सिंह के साथ बिना वजह मारपीट की गई थी, नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत की गई जांच के आधार पर एसएसपी संतोष सिंह द्वारा टिकरापारा थाने के सिपाही चंद्रभान भदोरिया आर क्रमांक 1433 एवं सुरजीत सिंह सिंगर आर क्रमांक 1626 को निलंबित कर लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए |

    दो सिपाहियों को लाइन अटैच करने की कार्यवाही को अपर्याप्त बताते हुए सिख समाज के प्रतिनिधि मंडल ने आरोपी पुलिस कर्मियों पर जानबूझकर और दुर्भावना पूर्वक धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा 295 A के तहत जुर्म दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की | प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहब के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत गुरुद्वारा स्टेशन रोड के प्रधान सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, अमरजीत सिंह छाबड़ा, मनमोहन सिंह सैलानी, दिलेर सिंह रंधावा, देवेंद्र सिंह रिसम, एडवोकेट मनोज छाबड़ा, मोनू सलूजा, दलजीत सिंह चावला, बंटी चावला, पाल सिंह, बलविंदर सिंह कलसी,बहादुर सिंह, गुरजीत सिंह, मनिंदर पाल भाटिया, अमितेश चड्डा, आईएस बग्गा सहित सिख समाज तथा पीड़ित सिख युवक के ड्राइवर साथी उपस्थित रहे | CG 24 News - 9301094242

  • सिख ड्राइवर की पगड़ी गिराकर, बाल खींचकर पुलिस द्वारा मारपीट से सिख समाज में रोष
    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित अंतरराज्यीय नया बस स्टैंड में विगत 9 जून को रात के समय महिंद्रा ट्रेवल्स के ड्राइवर को पुलिस वालों ने बिना कारण जमकर पीटा, उसकी पगड़ी को फेंक दिया और बाल पकड़कर मारा, सामाजिक गालियां दी और डंडों से उसके हाथ पैर, जांघों और कमर में डंडों से पिटाई की और उठाकर थाने ले गए और लॉकअप में बंद कर दिया | इतने पर भी पुलिस वालों का मन नहीं भरा तो रात को लॉकअप से निकाल कर उक्त ड्राइवर को कैमरे की नजर से बाहर ले जाकर थाने की सीढ़ियों के नीचे बेल्ट मार मार कर उसका पिछवाड़ा लाल कर दिया | पीड़ित सिख व्यक्ति बहादुर सिंह महिंद्रा ट्रेवल्स में ड्राइवर है जो अपनी ड्यूटी के बाद भाटागांव के अंतर राज्य बस अड्डे पर स्थित महिंद्रा ट्रेवल्स के ऑफिस के बाहर सोने की तैयारी कर रहा था तभी वहां तैनात टिकरापारा थाने के दो सिपाही आए और लोगों को पिछवाड़े में डंडा मार मार कर परेशान कर रहे थे | वही दोनों सिपाही जब महिंद्रा ट्रेवल्स के ड्राइवर बहादुर सिंह के पास आए तो उसने उनकी इस अश्लील और बेहूदा हरकत के लिए टोका, बस उसका टोकना ही उसके लिए भारी पड़ गया, दोनों सिपाही उसे पर पिल पड़े, उसकी पगड़ी उतार कर फेंक दी, एक सिपाही ने बहादुर सिंह का जुड़ा पड़कर बाल खींचना शुरू कर दिया और दूसरे ने उसके गले में हाथों का शिकंजा कसकर उसकी गर्दन दबा दी, जब बहादुर सिंह नामक ड्राइवर ने सिपाहियों द्वारा पगड़ी गिराने और बाल पकड़ कर खींचने को लेकर आपत्ति व्यक्त की तो दोनों सिपाहियों ने सामाजिक गालियां देते हुए उसे धमकियां देते हुए डंडों से जमकर मारपीट की | टिकरापारा थाने के दोनों सिपाहियों ने महिंद्रा ट्रेवल्स के ऑफिस के सामने और ऑफिस के अंदर बहादुर सिंह के साथ जबरदस्त मारपीट की और उसे घसीटते हुए मारपीट करते हुए पुलिस गाड़ी में डालकर टिकरापारा थाने ले गए और थाने में भी लाकअप में बंद कर दिया उसका मोबाइल भी छीन लिया, कुछ देर बाद पुन लॉकअप से निकलकर जो कृत्य इन दोनों सिपाहियों ने किया वह गंभीर आपराधिक मामले की श्रेणी में आता है | दोनों सिपाहियों ने बहादुर सिंह के हिप अर्थात पिछवाड़े में बेल्ट और डंडों से जो मारपीट की उसके पिछवाड़े ( hip) को लाल कर दिया जिसके निशान अभी नजर आ रहे हैं भयानक मारपीट के कारण उसे बैठने उठने और पैखाना जाने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ा, इस दौरान दोनों सिपाहियों ने बहादुर सिंह नामक महिंद्रा ट्रेवल्स के सिख ड्राइवर को यह भी धमकी दी की 10 - 15 लड़कों को बुलवाकर तेरे साथ अप्राकृतिक कृत्य करवा देंगे जिसे कानून की धारा में 377 का कृत्य कहा जाता है | पीड़ित बहादुर सिंह के अनुसार उसे बुरी तरह से मारपीट और प्रताड़ित करने के बाद थाना टिकरापारा पुलिस द्वारा धारा 151 के तहत कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया | जेल से छूटने के बाद महिंद्रा ट्रेवल्स के ड्राइवर बहादुर सिंह ने ड्राइवर यूनियन के सामने अपनी फरियाद रखी और ड्राइवर यूनियन ने मिलकर एक लिखित शिकायत जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक को देकर पुलिस सिपाहियों पर कार्यवाही की मांग की | बहादुर सिंह ने सिख समाज को भी पत्र लिखकर पगड़ी गिरकर जुड़ा पड़कर बाल खींच कर धार्मिक - सामाजिक गलियां देने, बिना वजह मारपीट करने के लिए थाना टिकरापारा के दोनों सिपाहियों के खिलाफ जानकारी देकर न्याय की मांग की | बहादुर सिंह की शिकायत प्राप्त होने के बाद समाज ने एक बैठक बुलाकर बहादुर सिंह के साथ टिकरापारा थाने के सिपाहियों द्वारा सिख समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने अर्थात पगड़ी गिरने और केस अर्थात बाल खींचकर अपमानित करने को गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर दोनों सिपाहियों पर धार्मिक भावनाओं के साथ छेड़छाड़ एवं खिलवाड़ करने की धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी | सिख समाज के सभी गुरुद्वारों के प्रधान सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में 14 जून को शाम 5:00 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे |
  • बलौदा बाजार अग्निकांड में कांग्रेस का हाथ - मंत्रियों ने किया खुलासा
    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के कलेक्टर कार्यालय को आग के हवाले करने के मामले में छत्तीसगढ़ शासन के तीन मंत्रियों ने आज पत्रकार वार्ता लेकर मीडिया के सामने खुलासा किया है कि इस अग्निकांड में कांग्रेस का हाथ है | रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री टंक राम वर्मा, मंत्री दयाल दास बघेल एवं मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि बलोदा बाजार शासकीय कार्यालय में हुए अग्निकांड में कांग्रेस के विधायकों का हाथ है | मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा की विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रमाणों में स्पष्ट नजर आ रहा है कि विधायक देवेंद्र यादव एवं एक महिला विधायक मंच पर विराजमान है, मंत्री दयाल दास बघेल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि एक षड्यंत्र के तहत कांग्रेस ने सतनामी समाज को उकसाने का काम किया है, मंत्री दयाल दास बघेल ने यह भी कहा कि 15 हजार लोगों के लिए खाने की व्यवस्था वहां की गई थी और इसमें अधिकांश लोग बाहरी व्यक्ति थे | इस घटना में लिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी की संख्या के बारे में मंत्री ने स्पष्ट तौर पर तो नहीं बताया परंतु यह जरूर कहा कि किसी को बक्शा नहीं जाएगा न्यायिक जांच के आदेश मुख्यमंत्री द्वारा दे दिए गए हैं और इस आगजनी में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई आरोपियों से की जाएगी | अब देखने वाली बात यह है कि इस बड़े अग्निकांड के लिए कब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और मंत्रियों द्वारा जो आरोप कांग्रेसी विधायकों पर लगाए गए हैं उनकी गिरफ्तारी कब तक हो पाती है ? पत्रकार वार्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के भाजपाई मंत्रियों ने कांग्रेस के विधायकों के नाम के साथ उन पर इस अग्निकांड और तोड़फोड़ के आरोप लगाकर कांग्रेस को घेरे में लिया है| यहां यह बताना भी जरूरी है कि छत्तीसगढ़ शासन के तीन-तीन मंत्रियों ने पत्रकार वार्ता में यह कबूल किया है कि 15000 की संख्या से ज्यादा आंदोलनकारी वहां एकत्रित हो गए थे, वहां एक बहुत बड़ा पंडाल लगाकर 15 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी | अब सवाल यह उठता है कि जब वहां आंदोलन होना था और 15000 लोगों के खाने की व्यवस्था आयोजनों द्वारा की गई थी और यह आयोजक कौन थे यह तो शासन को पहले से पता होना चाहिए था ? साथ ही 15000 की संख्या से ज्यादा आंदोलनकारी वहां क्या करने वाले थे इस मामले में मंत्रियों के पास कोई जवाब नहीं था | जब उनसे पूछा गया कि राज्य सरकार का सूचना तंत्र इस बात को जान क्यों नहीं पाया ? समय रहते राज्य सरकार के सूचना तंत्र ने अधिकारियों और मंत्रियों सहित मुख्यमंत्री को कुछ अनहोनी होने की घटना का अंदेशा क्यों नहीं व्यक्त किया ? तो मंत्री दयाल दास बघेल ने गोलमोल जवाब देकर सवाल को टाल दिया | अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह न्यायिक जांच कब तक पूरी होती है ? और तब तक सतनामी समाज को शासन प्रशासन किस तरह संतुष्ट कर पाएगा ? साथ ही इस घटना में लिप्त गिरफ्तार आरोपियों पर किस प्रकार की धाराएं लगाई जाएगी ? और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी ?
  • बिलासपुर के सांसद तोखन साहू बनेंगे केंद्रीय मंत्री

    *बिग ब्रेकिंग* बिलासपुर सांसद तोखन साहू बनेंगे छत्तीसगढ़ से मंत्री पहली बार बने सांसद -  बनेंगे केंद्रीय मंत्री

    पंच से तय किया संसद तक का सफर बिलासपुर से भाजपा के सांसद चुने गए हैं तोखन साहू

    रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में छत्तीसगढ़ से बिलासपुर के सांसद तोखन साहू को स्थान मिला है. शपथ ग्रहण से पहले तोखन साहू को पीएमओ से फोन आने की बात की जानकारी मिलते ही दिल्ली में भाजपा नेताओं ने तोखन साहू को बधाइयां देनी शुरू कर दी है,

     

    लोकसभा चुनाव 2024 में स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद एनडीए गठबंधन सरकार बनाने के लिए तैयार है। नरेंद्र मोदी को गठबंधन का नेता चुन लिया गया है और वह आज रविवार शाम 7:15 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे और उनके साथ 41 अन्य सांसद भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। संभावना है कि तोखन साहू स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

  • शहीदी दिवस पर शरबत पिलाने की परंपरा :  सिक्खों के पांचवें गुरु
    सिखों के पांचवे गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर पूरे देश में सिख समाज छबील लगाकर सभी लोगों को शरबत वितरित करता है | दरअसल इस दिन श्री गुरु अर्जन देव जी को गर्म तवे पर बैठाकर ऊपर से गर्म रेत डालकर उन्हें प्रताड़ित किया गया था धर्म की खातिर उन्होंने मुस्लिम शासको की तमाम प्रताड़नाओं को सहा और उफ तक नहीं की, उनके शहीदी दिवस पर सिख समाज उनकी आत्मा की शांति के लिए देश के नागरिकों को जगह-जगह शरबत पिलाकर उन्हें नमन करता है अरदास करता कि उन्हें भी ऐसी शक्ति मिले कि वह धर्म की खातिर बलिदान होने से पीछे ना हटें |

    अपना पूरा जीवन मानव सेवा को समर्पित करने वाले, गुरु अर्जुन देव ने वर्ष 1606 में अपनी शहादत से इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय रच दिया था। गुरु अर्जुन देव जी की शहादत को ही गुरु अर्जुन देव शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह सिख धर्म के लिए महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है। इस दिन को सिख समुदाय, बलिदान और आस्था का प्रतीक मानते हैं। इसके साथ ही यह दिवस गुरु अर्जुन देव जी के जीवन, शिक्षाओं और उनके बलिदान को याद करने का अवसर भी प्रदान करता है।